पाकिस्तान: चुनाव आयोग के पास पैसा नहीं, इलेक्शन की तारीख भी तय नहीं, मगर इमरान कल से शुरू करेंगे कैंपेन
पाकिस्तान का चुनाव आयोग इलेक्शन कराने के लिए तैयार नहीं है। उसका खजाना खाली है। अप्रैल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने ईसीपी को 14 मई को पंजाब में चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

पकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) ने सोमवार से आधिकारिक रूप से पंजाब विधानसंभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू करने का ऐलान किया है। दिलचस्प बात ये है कि अभी तक पंजाब प्रांत में चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।
पीटीआई के महासचिव असद उमर ने रविवार को जियो न्यूज से कहा कि पीटीआई कल से आधिकारिक रूप से अपना चुनाव प्रचार शुरू करेगी। असद ने कहा, सरकार इस चुनाव के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन हमारी पार्टी इसके लिए पूरी तरह से तैयार है।
इस हफ्ते की शुरुआत में पीटीआई ने चुनाव के लिए 297 उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया था। चुनाव को लेकर अनिश्चितता के बावजूद पीटीआई ने चुनाव अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस सूबे से सबसे अधिक करीब 150 सदस्य संसद के लिए निर्वाचित होते हैं।
पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने पार्टी के टिकट वितरण में योग्यता को बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत रूप से पार्टी के सभी उम्मीदवारों का साक्षात्कार करने के बाद उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन करने के लिए इमरान ने 6-18 अप्रैल तक सभी उम्मीदवारों के साथ बैठक की थी।
इस बीच ऐसे भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि पीटीआई के भीतर टिकटों का बंटवारा ठीक से नहीं हुआ है क्योंकि पार्टी के कई हाई-प्रोफाइल नेताओं को टिकट नहीं दिया गया है। गुरुवार को पीटीआई ने पार्टी के टिकट जारी करने को लेकर आपत्तियों को दूर करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है।
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 14 मई को पंजाब में चुनाव कराने का निर्देश दिया था। इस दौरान कोर्ट ने संकेत दिया था कि अगर चुनाव टालने के बारे में सभी राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बन जाए, तो वह इस मामले में रियायत देने पर विचार कर सकता है।
इस बीच पाकिस्तान निर्वाचन आयोग चुनाव कराने के लिए संघीय सरकार से कोष मिलने का इंतजार कर रहा है। इससे पहले पाकिस्तान का चुनाव आयोग, चुनाव कराने के लिए तैयार नहीं था। इसके पीछे उसने खजाना खाली होने की बात कही थी।
4 अप्रैल को एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 10 अप्रैल तक चुनाव आयोग के लिए 21 बिलियन जारी करने और चुनावों के लिए सुरक्षा देने का निर्देश दिया था। हालांकि, पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) सरकार ने चुनाव के लिए धन जारी करने से इनकार कर दिया है, क्योंकि देश की संसद ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को न मान कर शहबाज सरकार सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रही है। इतना ही नहीं शहबाज सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए संसद में अध्यादेश तक पारित कर दिया है, जिससे अब देश में संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है।












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