यूक्रेन युद्ध को खत्म करवाने भारत बना शांति दूत? PM मोदी के बाद रूस जाएंगे भारतीय जेम्स बॉन्ड
NSA Ajit Doval Russia Visit: यूक्रेन युद्ध को खत्म करवाने के लिए भारत ने मुहिम तेज कर दी है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा के लिए मॉस्को की यात्रा कर सकते हैं।
सूत्रों के हवाले से CNN-News18 ने बताया है, कि अजीत डोभाल की मॉस्को यात्रा, ढाई साल से भी ज्यादा पहले शुरू हुए और दुनिया को झकझोर देने वाले घातक संघर्ष को समाप्त करने में मध्यस्थ के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

भारत की शांति की कोशिशें तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ महीनों में यूक्रेन और रूस दोनों का दौरा करके शांति प्रयासों में सबसे आगे रहे हैं। जुलाई में रूस की अपनी यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपना संदेश दोहराया था, कि "यह युद्ध का युग नहीं है।" वहीं, अगस्त में, उन्होंने कीव का दौरा किया और राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने 27 अगस्त को राष्ट्रपति पुतिन से भी टेलीफोन पर बातचीत की थी। सूत्रों ने बताया, कि इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर चर्चा की, कि भारत यूक्रेन में स्थायी शांति लाने के लिए विचारों पर चर्चा करने के लिए अपने एनएसए को मॉस्को भेजेगा। बहरहाल, यह तत्काल साफ नहीं हो पाया है, कि एनएसए डोभाल रूस का दौरा कब करेंगे।
गौरतलब है, कि राष्ट्रपति पुतिन ने हाल ही में कहा है, कि वे शांति के खिलाफ नहीं हैं और 24 सितंबर 2022 को शुरू हुए संघर्ष को खत्म करने के लिए ब्राजील, चीन और भारत को संभावित मध्यस्थ के रूप में देखते हैं। इस नजरिए को इतालवी प्रधान मंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी दोहराया है, जिन्होंने भी भारत को संभावित मध्यस्थ के रूप में समर्थन दिया है, जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है। रूस और यूक्रेन की अपनी यात्राओं के बाद, पीएम मोदी ने यूक्रेन में शांति प्रयासों पर चर्चा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत की थी।
युद्ध के पहले हफ्तों में इस्तांबुल में रूसी और यूक्रेनी वार्ताकारों की मुलाकात हुई थी, लेकिन वे वार्ताएं आगे नहीं बढ़ सकीं। जमीन पर स्थिति अभी भी निराशाजनक बनी हुई है और दोनों पक्ष बयानबाज़ी तेज कर रहे हैं और नए मोर्चे खोल रहे हैं। कुछ अनुमान बताते हैं, कि युद्ध में 500,000 लोग घायल हुए या मारे गए हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है, कि उनका मानना है कि रूसी हताहतों की संख्या 300,000 है, जिसमें 120,000 मृत शामिल हैं। दूसरी ओर, इस युद्ध में अभी तक 70,000 यूक्रेनी मारे गए हैं और 100,000 से 120,000 घायल हुए हैं।












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