कुशियारा नदी के पानी को साझा करेंगे भारत और बांग्लादेश, समझौता मसौदे को दिया अंतिम रूप
भारत और बांग्लादेश ने गुरुवार को नई दिल्ली में मंत्री स्तरीय संयुक्त नदी आयोग की 38वीं बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों ने कुशियारा नदी के पानी को अंतरिम तौर पर साझा करने के लिए समझौता ज्ञापन के मसौदे को अंतिम रूप दिया।
नई दिल्ली, 26 अगस्तः भारत और बांग्लादेश ने गुरुवार को नई दिल्ली में मंत्री स्तरीय संयुक्त नदी आयोग की 38वीं बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों ने कुशियारा नदी के पानी को अंतरिम तौर पर साझा करने के लिए समझौता ज्ञापन के मसौदे को अंतिम रूप दिया। यह बैठक 12 साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित की गई थी। हालांकि जेआरसी के तहत इस मसौदे पर वार्ता समय-समय पर जारी रही। जल शक्ति मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

दोनों पक्षों ने मसौदे का किया स्वागत
इस बैठक में बांग्लादेश के जल संसाधन राज्य मंत्री जाहिद फारूख ने अपने भारतीय समकक्ष केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ मंत्रिस्तरीय वार्ता में 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। दोनों पक्षों के बीच तीन दिन तक चली बैठक में अक्टूबर 2019 में हुए ज्ञापन समझौते के अनुसार फेनी नदी के पानी को त्रिपुरा के सबरूम शहर में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जल सेवन बिंदु के डिजाइन और स्थान को अंतिम रूप देने का भी स्वागत किया। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी हित के कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें दोनों देशों के बीच नदियों के नदी जल बंटवारे, बाढ़ के आंकड़ों को साझा करना, नदी प्रदूषण पर ध्यान देना, अवसादन प्रबंधन पर संयुक्त अध्ययन करना, नदी तट के संरक्षण कार्य आदि शामिल हैं।
कैबिनेट मंत्री ने किया ट्वीट
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्विटर पर बताया, ' भारत और बांग्लादेश के बीच आज हुई बैठक में आठ और नदियों को सूची में जोड़ने पर आपसी सहमति बनी। इसके साथ ही कई मुद्दों जैसे समान्य नदियों के पानी को साझा करने, बाढ़ के आंकड़ों को साझा करने से लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की गई।' उन्होंने आगे कहा कि 12 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत और बंगलादेश के बीच मंत्री स्तरीय संयुक्त नदी आयोग (JRC) की बैठक आज हुई। दोनों देशों के बीच 54 नदियों में से सात नदियों के जल बंटवारे की रूपरेखा बनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने किया था विरोध
तीस्ता नदी विवाद भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय वार्ता का एक महत्वपूर्ण बिंदु है, क्योंकि बांग्लादेश ने भारत से तीस्ता के पानी के उचित और समान वितरण की मांग की है। सितंबर, 2011 में तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह की बांग्लादेश यात्रा के दौरान तीस्ता सौदे पर हस्ताक्षर किए जाने थे, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उठाई गई आपत्तियों के कारण अंतिम समय में इसे स्थगित कर दिया गया था। बनर्जी ने बांग्लादेश को तीस्ता नदी के पानी का बड़ा हिस्सा देने के खिलाफ कड़ा विरोध जताया था।












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