प्रीत भरारा ने कहा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ हैं पर्याप्त सुबूत
वाशिंगटन। भारतीय मूल के टॉप फेडरल प्रॉसिक्यूटर प्रीत भरारा ने दावा किया है कि रूसी जांच में राष्ट्रपति पति डोनाल्ड ट्रंप की दखलंदाजी को लेकर उनके खिलाफ न्याय में बाधा डालने करने का मामला चलाने के लिए पर्याप्त सबूत है। भरारा ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाने से पहले ट्रंप ने उनके साथ एक रिश्ता बनाने ने की कोशिश की और यह ठीक वैसा ही तरीका था, जो उन्होंने एफबीआई के निदेशक जेम्स कोमी को हटाने से पहले अपनाया।

भरारा से मांगा गया था इस्तीफा
भरारा उन 45 अटॉर्नी में से एक हैं, जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में इस्तीफा देने के लिए कहा था। भरारा ने एबीसी न्यूज से कहा, ' मुझे लगता है कि ट्रंप के खिलाफ मामला शुरू करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। मेरा मानना है कि कानून में कयास लगाने वाले सभी लोगों को पता होना चाहिए कि कोई भी यह नहीं जानता कि न्याय के रास्ते में आने वालों के लिए मामला साबित होने लायक है या नहीं।' भरारा ने ट्रंप द्वारा हटाए जाने के बाद पहली बार टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मुझे यह भी लगता है कि जो मैं एक तीसरे पक्ष के तौर पर और सरकार से बाहर रहने के दौरान देख रहा हूं, उसके अनुसार यह कहने का कोई आधार नहीं है कि न्याय में बाधा नहीं डाली गई।'
वर्ष 2009 में बने अटॉर्नी
प्रीत भरारा ने ट्रंप के साथ अपनी असहज बातचीत को लेकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की सच न बोलने वाले व्यक्ति की छवि बन गई है उन्होंने कहा कि उन्हें अब भी कोई अंदाजा नहीं है कि उन्हें क्यों निकाला गया भरारा ने कहा कि उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है. वह खुशी-खुशी अपनी जिंदगी जी रहे हैं। प्रीत भरारा को राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2009 में न्यूयॉर्क का अटॉर्नी नियुक्त किया था। नवंबर 2016 में चुनाव जीतने के बाद नए राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया था कि उनके कार्यकाल में भी भरारा का पद बरकरार रहेगा। लेकिन इसी वर्ष मार्च में ट्रंप ने उन्हें उनके पद से हटा दिया था। ट्रंप का यह फैसला काफी हैरान करने वाला था।












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