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ISIS के चंगुल से आजाद हुई सेक्‍स गुलाम ने सुनाई दर्दनाक कहानी, 'मुझे 7 बार खरीदा-बेचा गया'

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बगदाद। इस्‍लामिक स्‍टेट ऑफ ईराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के आतंकियों की बर्बरता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। 28 साल की एक यजिदी महिला ने उन दर्दनाक यातनाओं का जिक्र किया है। अंग्रेजी अखबार 'द गार्डियन' में छपी ए‍क रिपोर्ट के मुताबिक महिला का नाम नूर है। नूर का कहना है कि आईएसआईएस के लड़ाकों ने उसे 7 बार खरीदा और बेचा। नूर के मुताबिक उन्‍हें सेक्‍स स्‍लेव बनाकर रखा गया और कई दिनों तक खाने को कुछ नहीं दिया गया।

ISIS के चंगुल से आजाद हुई सेक्‍स गुलाम ने सुनाई दर्दनाक कहानी, 'मुझे 7 बार खरीदा-बेचा गया'

नूर का कहना है कि ISIS के लड़ाके ऐसा इसलिए करते हैं क्‍योंकि वो गैर-मुस्लिम महिलाओं के साथ बलात्कार करना 'खुदा' की इबादत का एक तरीका मानते हैं। नूर के मुताबिक जब उन्‍हें आईएसआईएस ने पकड़ा था उस समय उनकी दोनों बेटियों की उम्र क्रमश: 3 और 4 साल की थी। नूर खुद गर्भवती भी थीं। वो 15 महीने तक सेक्‍स स्‍लेव बनकर आईएसआईएस के कैद में रहीं।

दोबारा खुद को पवित्र करने की उम्‍मीद में लालिश गांव पहुंची नूर

लालिशा गांव उत्तरी इराक में कुर्दिश सीमा के पास स्थित है। इस गांव को इतना पवित्र माना जाता है कि यहां कोई चप्‍पल तक नहीं पहनता। घर हो या बाहर, लोग नंगे पांव ही चलते हैं। यजिदी समुदाय के लिए इस गांव की बहुत अ‍हमियत है। गांव के बीचोबीच एक गुफा के पास छोटा सा तालाब है। ऐसा माना जाता है कि इसके पानी से नहाने पर इंसान पवित्र हो जाता है। बस इसी उम्‍मीद में नूर लालिश पहुंची है। माना जा रहा है कि तालाब के पानी से नहाने के बाद नूर फिर अपने धर्म में शामिल हो गई हैं।

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English summary
I was sold seven times': the Yazidi women welcomed back into the faith.
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