आ गया कोरोना वायरस का इंडियन वैरिएंट, अमेरिका में मिला पहला मरीज, बेहद संक्रामक और जानलेवा है ये वैरिएंट

अमेरिका में कोरोना वायरस का इंडियन वैरिएंट के पहले केस की पुष्टि हो गई है। ये वैरिएंट काफी ज्यादा संक्रामक है, भारत के लिए चिंता की बात है।

वाशिंगटन/नई दिल्ली: अब तक दुनिया में कोरोना वायरस के चार वैरिएंट सामने आ चुके हैं। जिनमें दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट और ब्रिटेन का वैरिएंट काफी ज्यादा खतरनाक हैं। लेकिन, कोरोना वायरस का इंडियन वैरिएंट भी आ गया है और ये दुनिया में फैलना शुरू हो गया है। अमेरिका में कोरोना वायरस का इंडियन वैरिएंट पहली बार पाया गया है। रिसर्च के दौरान स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस वैरिएंट का पता लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक ये केस नॉदर्न कैलिफोर्निया में पाया गया है।

कोरोना का भारतीय वैरिएंट

कोरोना का भारतीय वैरिएंट

अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया में स्थित स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में रिसर्च के दौरान कोरोना वायरस के भारतीय वैरिएंट के बारे में पता चला है। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के हेल्थ केयर विभाग के प्रवक्ता लीसा किम ने कहा है कि रिसर्च के दौरान हमारे साइंटिस्ट को कोरोना वायरस के इंडियन वैरिएंट के बारे में पता चला है और अमेरिका में वायरस के भारतीय वैरिएंट का पहला केस मिला है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के इंडियन वैरिएंट ने दो बार म्यूटेशन किया है और इसमें से एक म्यूटेशन कैलिफोर्निया के स्ट्रेन में मिला है। प्रवक्ता लीसा किम के मुताबिक जिस मरीज में कोरोना वायरस का इंडियन वैरिएंट मिला है वो सैन फ्रांसिस्को के बे एरिया में रहता है और वहीं उसकी क्लिनिकल जांच की गई थी।

पिछले महिला चला था पता

पिछले महिला चला था पता

कोरोना वायरस के इंडियन वैरिएंट के बारे में पिछले महीने भारतीय स्वास्थ अधिकारियों को पता चला था। भारत में पिछले कई महीनों से कोरोना वायरस केसेस में काफी कमी आ गई थी और एक बार तो कोरोना वायरस का आंकड़ा एक दिन में 15 हजार से भी नीचे चला गया था, जिसके बाद लगने लगा कि शायद भारत ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जीत ली है। लेकिन, मार्च के बाद अचानक फिर से कोरोना केसेस में भारी उछाल आना शुरू हो गया और रविवार को पहली बार भारत में कोरोना वायरस का मामला एक लाख के आंकड़े को भी पार कर गया।

खतरनाक है भारतीय वैरिएंट

खतरनाक है भारतीय वैरिएंट

रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना वायरस का इंडियन वैरिएंट डबल म्यूटेशन कर चुका है लिहाजा ये काफी ज्यादा खतरनाक और सक्रामक है। इस वक्त दुनिया के अलग अलग हिस्से में चार वैरिएंट पहले से ही मौजूद हैं। सबसे पहले कोरोना वायरस चीन में पैदा हुआ था, जो पूरी दुनिया में फैल गया। उसके बाद ये वायरय म्यूटेट होकर दक्षिण अफ्रीका वैरिएंट और ब्रिटिश वैरिएंट भी बना। चीनी वैरिएंट के बाद ब्रिटेन का वैरिएंट आया और फिर दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट का खुलासा हुआ। वहीं, ब्रालीजियन वैरिएंट ने ब्राजील में काफी कहर बरपाया है। वैज्ञानिकों ने भारतीय वैरिएंट को भी खतरनाक कैटेगरी में डाल दिया है।

काफी मजबूत है भारतीय वैरिएंट

काफी मजबूत है भारतीय वैरिएंट

एपी में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस का भारतीय वैरिएंट काफी खतरनाक है। एपी में पब्लिश रिपोर्ट में सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा के मुताबिक 'कोरोना वायरस का भारतीय वैरिएंट ने अपने स्पाइक प्रोटीन में दो बार म्यूटेशन किया है, इसका मतलब ये हुआ कि जिस बाहरी कंटीली परत के सहारे कोरोना वायरस शरीर के अंदर प्रवेश करता है, वो और ज्यादा मजबूत हो गया है।' यानि, कोरोना वायरस अभी तक जिन लोगों को बेहद कम बीमार करता था और जो लोग मजबूत एंटीबॉडी की वजह से बच रहे थे अब ऐसे लोग इसके शिकार होंगे।

तेजी से फैलेगा भारतीय वैरिएंट

तेजी से फैलेगा भारतीय वैरिएंट

भारत में 30 दिसंबर तक ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन के वैरिएंट के जीनोम सिक्वेंसिंह के 11 हजार सेंपल लिए गये थे। जिनमें 7 फीसदी मरीज पाए गये। इन चारों वैरिएंट में सबसे संक्रामक और तेजी से फैलने वाला वैरिएंट ब्रिटेन का था। लेकिन, वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि चूंकी भारतीय वैरिएंट ने दो बार म्यूटेशन किया है, लिहाजा किसी इंसान को बीमार करने के बाद बेहद तेजी से किसी और के शरीर में प्रवेश कर सकता है। यानि, भारतीय वैरिएंट दूसरे वैरिएंट्स के मुकाबले ज्यादा संक्रामक है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक महाराष्ट्र में इस वक्त जितने केसेस आ रहे हैं, उनमें से करीब 15 से 20 प्रतिशत केस नये भारतीय वैरिएंट के हैं। यानि, भारतीय वैरिएंट ने तेजी से फैलना शुरू कर दिया है। स्थिति ये है कि भारत में अभी जितने मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से 60 फीसदी से ज्यादा कोरोना वायरस के मामले महाराष्ट्र से निकल रहे है।

ये लहर है जानलेवा

ये लहर है जानलेवा

वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है कि अगर अमेरिका में भारतीय वैरिएंट मिला है और महाराष्ट्र में 20 फीसदी के करीब भारतीय वैरिएंट वाले मरीज मिल रहे हैं, तो इसका मतलब ये हुआ कि भारत के कई राज्यों में इंडियन वैरिएंट फैल चुका है और भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की चिंता सता रही है। वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर काफी ज्यादा संक्रामक, खतरनाक और जानलेवा हो सकती है। लिहाजा लोगों को 100 फीसदी सावधानी बरतने की जरूरत है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+