ट्रंप को भाया एक और भारतीय, अटॉर्नी बने रहेंगे प्रीत भरारा
राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अटॉर्नी पद पर नियुक्त किए गए प्रीत भरारा डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में रहेंगे अटॉर्नी। वर्ष 2009 में बने न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के अटॉर्नी।
न्यूयॉर्क। प्रीत भरारा जिन्हें राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2009 में न्यूयॉर्क का अटॉर्नी नियुक्त किया था, अब नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी भा गए हैं। भरारा ने खुद इस बात की जानकारी दी है कि ट्रंप के कार्यकाल में भी उनका पद बरकरार रहेगा।

ट्रंप ने मिलने के लिए बुलाया था
भारतीय मूल के भरारा की छवि काम के प्रति समर्पित व्यक्ति के तौर पर रही है। भरारा ने बताया कि निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें मुलाकात करने को कहा, क्योंकि वह न्यूयॉर्क के रहने वाले हैं।
भरारा के मुताबिक उनके ऑफिस ने पिछले सात वर्षों में जो काम किए हैं ट्रंप उनसे भलीभांति अवगत हैं।
ट्रंप ने भरारा से मांगी उनकी राय
ट्रंप भरारा से मिलकर यह जानना चाहते थे कि क्या वह अमेरिका का अटॉर्नी बना रहना चाहते हैं या नहीं। ट्रंप के मुताबिक उन्होंने पिछले सात वर्षों में बिना डर और बिना किसी का पक्ष लिए हुए काम किया है इसलिए उन्हें इस पद पर बने रहना चाहिए।
ट्रंप के साथ भरारा की मुलाकात अच्छी रही। भरारा ने ट्रंप को जवाब दिया कि निश्चित तौर पर पद पर बने रहने पर विचार करेंगे। फिर वह इस पद पर बने रहने पर सहमत हो गए।
पंजाब के फिरोजपुर में हुआ जन्म
भरारा, ट्रंप की ओर से नियुक्त अटॉर्नी जनरल सीनेटर जेफ सेशंस से भी मिल चुके हैं। सेशंस ने भरारा को उनके पद पर बने रहने को कहा था। न्यूयॉर्क के सीनेटर चार्ल्स शूमर ने इस कदम की प्रशंसा की है।
आपको बता दें कि भरारा का जन्म पंजाब के फिरोजपुर में वर्ष 1968 में पैदा हुआ था और वह न्यूजर्सी में पले-बढ़े हैं।
शलभ कुमार का बड़ा रोल
भारतीय और रिपब्लिकन हिंदु महासभा के फाउंडर शलभ कुमार शाली ट्रंप की टीम का एक अहम हिस्सा हैं। ट्रंप ने उन्हें भी अपनी ट्रांजिशन टीम में जगह दी है।
ट्रंप की जीत के पीछे शलभ कुुमार ने भी एक बड़ा अहम रोल अदा किया है। ट्रांजिशन टीम मेंं जगह मिलने के बाद ट्रंप ने शाली का शुक्रिया अदा किया।












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