इमरान खान को महंगा पड़ा रूस जाना, ना इज्जत मिली ना लोन, अमेरिका से मिला 55 मिलियन डॉलर के जुर्माने का तोहफा
वॉशिंगटन, 25 फरवरी। जिस तरह से यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के माहौल के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान रूस पहुंचे उसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी सरकार ने नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तानपर 55 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। अमेरिका ने पाकिस्तान पर एंटी मनी लॉन्ड्रिंग उल्लंघन और बार-बार शिकायत के बाद भी इसका उल्लंघन के चलते यह कार्रवाई की है। फेडरल रिजर्व बोर्ड ने गुरुवार को ऐलान किया कि नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान पर 20.4 मिलियन की पेनाल्टी लगाई गई है। जबकि 35 मिलियन डॉलर का जुर्माना न्यूयॉर्क स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने लगाया है। यानि कुल मिलाकर पाकिस्तान के बैंक पर 55 मिलियन डॉलर से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।

मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
अमेरिकी सरकार का कहना है कि पाकिस्तान की बैंक की ब्रांच मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त हैं और ये लोग नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं। नेशल बैंक ऑफ पाकिस्तान के कुल राजस्व की बात करें तो यह तकरीबन 500-600 मिलियन डॉलर के आसपास रहता है। अगर इसकी तुलना में भारत के यस बैंक की बात करें तो 2-3 बिलियन डॉलर का राजस्व है। पहली बार अमेरिका ने पाकिस्तान के सरकारी बैंक के खिलाफ खुलकर कहा है कि आप मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त हैं। आपको चेतावनी दी जाती है कि आप इसे सही करें नहीं तो आगे बड़ी कार्रवाई होगी।

लोन की फिराक में रूस पहुंचे थे इमरान
दरअसल जिस तरह से रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान मास्को इमरान खान से मिलने के लिए पहुंचे उसके ठीक बाद अमेरिका ने पाकिस्तान के सरकारी बैंक पर बड़ा जुर्माना लगाया है। शायद खुद इमरान खान को भी इस बात का अंदाजा नहीं रहा होगा कि उनकी रूस यात्रा के दौरान ही रूस यूक्रेन पर हमला बोल देंगे। इमरान खान ने इस दौरे पर कोशिश की थी कि वह रूस के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर सके और रूस से कुछ उधार मिल जाए लेकिन उनकी यह कोशिश विफल रही है।

रूसी डॉक्टर से कराया कोरोना टेस्ट
दरअसल व्लादिमीर पुतिन ने इमरान खान से पहले कई नेताओं के साथ मुलाात की। इस मुलाकात के दौरान पुतिन और विदेशी नेताओं के बीच एक बड़ी सी टेबल रखी गई जिससे कि दोनों नेताओं के बीच एक निश्चित दूरी बनी रहे। फ्रांस के राष्ट्रपति, जर्मनी के चांसलर और ईरान के राष्ट्रपति के साथ भी पुतिन ने यही बर्ताव किया और उनके साथ टेबल पर एक निश्चित दूरी बनाई। इसकी वजह यह थी कि इन नेताओं ने रूसी डॉक्टर के द्वारा पीसीआर टेस्ट कराने से मना कर दिया था।

नहीं मिला लोन
लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रूसी डॉक्टर से पीसीआर टेस्ट कराने से मना नहीं किया। रूसी डॉक्टरों ने इमरान खान के नाक में सैंपल लिया और संभवत: वह निगेटिव आया होगा। जिसके बाद इमरान खान और व्लादिमीर पुतिन ने इमरान खान के साथ बिना टेबल के बैठक की और दोनों ही नेता एक दूसरे के साथ नजर आए। ऐसे में इमरान खान को उम्मीद थी कि वह इतना कुछ कर रहे हैं तो उन्हें जरूर कुछ बदले में नहीं मिलेगा लेकिन पुतिन की ओर से इस तरह का कोई आश्वासन नहीं मिला। पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान को उम्मीद थी कि रूस उसे 2 बिलियन डॉलर का लोन दे सकता है। लेकिन ऐसा हीं हुआ और पाकिस्तान को उधार नहीं मिला।

साझा बयान तक नहीं हुआ जारी
इमरान खान तकरीबन दो दशक के बाद रूस का दौरा करने पहुंचे थे लेकिन बावजूद इसके दोनों ही नेताओं की ओर से कोई भी साझा बयान नहीं जारी किया गया। जबकि आप भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के हाल की मुलाकात की बात करें तो दोनों नेताओं ने साझा बयान जारी किया था। यही नहीं पुतिन और इमरान खान के बीच क्या बात हुई इसकी भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है और ना ही गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट का जिक्र हुआ, इस पाइप लाइन में रूस भी निवेश करने वाला था।

अमेरिका ने दी दोहरी मार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का रूसी दौरा ऐसे मुश्किल समय में हुआ था जब यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध चल रहा है और अमेरिका सहित तमाम देश रूस की आलोचना कर रहे हैं। प्रधानमंत्री इमरान खान इस मुश्किल वक्त में रुस पहुंचते हैं, कोरोना टेस्ट कराते हैं और अपनी ओर से हर संभव कोशिश करते हैं कि रूस के साथ दोस्ती गहरी की जा सके और लोन मिले। लेकिन ये होना तो दूर अमेरिका की ओर से उन्हें 55 मिलियन डॉलर का जुर्माना तोहफे में जरूर मिला। यानि रूस की ओर से पाकिस्तान को कुछ हाथ नहीं लगा लेकिन अमेरिका ने साफ तौर पर बयान जारी कर कहा कि इमरान खान की रूस यात्रा पर हमारी नजर है, हमने उन्हें यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिका के रुख को लेकर जानकारी दे दी है।

पाक की बढ़ेगी मुश्किल
अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित पाकिस्तान के सरकारी बैंक पर 55 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगा दिया। बैंक पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत यह जुर्माना लगाया गया है। नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान का सहयोगी बैंक है। ऐसे में पाकिस्तान के बैंक पर इमरान खान के रूस के दौरे के बाद यह जुर्माना पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश है। अमेरिका के इस कदम को पाकिस्तान पर अमेरिका की ओर से एक सजा के तौर पर देखा जा रहा है।









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