India-Israel: हाइफा और तेल अवीव में तबाही मचा सकता है ईरान, इजराइल में रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी
India-Israel: ईरान के एक अखबार ने दावा किया है, कि इस बार ईरानी हमले में इजराइल के अंदरूनी क्षेत्र को निशाना बनाया जाएगा, जिनमें हाइफा और इजराइल की राजधानी तेल अवीव पर भी हमले किए जा सकते हैं, और संघर्ष बढ़ने की आशंका को देखते हुए भारत सरकार ने 2 अगस्त को इजराइल में रहने वाले भारतीयों के लिए अपडेट एडवाइजरी जारी की है।
भारत ने जो अपडेटेड एडवाइजरी जारी की, उसमें उन्हें "अनावश्यक यात्रा" से बचने और "मौजूदा सुरक्षा स्थिति" के मद्देनजर सतर्क रहने को कहा गया है।

यह एडवाइजरी बुधवार को तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या के बाद जारी की गई है, जहां वो नए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुआ था। हालांकि इजराइल ने हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली है और अमेरिका ने इसमें किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है, लेकिन ईरान ने एक "अतिथि" की हत्या के लिए इजराइल और अमेरिका को दोषी ठहराया है और अपनी संप्रभुता के उल्लंघन के लिए "बदला" लेने की धमकी दी है।
गुरुवार को, एयर इंडिया ने भी एहतियात बरतते हुए तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे के लिए अपनी उड़ाने सस्पेंड करने का फैसला लिया है। तेल अवीव में भारतीय दूतावास की ओर से जारी की गई यह एडवाइजरी इस हफ्ते की शुरुआत में लेबनान में भारतीयों के लिए जारी की गई यात्रा सलाह के बाद आई है, जो गोलान हाइट्स में हिज्बुल्लाह के हमले के बाद इजराइली कार्रवाई के बाद आई है।
भारत सरकार की एडवाइजरी में क्या है?
भारतीय दूतावास ने अपने एडवाइजरी में कहा है, कि "क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, इजराइल में सभी भारतीय नागरिकों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा बताए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी जाती है।"
हालांकि, भारतीय एडवाइजरी में 'इस्माइल हानिया की हत्या' का कोई संदर्भ नहीं दिया गया है। लेकिन, लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए देश में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है, कि दूतावास स्थिति पर "बारीकी से नजर रख रहा है।"
आपको बता दें, कि इजराइल में करीब 18,000 भारतीय छात्र, प्रोफेशनल्स, निर्माण श्रमिक और मेडिकल स्टाफ रह रहे हैं। इस साल मार्च में, केरल के एक भारतीय नागरिक की इजराइल में मौत हो गई थी और दो लोग घायल हो गए थे, जब वे उत्तरी इजराइल में एक बाग में काम कर रहे थे और हिज्बुल्लाह ने एक रॉकेट हमला किया था।
शुक्रवार को, हमास नेता इस्माइल हानिया को कतर में दफनाया गया है और तुर्की, खाड़ी देशों, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मलेशिया सहित इस्लामी दुनिया भर के नेताओं ने उसके लिए प्रार्थना की है और उसकी अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए थे।

ईरान ने खाई है बदला लेने की कसम
इस्माइल हानिया की हत्या के बाद ईरान ने बदला लेने का आह्वान किया है और कोम मस्जिद पर "लाल झंडा" फहराया है, जो इस बात का संकेत है, कि इजरायल ने जो उसकी संप्रभुता का उल्लंघन किया है, वो उसके प्रतिशोध में जल रहा है।
इजरायल ने अभी तक हानिया की हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन घोषणा की है, कि उसने इस महीने मिसाइल हमलों में बेरूत में हिज़्बुल्लाह नेता फौद शुकुर और हमास नेता मोहम्मद देफ को मार गिराया है।
गुरुवार को, जब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने स्पष्ट रूप से कहा है, कि अमेरिका इसमें शामिल नहीं था और उन्होंने तत्काल युद्ध विराम का आह्वान किया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है, कि "हत्या शांति प्रयासों के लिए हानिकारक है।" और "इससे कोई मदद नहीं मिलेगी।"
ईरानी अखबार काहान के एक लेख में कहा गया है, कि "पिछले हमले के मुकाबले इस बार के हमले का क्षेत्र बड़ा होगा, जिसमें हाइफा और तेल अवीव जैसे क्षेत्र को निशाना बनाया जाएगा"। काहान के लेख में दावा किया गया है, कि "ईरान ने जो पिछला हमला किया था, उसमें इजराइल के कुछ क्षेत्रों को टारगेट किया गया था, लेकिन इस बार इजराइली अधिकारियों कें घरों के साथ साथ इजराइल के रणनीतिक क्षेत्रों पर भी हमले किए जाएंगे।" अखबार ने धमकी दी है, कि "इस बार का हमला इतना खतरनाक होगा, कि इजराइल के लिए उसे इंटरसेप्ट करना मुश्किल होगा।"
इसके अलावा हिज्बुल्लाह ने धमकी दी है, कि इस बार का हमला सामूहिक तौर पर भी हो सकता है और इस बार इजराइल के अंदर 'गहरा हमला' किया जाएगा। ऐसी आशंका है, कि हिज्बुल्लाह के साथ ईरान सीधे तौर पर भी इजराइल पर हमला कर सकता है, जिससे मिडिल ईस्ट में तबाही मचना तय होगा।












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