राष्ट्रपति चुनाव से पहले विवेक रामास्वामी ने खुलकर खेला हिंदू कार्ड, सीना ठोककर कहा- मेरे भगवान...

Vivek Ramaswamy: भारतीय मूल के अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ने शुक्रवार को अपने 'हिंदू धर्म' पर खुलकर बात की और विस्तार से बताया, कि कैसे उनके हिंदू धर्म ने, उनकी हिंदू आस्था ने उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने के लिए प्रेरित किया और वो क्यों अगले साल अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

द डेली सिग्नल प्लेटफॉर्म द्वारा आयोजित 'द फैमिली लीडर' फोरम में एक संबोधन में भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी ने हिंदू धर्म और ईसाई धर्म की शिक्षाओं के बीच समानताएं बताते हुए कहा, कि वह अगली पीढ़ी के लाभ के लिए साझा मूल्यों को बढ़ावा देना चाहते हैं।

Vivek Ramaswamy

विवेक रामास्वामी ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, कि "मेरी हिंदू आस्था ही मुझे मेरी स्वतंत्रता देती है। मेरा विश्वास ही मुझे इस राष्ट्रपति अभियान तक ले गया... मैं एक हिंदू हूं। मेरा मानना है, कि सच्चा भगवान एक है। मेरा मानना है, कि भगवान ने हममें से प्रत्येक को एक उद्देश्य के लिए यहां भेजा है। मेरा विश्वास हमें सिखाता है, कि उस उद्देश्य को साकार करना हमारा एक कर्तव्य है, एक नैतिक कर्तव्य है। वे भगवान के उपकरण हैं, जो अलग-अलग तरीकों से हमारे माध्यम से काम करते हैं, लेकिन हम अभी भी समान हैं, क्योंकि भगवान हम में से हर किसी में निवास करते हैं। यही मेरी आस्था का मूल है।"

आपको बता दें, कि विवेक रामास्वामी ने उस वक्त एक बार फिर से अपनी हिंदू आस्था को लेकर सीना ठोककर बयान दिया है, जब डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक कई चर्चों ने उनके हिंदू होने पर सवाल उठाया है और पादरियों की तरफ से यहां तक कहा गया है, कि अगर विवेक रामास्वामी राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं, तो व्हाइट हाउस में अजीब अजीब तरह के हिन्दू भगवान आ जाएंगे।

विवाह और परिवार पर क्या बोले विवेक?

38 साल के रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की टिकट के लिए चुनावी कैम्पेन में लगे विवेक रामास्वामी ने यह भी बताया, कि कैसे उनके परिवार ने विवाह के मूल्यों और माता-पिता के प्रति सम्मान को बढ़ावा दिया।

उन्होंने कहा, कि "मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया, कि परिवार नींव है... विवाह पवित्र है। विवाह से पहले संयम ही इसका रास्ता है। व्यभिचार गलत है। विवाह एक पुरुष और एक महिला के बीच होता है। तलाक सिर्फ कोई ऐसा पसंद नहीं है, जिसे आप चुनते हैं... आप भगवान के सामने शादी करते हैं और आप भगवान और अपने परिवार के प्रति शपथ लेते हैं।"

परिवार, देशभक्ति को फिर आगे बढ़ाएंगे- रामास्वामी

विवेक रामास्वामी ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, कि "क्या मैं ऐसा राष्ट्रपति बन सकता हूं जो पूरे देश में ईसाई धर्म को बढ़ावा दे सके? मैं नहीं बन सकता...मुझे नहीं लगता कि हमें अमेरिकी राष्ट्रपति से ऐसा कराना चाहिए... लेकिन क्या मैं उन साझा मूल्यों के लिए खड़ा रहूंगा? क्या मैं ऐसा कर सकता हूं? मैं उन्हें उन उदाहरणों में बढ़ावा देता हूं, जो हम अगली पीढ़ियों के लिए निर्धारित करते हैं? आप बिल्कुल सही हैं, मैं करूंगा! क्योंकि यह मेरा कर्तव्य है, कि मैं साझा मूल्यों को बढ़ावा दूं।"

विवेक रामास्वामी ने आगे वादा किया, कि अगर वह अगले साल राष्ट्रपति चुने जाते हैं, तो संयुक्त राज्य अमेरिका में अगली पीढ़ी के लिए विश्वास, परिवार, कड़ी मेहनत और देशभक्ति को फिर से "कूल" बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

आपको बता दें, कि विवेक रामास्वामी का परिवार मूल रूप से तमिलनाडु का रहने वाला था, लेकिन बाद में वो केरल चले गये थे और फिर केरल से वो अमेरिका चले गये थे। उनकी मां एक मनोचिकित्सक थीं और उनके पिता जनरल इलेक्ट्रिक में इंजीनियर के रूप में काम करते थे।

उनके माता-पिता केरल से अमेरिका चले गए। रामास्वामी के राष्ट्रपति अभियान ने पूरे अमेरिका में ध्यान आकर्षित किया है और वह जीओपी प्राथमिक चुनावों में आगे बढ़े हैं, हालांकि समर्थन में वह अभी भी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से पीछे हैं।

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