इससे अच्छा होता पाकिस्तान पर परमाणु बम ही गिरा देते : इमरान खान
पाकिस्तान में सियासी उथलपुथल के कारण इमरान खान को पीएम की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। नेशनल असेंबली भंग किए जाने के बाद इमरान खान को पाकिस्तान के पीएम पद से हटा दिया गया था।
इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावा किया है कि स्टैबलिशमेंट (Establishment) की ओर से उन्हें लगातार फोन आ रहे हैं, लेकिन वे उनसे बात नहीं कर रहे हैं। पाकिस्तान तहरीक- ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने इनका नंबर तक ब्लॉक कर दिया है। बता दें कि, पाकिस्तान में 'स्टैबलिशमेंट' का मतलब सेना के बड़े अधिकारी, नौकरशाह (Bureaucrat) और न्यायपालिका के टॉप लोग होते हैं। इमरान ने पत्रकारों से बात करते हुए आगे कहा कि, वे चुनाव के तारीखों की घोषणा होने तक किसी से बात नहीं करेंगे।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए इमरान खान ने शहबाज शरीफ पर निशाना साधते हुए कहा कि, इन्हें सत्ता में लाने से अच्छा होता कि पाकिस्तान में परमाणु बम गिरा देते। उन्होंने कहा स्टैबलिशमेंट के फोन आ रहे हैं लेकिन वे चुनाव के तारीखों की घोषणा होने तक किसी से बात नहीं करेंगे।
पत्रकार सम्मेलन में इमरान खान ने साजिश का समर्थन करने वाले लोगों से पूछा कि क्या वे पाकिस्तान के भविष्य के बारे में चिंतित नहीं हैं। उन्होंने नाराजगी भरे लहज़े में कहा कि इन लोगों को सत्ता में रखने से बेहतर होता कि वे पाकिस्तान पर परमाणु बम ही गिरा देते। पूर्व पीएम ने आगे पत्रकारों से कहा कि,उन्हें पिछले साल जून में ही साजिश की भनक लग गई थी। उन्होंने कहा कि उनके सरकार को कमजोर करने के लिए हर तरह के फैसले लिए गए।
स्टेबलिशमेंट के साथ रिश्तों पर बातचीत करते हुए इमरान खान ने कहा कि, उनके रिश्ते आखिरी दिन तक उन लोगों के साथ अच्छे थे। सिर्फ दो मामलों पर मतभेद था। पहला ये कि स्टैबलिशमेंट चाहती थी कि उस्मान बजदार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए। इमरान ने आगे कहा कि दूसरा आईएसआई चीफ को बनाने को लेकर मतभेद था।
बता दें कि पाकिस्तान में सियासी उथलपुथल के कारण इमरान खान को पीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। नेशनल असेंबली भंग किए जाने के बाद इमरान खान को पाकिस्तान के पीएम पद से हटा दिया गया था।












Click it and Unblock the Notifications