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भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी: महामारी में जब फलस्तीन और गाजा को सबने छोड़ा, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

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नई दिल्ली/न्यूयॉर्क/गाजा: कोरोना महामारी ने वैश्विक स्थिति खराब कर दी है और खासकर वैसे देश जिनकी आर्थिक स्थिति हमेशा से खराब रही है उन देशों में कोरोना ने त्राहिमाम मचा रखा है। वही स्थिति है फलस्तीन की, जिसकी जर्जर स्वास्थ्य सुविधाओं ने लोगों का कोरोना से बचना मुहाल कर रखा है। लगातार युद्ध में फंसा रहने वाले फलस्तीन जैसे देशों के पास वैक्सीन खरीदने के लिए भी पैसे नहीं है ऐसी स्थिति में फलस्तीन की मदद के लिए भारत ने अपना हाथ आगे बढ़ाया है। भारत ने बयायदा यूनाइटेड नेशंस में कहा है कि भारत वैक्सीन की बड़ी खेप फलस्तीन की मदद के लिए भेजेगा।

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फलस्तीन की मदद करेगा हिंदुस्तान

संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के उप-स्थायी प्रतिनिधि के. नागराज नायडू ने कहा है कि भारत आने वाले हफ्तों में फलस्तीन को अनुदान के तौर पर कोरोना वैक्सीन की डोज की दूसरी खेप भेजने वाला है। भारत सरकार जल्द से जल्द फलस्तीन को कोरोना वायरस वैक्सीन की दूसरी खेप उपलब्ध करवाएगी।

UNSC में भारत सरकार की तरफ से प्रतिनिधि के.नागराज नायडू ने कहा कि 'भारत सरकार का मानना है कि महामारी के इस दौर में हर देश की मदद होनी चाहिए। भारत का मानना है कि अगर कोई भी देश महामारी के टीके लेने से वंचित रहता है तो इससे कोरोना के खिलाफ अभियान को झटका लगेगा। भारत ने पहले भी फलस्तीन को कोरोना वायरस की वैक्सीन, दवा और जरूरी मेडिकल साजो सामान उपलब्ध करवाए हैं। गाजा के लोगों पर कोरोना महामारी का असर और ज्यादा हो रहा है क्योंकि यहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहद खराब हैं और उस तरफ भी हम ध्यान दे रहे हैं। हम ध्यान दे रहे हैं कि कोरोना वैक्सीन फलस्तीन के लोगों को उपलब्ध हो जिसमें गाजा के रहने वाले लोग भी शामिल हों'

भारत ने यूनाइटेड नेशंस में दुनिया के सभी देशों के सामने कहा है कि भारत की कोशिश है कि हर देश तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाई जाए क्योंकि हर देश के हर नागरिक को जीने का हक है और वैक्सीन पर भी सभी लोगों का हक होना चाहिए। भारत ने फलस्तीन समेत कई देशों को कोरोना के दौर में मेडिकल सुविधाएं, दवाएं और वैक्सीन उपलब्ध करवाई हैं और भारत आगे भी दूसरे देशों की मदद करता रहेगा।

भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदनोम गेब्रेयसस ने दुनिया भर में कोविड-19 वैक्सीन पहुंचाने में मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की है। उन्होंने दूसरे देशों को भी भारत से सीखने की नसीहत दे दी है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने कोवैक्स के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने और 60 से ज्यादा देशों तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने के लिए भारत और प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया है। भारत के इस समर्थन से उन देशों में स्वास्थ्यकर्मियों और दूसरे प्राथमिकता वाले समूहों में टीकाकरण शुरू होना संभव हो पाया है।

अगर 25 फरवरी,2021 के आंकड़े बताएं तो देश के प्रधानमंत्री का यही जज्बा है कि भारत में 1,34,72,643 करोड़ लोगों को कोविड-19 की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। देश में 21,46,61,465 करोड़ कोरोना सैंपल की टेस्टिंग हो चुकी है। भारतीय दवा और वैक्सीन ने अब वैश्विक भरोसा हासिल किया है। ग्लोबल वैक्सीनेशन ड्राइव में भारत तो मुख्य भूमिका में आ चुका है, जबकि तमाम विकसित देश अब तक इससे पूरी तरह संभल नहीं पाए हैं। यही वजह है कि कोविड से संबंधित कोई भी मसला आता है तो आज दुनिया एकबार भारत और उसके प्रधानमंत्री की ओर जरूर उम्मीद भरी नजरों से देखने लगी है। उन्हें यकीन हो गया है कि आज नरेंद्र मोदी ही वह वर्ल्ड लीडर हैं, जो इस संकट से पूरी मानवता की रक्षा कर सकते हैं।

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English summary
India's vaccine diplomacy continues. India has said in UNSC that India will send Covid vaccine to Palestine and Gaza.
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