‘कुछ समय में इंग्लैंड होगा दिवालिया, पाकिस्तान से मांगेगा लोन’, अविश्वास प्रस्ताव से पहले बोले इमरान खान
अविश्वास प्रस्ताव से पहले सत्ताधारी दल पीटीआई के कम से कम पचास मंत्री राजनीतिक मोर्चे से 'लापता' हो गए हैं।
इस्लामाबाद, मार्च 26: पाकिस्तान का सियासी घमासान अपने चरम पर पहुंच चुका है और पाकिस्तान के नेता अब एक दूसरे के साथ खुलेआम गाली-गलौच करने लगे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद 'गाली गैंग' की कमान संभाल रखी है और किसी नेता को 'डीजल' तो किसी नेता को 'चूहा' कह रहे हैं। इस बीच अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग से पहले इमरान खान के 50 मंत्री गायब हो गये हैं और अब तय हो गया है, कि इमरान खान की सरकार गिर जाएगी। लेकिन, इमरान खान ने सबसे अजीब बयान जो दिया है, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे, कि उनका दिमाग फिर गया है, वो ये... कि कुछ समय बाद इंग्लैंड दिवालिया हो जाएगा और फिर पाकिस्तान इंग्लैंड को लोन देगा।

इमरान के 50 मंत्री गायब
पाकिस्तान में स्पीकर की चाल से शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव संसद में पेश नहीं हो पाया और संसद सत्र को 28 मार्च शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है, लेकिन 28 या 29 मार्च को स्पीकर को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करवानी ही होगी। लेकिन, अविश्वास प्रस्ताव से पहले सत्ताधारी दल पीटीआई के कम से कम पचास मंत्री राजनीतिक मोर्चे से 'लापता' हो गए हैं। जब से विपक्ष ने प्रधान मंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर संकट खड़ा किया है, उसके बाद से करीब 50 से ज्यादा संघीय और प्रांतीय मंत्रियों को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। सूत्रों ने बताया कि, इन मंत्रियों में से 25 संघीय और प्रांतीय सलाहकार और विशेष सहायक हैं, जबकि उनमें से चार राज्य मंत्री, चार सलाहकार और 19 विशेष सहायक हैं। पाकिस्तानी अखबरा 'ट्रिब्यून' ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, सबसे अजीब बात ये है, कि सत्ताधारी दल के कई मंत्रियों की मूक चुप्पी इन अटकलों को हवा दे रही है और सूत्रों का कहना है कि, इमरान खान के ये सहयोगी, इमरान खान के खिलाफ सही वक्त का इंतजार कर रहे हैं।

कैबिनेट के कुछ ही मंत्रियों का बचा साथ
पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अब कुछ ही कैबिनेट मंत्री बचे हैं, जो इमरान खान के साथ चट्टान की तरफ खड़े हैं, लेकिन उन चट्टानों में भी कब दरार आ जाए, कहा नहीं जा सकता है। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, सूचना मंत्री फवाद चौधरी, ऊर्जा मंत्री हम्माद अजहर, रक्षा मंत्री परवेज खट्टक और आंतरिक मंत्री शेख रशीद सबसे मुखर दिग्गजों में से हैं, जो पीएम इमरान खान के बचाव में खुद को सबसे आगे रखते हुए सरकार के समर्थन का जोरदार प्रचार कर रहे हैं, लेकिन दिक्कत ये है, कि इनमें जितने भी सहयोगी हैं, वो खुद किसी ना किसी पार्टी को छोड़कर इमरान खान से जुड़े हैं, लिहाजा उनकी विश्वसनीयता कितनी हो सकती है, कहा नहीं जा सकता है।

‘तीन चूहे नहीं कर सकते मेरा शिकार’
इमरान खान के 30 से ज्यादा सांसद सिंध हाउस में छिपे हुए हैं और 50 से ज्यादा संघीय और राज्य स्तरीय मंत्री गायब हैं, लेकिन इमरान खान अभी भी हुंकार भर रहे हैं और इमरान खान ने कहा है कि, उनकी सरकार खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव इसलिए पेश किया गया है, ताकि विपक्षी नेता 'भागने का आसान रास्ता' खोज सके। उन्होंने कहा कि, "तीन चूहे मेरा शिकार करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि इसके बजाय उनका शिकार किया जाएगा... मैं उन्हें हरा दूंगा।" मनसेहरा में एक रैली में बोलते हुए, इमरान खान ने नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ को 'चूहा नंबर एक' कहा, और कहा कि शहबाज शरीफ शेरवानी सिलवाकर पीएम बनने का सपना देख रहा है। इमरान खान ने कहा कि, "वह (शहबाज) कह रहे थे कि वह कभी भी अमेरिका को नाराज नहीं करेंगे ... जब भी वह जूते (अमेरिकी) देखते हैं, तो वह उन्हें पॉलिश करना शुरू कर देते हैं ... मैंने आज शहबाज शरीफ को 'चेरी ब्लॉसम' उपनाम दिया है।
इंग्लैंड मांगेगा पाकिस्तान से लोन
पीएम इमरान खान ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि, शरीफ परिवार के 'पाकिस्तान को लूटने' के दिन खत्म हो गए हैं। उन्होंने कहा, "शहबाज, शेरवानी जो आपने सिलवाई थी... आपको किसी और को दे देना चाहिए। अब, ये लोग केवल इंग्लैंड में अपनी राजनीति करेंगे और कुछ समय बाद इंग्लैंड पाकिस्तान से कर्ज मांगेगा, क्योंकि इंग्लैंड दिवालिया हो जाएगा।" इमरान खान ने कहा कि, हम उन लोगों की कब्र खोदेंगे जिन्होंने पाकिस्तान को लूटा और उसकी अर्थव्यवस्था को तबाह किया और एक बार उनकी कब्र खोदी जाए तो नया (नया) पाकिस्तान निकलकर सामने आएगा।" वहीं, अब इमरान खान के इंग्लैंड वाले बयान का पाकिस्तान में ही मजाक उड़ाया जा रहा है और पाकिस्तान के राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि, इमरान खान का सिर फिर गया है और अब फिजूल की बातें करने में उन्होंने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

28 मार्च तक बची कुर्सी
आपको बता दें कि, स्पीकर के गेम ने इमरान खान की कुर्सी 28 मार्च तक के लिए बचा ली है और शुक्रवार को स्पीकर ने पाकिस्तान के संसद में बहुप्रतीक्षित अविश्वास प्रस्ताव पर प्रस्ताव पेश ही नहीं होने दिया। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीकर ने एजेंडे पर अविश्वास प्रस्ताव को पेश किए बिना ही 28 मार्च (सोमवार) तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया है। विपक्ष में पूरी तैयारी कर रखी थी और शांत होकर विपक्षी नेता बैठे थे, ताकि स्पीकर को सदन स्थगित करने का एक भी मौका नहीं मिले। लेकिन, स्पीकर ने, जिन सांसदों का निधन हुआ है, उन्हें सदन में श्रद्धांजलि देकर संसद को 28 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।

पाकिस्तानी संसद का गणित जानिए
पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों के पास कुल 162 एमएनए (नेशनल एसेंबली मेंबर) हैं। 342 एमएनए वाली एसेंबली में प्रस्ताव पारित करने के लिए विपक्ष को 10 और वोटों की जरूरत है। विपक्ष, सरकार के 30 सदस्यों का समर्थन हासिल करने की भी बात कह रहा है। और समाचार लिखे जाने तक भी, इस्लामाबाद के सिंध हाउस में इमरान खान की पार्टी के 30 सांसद 'छिपे' हुए हैं, जिनको लेकर कल काफी हिंसा भी हुई थी। ऐसे में इमरान खान के लिए सरकार बचाना काफी मुश्किल साबित हो रहा है और इमरान खान भी जान गये हैं, कि अब उनकी सरकार नहीं बचेगी, लिहाजा उन्होंने अपनी नाक बचाने के लिए अब 27 मार्च को विशालकाय रैली का आह्वान किया है।












Click it and Unblock the Notifications