अमेरिका में हिरासत में लिए गए छात्र, भारत ने अमेरिकी दूतावास को भेजा नोटिस
नई दिल्ली। भारत ने अमेरिकी दूतावास के सामने वीजा फ्रॉड के मामले में हिरासत में लिए गए भारतीय छात्रों के मसले पर अपना विरोध दर्ज कराया है। भारत की ओर से आपत्ति पत्र जिसे 'डेमार्श' कहते हैं, उसके जरिए अपना विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय की ओर से दूतावास को यह आपत्ति पत्र भेजा गया है और मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि भारत लगातार मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है। इस समय 129 भारतीय छात्र होमलैंड सिक्योरिटी की हिरासत में हैं।

भारत ने भेजा डेमार्श
भारत की ओर से अमेरिकी दूतावास को शनिवार को डेमार्श भेजा गया है। इस प्रक्रिया में भारत ने होमलैंड सिक्योरिटी की ओर से हिरासत में लिए गए सैंकड़ों भारतीय छात्रों के मसले पर चिंता जताई है। भारत ने इसके साथ ही अमेरिका से अपील की है कि इन छात्रों को भारतीय राजदूत से मिलने दिया जाए। अमेरिकी दूतावास की ओर से डेमार्श मिलने की पुष्टि की गई है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारत इस हालात से निबटने के लिए जरूरी सभी कदम उठा रहा है। अमेरिका में भारतीय दूतावास की ओर से एक 24 घंटे की हॉटलाइन शुरू की गई है। इस हॉटलाइन को अमेरिकी अथॉरिटीज की ओर से गिरफ्तार किए गए 129 भारतीय छात्रों की मदद करने के मकसद से शुरू किया गया है। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट की ओर से 'पे एंड स्टे' यूनिवर्सिटी वीजा घोटाले की वजह से इन छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।
600 भारतीय छात्र संकट में
पे एंड स्टे'रैकेट को भारतीयों का एक ग्रुप चला रहा था और इस घोटाले की वजह से करीब 600 भारतीय छात्रों पर संकट पैदा हो गया है। अमेरिका के इमीग्रेशन एंड कस्टम्स एंफोर्समेंट जिसे आईसीई के नाम से जानते हैं, उसने ग्रेटर डेट्रॉयट इलाके में स्थित फेक फार्मीगंटन यूनिवर्सिटी से छात्रों को गिरफ्तार किया है। डेट्रॉयट में अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की ओर से एक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया गया था। इस ऑपरेशन के तहत एक फेक यूनिवर्सिटी शुरू की गई। इस यूनिवर्सिटी के जरिए इमीग्रेशन फ्रॉड का पर्दाफाश किया गया। जांचकर्ताओं का कहना है कि जिन छात्रों ने यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था, उन्हें पता था कि यूनिवर्सिटी प्रोग्राम गैर-कानूनी था।












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