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मिलिए कनाडा के नए 'किंगमेकर' पॉपुलर सिख लीडर जगमीत सिंह से, इनकी वजह से बनेंगे जस्टिन ट्रूडो पीएम

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ओटावा। कनाडा में चुनाव हो गए हैं और एक बार फिर से लिबरल पार्टी के नेता जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री बनने को रेडी हैं।उनकी पार्टी को बहुमत से कम सीटें मिली हैं लेकिन इसके बाद भी वह देश के अगले पीएम बनेंगे।कनाडा में बसे सिखों और पंजाबी समुदाय के बीच मशहूर ट्रूडो के लिए एक सिख नेता किंगमेकर साबित हुआ है। हम बात कर रहे हैं नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता जगमीत सिंह की जिनकी पार्टी इस बार चुनावों में उस दल के तौर पर सामने आई है जिसके बिना ट्रूडो के लिए संसद की तरफ कदम बढ़ाना कुछ मुश्किल हो सकता है।

एनडीपी की 24 सीटें तय करेंगी भविष्‍य

एनडीपी की 24 सीटें तय करेंगी भविष्‍य

एनडीपी को इन चुनावों में 24 सीटें मिली हैं और इतनी सीटों की वजह से ही अब ट्रूडो के लिए नई उम्‍मीद बन चुके हैं। अगर जगमीत अपना समर्थन दे देते हैं तो फिर ट्रूडो को अल्‍पमत वाली सरकार चलाने की जरूरत नहीं होगी। जो नतीजे आए हैं उनमें लिबरल पार्टी को 157 सीटें, विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी को 121, ब्‍लॉक क्‍यूबिकोइस को 32, एनडीपी को 24, ग्रीन पार्टी को 3 और एक सीट निर्दलीय उम्‍मीदवार को मिली है। कनाडा में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को 170 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में 13 सीटों से दूर ट्रूडो को जगमीत बड़ी मुसीबत से बाहर निकाल सकते हैं।

साल 2017 में मिली पार्टी की कमान

साल 2017 में मिली पार्टी की कमान

एनडीपी की स्‍थापना सन् 1961 में हुई थी और एक अक्‍टूबर 2017 को जगमीत ने इसकी कमान संभाली थी। इसी समय जगमीत ने साल 2019 के चुनावों में हिस्‍सा लेना का ऐलान भी कर दिया। जगमीत ने उस समय कहा था कि वह ट्रूडो की लिबरल पार्टी के खिलाफ किस्‍मत आजमाएंगे। चुनावों से पहले कुछ विश्‍लेषक उन्‍हें देश के अगले पीएम के तौर पर भी देख रहे थे। जगमीत ने साल 2001 में राजनीति में एंट्री ली थी और तब से ही वह शरणार्थियों और अप्रवासियों के हक की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। वह आंटोरियो में एनडीपी के उप नेता के तौर पर भी सेवाएं दे चुके हैं।

कनाडा में जन्‍में पहले सिख नेता

कनाडा में जन्‍में पहले सिख नेता

जगमीत का जन्‍म कनाडा में ही हुआ है। जहां देश में ज्‍यादातर सिख राजनेता भारत से आकर कनाडा में बसे हैं तो सिंह पहले ऐसे सिख नेता हैं जो यहीं जन्‍में हैं। दो जनवरी 1979 को उनका जन्‍म कनाडा के स्‍कारबोरो में हुआ था। उनके माता-पिता पंजाब से जाकर बसे थे। साल 2001 में सिंह ने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्‍टर्न ओंटारियो से बायोलॉजी में बीएससी किया था। इसके बाद साल 2005 यॉर्क यूनिवर्सिटी से उन्‍होंने लॉ की डिग्री ली। सिंह जो सूट और पगड़ी पहनते हैं, वे अब कनाडा की राजनीति का ब्रांड बन चुके हैं। साल 2017 में अमेरिकी मैगजीन जीक्‍यू के साथ इंटरव्‍यू ने बताया था कि उनके पास बहुत सी रंग-बिरंगी पगड़‍ियां हैं और उनके थ्री पीस सूट अब पॉलिटिकल ब्रांड का हिस्‍सा हैं।

 कॉलेज से ही राजनीति में सक्रिय

कॉलेज से ही राजनीति में सक्रिय

सिंह ने राजनीति की शुरुआत अपने कॉलेज के दिनों से ही कर दी थी। जब वह लॉ स्‍कूल में पढ़ रहे थे तो उसी समय उन्‍होंने बढ़ी हुई ट्यूशन फीस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। साल 2006 में वह बार काउंसिल के लिए चुने गए और ग्रेटर टोरंटो एरिया में उन्‍होंने क्रिमिनल डिफेंस लॉयर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया।सिंह सिख हैं और अपने धर्म का पूरा सम्‍मान करते हैं। लेकिन अक्‍सर उन्‍हें उनके गहरे रंग और बढ़े हुए बालों की वजह से लोगों के मजाक का सामना करना पड़ता। लोग उनके भद्दी बातें तक कहते थे।

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English summary
Indian origin Sikh leader Jagmeet Sing becomes a kingmaker in Canada after elections.
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