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फिनलैंड के सुप्रीम कोर्ट का अजीबो-गरीब फरमान, कहा 10 वर्ष की बच्‍ची के साथ संबंध रेप नहीं

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    हेलिंस्‍की। फिनलैंड की सुप्रीम कोर्ट ने रेप पर एक ऐसा फैसला दिया है, जिसने पूरे देश में लोगों को गुस्‍से से भर दिया है। फिनलैंड की कोर्ट ने कहा है कि 10 वर्ष की बच्‍ची और 23 वर्ष के युवक के बीच सेक्‍स रेप नहीं है। देश में बाल यौन शोषण के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रहे आलोचकों में इस फैसले को लेकर खासा गुस्‍सा देखा जा सकता है। आलोचक बाल यौन शोषण के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। फिनलैंड में साल 2016 में हुई एक घटना के तहत दायर याचिका में कोर्ट की ओर से यह फैसला दिया गया है। 

    कोर्ट ने खारिज की दलीलें

    कोर्ट ने खारिज की दलीलें

    फिनलैंड में शरण की मांग कर रहे 23 वर्ष के युवक को तीन वर्ष की सजा की मांग कर रहे अभियोजन पक्ष की दलील को भी कोर्ट में गुरुवार को खारिज कर दिया गया है। फिनलैंड की मीडिया ने इस व्‍यक्ति की पहचान जुसूफ मोहम्‍मद अबुद्दीन के तौर पर की है। हालांकि अभी यह नहीं बताया गया है कि यह व्‍यक्ति किस देश का रहने वाला है। इस व्‍यक्ति को यौन शोषण का दोषी माना गया था। अभियोजन पक्ष ने इस पर बलात्‍कार के आरोपों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी। इस व्‍यक्ति के लिए तीन साल की सजा की मांग की गई थी। कोर्ट ने असल फैसले को बदलने से साफ इनकार कर दिया है।

    साल 2016 की घटना

    साल 2016 की घटना

    घटना साल 2016 में फिनलैंड के शहर टाम्‍परे के दक्षिणी पेरकानम्‍मा में हुई थी। यहां पर एक व्‍यक्ति ने 10 वर्ष की बच्‍ची के साथ एक सूनसान जगह पर संबंध बनाए थे। इसके अलावा इस व्‍यक्ति ने बच्‍ची को कुछ अश्‍लील मैसेज भी भेजे थे। पेरकान्‍म्‍मा की डिस्ट्रिक्‍ट कोर्ट और अपील कोर्ट ने शरणार्थी को यौन शोषण का दोषी माना था। इसके साथ ही इसे तीन वर्ष की सजा साल 2017 में सुनाई गई थी। कोर्ट ने इस घटना को रेप मानने से इनकार कर दिया था। कोर्ट का कहना था कि लड़की को किसी भी तरह से सेक्‍स के लिए मजबूर नहीं किया गया था। जज ने इस व्‍यक्ति को आदेश दिया कि वह बच्‍ची को 3,000 यूरो या 3,600 अमेरिकी डॉलर बतौर जुर्माना अदा करेगा।

    पूरे देश में छिड़ी बहस

    पूरे देश में छिड़ी बहस

    कोर्ट के इस फैसले से पूरी देश में बहस छिड़ गई है। टाम्‍परे विश्‍वविद्यालय में बाल मनोवैज्ञानिक टूला टाम्मिनेन का कहना है कि किसी भी बच्‍चे को इस तरह की स्थिति के बारे में बिल्‍कुल नहीं मालूम होता है। नवंबर 2017 में फिनलैंड की नेशनल कोऑलिएशन पार्टी के सांसद केरी टोलवानेन इस बात के पक्षधर हैं कि ऐसे केसेज में लंबी सजा दी जानी चाहिए।

    मंत्री बोले बच्‍चों की सुरक्षा जरूरी

    मंत्री बोले बच्‍चों की सुरक्षा जरूरी

    मार्च में फिनलैंड के जस्टिस मिनिस्‍टर आंती हाक्‍कानेन ने कहे हैं कि बच्‍चों या नाबालिगों पर होने वाले यौन शोषण के खिलाफ कड़े कानूनों की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि इस तरह के अपराधों से बच्‍चों को सुरक्षित रखना चाहिए। उन्‍होंने बताया कि सेक्‍स अपराधों के लिए उन्‍होंने अधिकारियों से कानूनों को और कड़ा करने का प्रस्‍ताव दिया है।

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    English summary
    A court in Finland ha said that sex with a 10 year old girl is not a rape. Court's this decision has triggered outrage and critics are calling for harsher sentences for child abuse.

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