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IMF ने माना- गणित में हुई गलती, 2029 नहीं, 2027 में ही भारत बन जाएगा $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था

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नई दिल्ली, मई 21: भारत में साल 2021-2022 वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 83.57 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अमृत है। इस बीच इंटरनेशनल मॉनिट्री फंड, यानि आईएमएफ ने माना है, कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर का अनुमान लगाने में उससे गलती हुई है, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि, भारत के आर्थिक विकास पर अपनी गणना में एक गलती को "सही" कर लिया गया है और कहा है, कि पहले जो ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया गया था, उसके मुकाबले भारत का ग्रोथ रेट ज्यादा है।

आईएमएफ ने मान ली गलती

आईएमएफ ने मान ली गलती

आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट को लेकर कहा है कि, उसने जो रिपोर्ट तैयार की थी, उसमें सुधार किया गया है, क्योंकि उसमें गणीतिय गलती की गई थी। आईएमएफ ने पहले अनुमान लगाते हुए कहा था, कि भारत साल 2029 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा, जबकि आईएमएफ ने अब कहा है, कि उसका पहले का अनुमान गलता था और नये अनुमान के मुताबित, भारत 2 साल पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लेगा।

आईएमफ से कैसे हुई गलती?

आईएमफ से कैसे हुई गलती?

भारत, नेपाल और भूटान के वरिष्ठ रेजिडेंट प्रतिनिधि लुइस ई ब्रेउर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि, 'आईएमएफ के कर्मचारियों ने एक डेटा इनपुट त्रुटि की खोज की, जिसके कारण अमेरिकी डॉलर में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गणना में गलती हो गई ई, जिसे ठीक कर लिया गया है।" उन्होंने कहा कि, भारतीय अर्थव्यवस्था कोविड महामारी के बाद से काफी अच्छे तरीके से सुधार कर रहा है और मार्च 2022 में भारत की रियल जीडीपी महामारी के पहले के जीडीपी के समान स्तर तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था में जो सुधार हो रहा है, उसके जारी रहने की उम्मीद है और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक खतरे भी लगातार कम हो रहे हैं, जिसमें बाहरी ताकतें भी शामिल हैं।

5 ट्रिलियन डॉलर पीएम मोदी का लक्ष्य

5 ट्रिलियन डॉलर पीएम मोदी का लक्ष्य

आपको बता दें कि, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मूल रूप से भारत के लिए 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था लक्ष्य तक पहुंचने के लिए साल 2025 निर्धारित किया था, लेकिन पिछले दो सालों में कोविड की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा और कोविड लॉकडाउन ने पीएम मोदी के उस टारगेट तक पहुंचने का लक्ष्य को बाधित कर दिया। वहीं, भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, भारत अभी भी एक बेहतर वित्तीय प्रणाली और एक मजबूत कॉर्पोरेट स्वास्थ्य के कारण बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बेहतर स्थिति में है।

कई सेक्टर में हो चुका है सुधार

कई सेक्टर में हो चुका है सुधार

वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि, भारत पहले ही बैंकिंग और अन्य क्षेत्रों में कई सुधार कर चुका है और अब सार्वजनिक निवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि, "अन्य देशों की तुलना में, उन्नत देशों में भी, मुझे लगता है कि भारत अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है क्योंकि पिछले दशक में भारत ने एक निश्चित कीमत का भुगतान किया था'। उन्होंने कहा कि, यूक्रेन युद्ध के नतीजों की वजह से फसल और ईंधन की कीमत में इजाफा हुआ है और महंगाई बढ़ने के पीछे की सबसे बड़ी वजह यही है। इससे गेहूं की कमी भी हुई और परिणामस्वरूप, कई देशों को बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, "मुद्रास्फीति इसका एक पहलू है, खाद्य सुरक्षा एक और पहलू है। शुक्र है कि भारत में हम दूसरों की तुलना में कहीं अधिक सही स्थिति से हैं। लेकिन कई देश ऐसे हैं जहां भोजन की उपलब्धता कीमत चुकाने के बाद भी कम है।"

भारत की जीडीपी का अनुमान

भारत की जीडीपी का अनुमान

आईएमएफ ने अपनी गलती में सुधार के बाद अनुमान लगाया है कि, मौजूदा कीमतों पर भारत का जीडीपी 3.5 ट्रिलियन डॉलर हो चुका है, जिसके साल 2023-24 में 3.8 ट्रिलियन डॉलर और 2024-25 में 4.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। आईएमएफ के अनुमान के अनुसार, भारत की जीडीपी वर्ष 2025-26 में 4.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी, और 2026-27 में 5.1 ट्रिलियन डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद को प्राप्त करके 5 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि आईएमएफ का अनुमान है कि, 2027-28 में सिर्फ एक साल में भारत की जीडीपी बढ़कर 5.5 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। जबकि, इससे पहले आईएमएफ ने अनुमान लगाया था, कि भारत की जीडीपी साल 2028-29 तक पांच ट्रिलियन डॉल होगी।

आईएमएफ और सरकार का एक अनुमान

आईएमएफ और सरकार का एक अनुमान

वहीं, भारत सरकार ने भी कोविड महामारी को लेकर देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य को एक साल के लए बढ़ा दिया था और नया लक्ष्य 2026-27 कर दिया था और दिलचस्प ये भी है, कि आईएमएफ का नया अनुमान भी यही है। भारत सरकार का लक्ष्य अब वित्त वर्ष 2025-26 तक या अगले वर्ष 8-9% तक जीडीपी ग्रोथ हासिल करने की है, ताकि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की तरफ तेजी से आगे बढ़ा जाए। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि, "अगर हम 8-9 प्रतिशत तक रियल जीडीपी ग्रोथ रेट बनाए रखते हैं, तो यह 8 प्रतिशत डॉलर की जीडीपी वृद्धि में तब्दील हो जाएगा। और ऐसे में हमारा अनुमान यह है कि, हमें साल 2025-26 या 2026-27 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल कर लेना चाहिए।

आईएमएफ के विकास दर का अनुमान

आईएमएफ के विकास दर का अनुमान

आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2022-23 में भारत के 8.2% बढ़ने का अनुमान लगाया है, जो रूस के यूक्रेन पर आक्रमण, ईंधन और खाद्य कीमतों में वृद्धि के कारण उच्च मुद्रास्फीति के कारण 9% के अपने पहले के पूर्वानुमान से थोड़ा कम है, जो आर्थिक विकास के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक स्पीड ब्रेकर का काम करेगा। जिसके बाद अनुमान है कि, भारत की जीडीपी 2023-24 में 6.9% की रफ्तार से बढ़ेगी, जो पहले अनुमानित 7.1% की तुलना में 2 प्रतिशत कम है। वहीं, 2024-25 और 2025-26 के दौरान भी जीडीपी के 7% बढ़ने का अनुमान है।

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English summary
IMF has admitted that it has made a mathematical mistake regarding the Indian economy, which has been corrected.
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