2+2 dialogue: इंडो-पैसिफिक की 'आजादी' के लिए भारत-US पार्टनरशिप जरूरी, दिल्ली में बोले राजनाथ सिंह
India-US 2+2 dialogue: भारत-अमेरिका के बीच आज से 2+2 मंत्रिस्तरीय डायलॉग शुरू हुई है, जिसमें भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के बीच साझेदारी को "स्वतंत्र, खुले और नियमों से बंधे भारत-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण" बताया है।
आपको बता दें, कि भारत और अमेरिका के बीच हर साल 2+2 मंत्रिस्तरीय डायलॉग का आयोजन किया जाता है। पिछले साल जहां ये कार्यक्रम वॉशिंगटन में आयोजित किया गया था, वहीं इस साल कार्यक्रम दिल्ली में हो रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन भारत आए हैं।

दिल्ली में 2+2 dialogue
इस कार्यक्रम में भारत की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर हिस्सा ले रहे हैं।
इस कार्यक्रम के केन्द्र में इंडो-पैसिफिक में भारत और अमेरिका के बीच की पार्टनरशिप है। कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए राजनाथ सिंह के शब्दों को ही दोहराते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, कि "हम एक स्वतंत्र और खुले, समृद्ध, सुरक्षित और लचीले इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड के माध्यम से अपनी साझेदारी को मजबूत करना भी शामिल है।"
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, कि "एक महत्वपूर्ण तरीका, जिसपर हम आगे बढ़ रहे हैं, वह है समुद्री डोमेन में जागरूकता बढ़ाना, क्षेत्र के देशों के साथ उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए वाणिज्यिक उपग्रह डेटा साझा करना, उदाहरण के लिए, अवैध फ़िशिंग, समुद्री डकैती और नशीली दवाओं की तस्करी से निपटना हमारे कार्यक्रम में शामिल है।"
उन्होंने आगे कहा, कि "हम इंडो-पैसिफिक में मानवीय राहत और आपदा के समय शीघ्र प्रतिक्रिया पहुंचाने के लिए अपनी कोशिशों को कॉर्डिनेट कर रहे हैं... हम अपनी अर्थव्यवस्थाओं को और ज्यादा लचीला बनाने और समावेशी आर्थिक अवसर का विस्तार करते हुए अपने समुदायों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नवाचार की शक्ति का एक साथ उपयोग कर रहे हैं।"
एंटनी ब्लिंकन ने आगे कहा, कि "यह सेमीकंडक्टर और एडवांस जैव प्रौद्योगिकी पर सहयोग, हमारे देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा को तैनात करने में हमारे अभूतपूर्व निवेश और अंतरिक्ष में हमारे संयुक्त अनुसंधान और अन्वेषण परियोजनाओं में स्पष्ट है..।"

राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
वहीं, भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गावा करते हुए कहा, कि "भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों में आपसी हितों को काफी महत्व दिया जा रहा है और रक्षा, सुरक्षा और खुफिया सहयोग में वृद्धि देखी गई है।" राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि, "रक्षा हमारे द्विपक्षीय संबंधों के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक बनी हुई है।"
बैठक के दौरान भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा, कि "आपकी भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। विभिन्न उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, हमें महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित रखने की आवश्यकता है... हम क्षमता के क्षेत्र में और साझेदारियों के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं, जो चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं।"
जबकि, बैठक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा, कि यह "पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है, कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र विचारों का आदान-प्रदान करें, सामान्य लक्ष्य खोजें और हमारे लोगों के लिए काम करें।"

विदेश मंत्री का व्यापार पर फोकस
वहीं, भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा, कि उनकी "आज की चर्चाओं का मुख्य फोकस भारत-प्रशांत क्षेत्र होगा।"
जयशंकर ने दोनों देशों के बीच व्यापार में वृद्धि पर भी प्रकाश डाला और कहा, कि "हमारा व्यापार आज 200 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा हो चुका है... 2,70,000 भारतीय छात्र संयुक्त राज्य अमेरिका में पढ़ते हैं, और हमारे पास 44 लाख प्रवासी भारतीय अमेरिका में रहते हैं, जो यह बताता है, कि जून में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा, दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों में इस वर्ष का "मुख्य आकर्षण" थी और इसने "हमारे संबंधों में एक नया अध्याय खोला है।"
विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा, कि "हम एक साझा वैश्विक एजेंडा का निर्माण करते हुए एक दूरदर्शी साझेदारी का निर्माण कर रहे हैं। 2+2 में, हम क्रॉस-कटिंग रणनीतिक, रक्षा और सुरक्षा संबंधों, प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान का व्यापक अवलोकन करेंगे।"












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