भारत ने हैती को भेजी मानवीय सहायता की खेप, 9 टन की चिकित्सा आपूर्ति के साथ विमान रवाना
आंतरिक हिंसा से जूझ रहे अफ्रीकी देश हैती के लिए सोमवार रात भारत ने कार्गो विमन के लिए 9 टन की सहायता सामग्री भेजी। इसको लेकर एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि हैती को भेजी कई की समग्री में चिकित्सकीय सुविधाओं से जुड़ी चीजें है।
विदेश मत्रालय ने एक बयान में कहा कि हैती के लिए 9 टन चिकित्सा आपूर्ति शामिल है, आज नई दिल्ली से पोर्ट-ऑ-प्रिंस के लिए रवाना हुई। इस खेप में रक्त आधान (blood transfusion) आवश्यक वस्तुएं, इम्यूनोहेमेटोलॉजी के लिए अभिकर्मक, रैपिड परीक्षण और एलिसा सहित अन्य शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर मानवीय सहायता के बारे में जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, "भारत हैती को मानवीय सहायता भेजता है! हैती के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए, भारत की मानवीय सहायता जिसमें 9 टन चिकित्सा आपूर्ति शामिल है, आज नई दिल्ली से पोर्ट-ऑ-प्रिंस के लिए रवाना हुई।"
विदेश मंत्रालय के पोस्ट में कहा गया है, "इस खेप में रक्त आधान आवश्यक वस्तुएं, इम्यूनोहेमेटोलॉजी के लिए अभिकर्मक, रैपिड परीक्षण और एलिसा समेत अन्य शामिल हैं।"
याचक के बजाय दानदाता की भूमिका
भारत की पड़ोसी देशों के साथ पहले से ही मजबूत नीति रही है। यही नहीं भारत संकट में फंसे सुदूर के दूसरे देशों को मानवीय आधार पर भी मदद की जाती है। भारत जैसे-जैसे तरक्की की राह पर बढ़ने लगा, यहां की सरकार ने दुनिया भर के देशों, खासकर गरीब और विकासशील देशों की मदद के लिए हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया. भारत कहीं कूटनीति के तहत दूसरे देशों की मदद के लिए हाथ बढ़ाता है तो कहीं मानवता की सच्ची सेवा में अपना योगदान देता है। एक टीवी इंटरव्यू में विदेश मंत्री एस जयशंकर साफ कहा कि भारत दुनिया के 125 देशों की मदद करता है। हालांकि इसका ढिंढोरा नहीं पीटा जाता।












Click it and Unblock the Notifications