फ्रांस में उग्र हुआ विरोध प्रदर्शन, सौ सालों में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे 35 लाख लोग
Pension Reform 2023: मैक्रों सरकार ने बीते सप्ताह एकतरफा ढंग से देश में रिटायरमेंट की उम्र 62 साल से बढ़ाकर 64 कर दी थी। पीएम ने ये फैसला बिना मतदान के किया था।

फ्रांस में रिटायरमेंट पेंशन मिलने की उम्र बढ़ाने को लेकर काफी दिनों से हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शुक्रवार को नए पेंशन सुधार कानून को लेकर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। फ्रांस के आंतरिक मंत्रालय द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को फ्रांस में करीब 10 लाख लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इसमें सिर्फ पेरिस में करीब 1,19,000 लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। हालांकि सीजीटी यूनियन ने रॉयटर्स को बताया प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या इससे कहीं अधिक लगभग 35 लाख थी।
पेरिस में उग्र हुए प्रदर्शनकारी
पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने कई दुकानों की खिड़कियां तोड़ दी गईं, स्ट्रीट फर्नीचर नष्ट कर दिया गया और रेस्तरां में तोड़फोड़ की गई। पेरिस में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके अलावा उनपर पानी की बौछार भी की गई। विरोध प्रदर्शन के कारण रेल यातायात और तेल रिफाइनरी का काम प्रभावित हुआ और कुछ लोगों को चोटें भी आई हैं। पुलिस ने देश में अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि पेरिस में 33 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
जनवरी से चल रहे हैं प्रदर्शन
आपको बता दें कि फ्रांस में पेंशन सुधार कानून को लेकर जनवरी से प्रदर्शन चल रहे हैं। इस बीच अब तक नौ बड़े विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। बीते 16 मार्च को कानून बन जाने के बाद यूनियन ने 23 मार्च को विरोध प्रदर्शन का आह्वाहन किया था। देश की यूनियनों ने अगले मंगलवार को फिर से प्रदर्शन की घोषणा की है। 6 मार्च को पेंशन सुधार के खिलाफ अपनी हड़ताल शुरू करने वाले पेरिस के कूड़ा बीनने वालों ने सोमवार तक विरोध प्रदर्शन को जारी रखने का ऐलान किया है।
बिना वोटिंग पास कराया बिल
फ्रांस में बीते 16 मार्च को पेंशन सुधार बिल को संसद में बिना वोटिंग के ही पास करवा दिया गया था। प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने अनुच्छेद 49.3 का इस्तेमाल किया जिसके तहत बहुमत न होने पर सरकार के पास बिना वोटिंग के बिल पास कराने का अधिकार है। कानून बन जाने के बाद अब फ्रांस में रिटायरमेंट की उम्र 62 से 64 कर दी गई है। इसके अलावा अब कर्मचारियों को पूरी पेंशन हासिल करने के लिए 42 की जगह 43 साल तक काम करना होगा।
राष्ट्रपति ने कहा- ये समय की मांग
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पेंशन सुधार कानून का बचाव करते हुए कहा कि ये समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नए कानून से 60-64 वर्षों के बीच रोजगार दर को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सबसे गरीब 30% आबादी की पेंशन में 2.5-5% की बढ़ोतरी होगी। मैक्रों सरकार का कहना है मौजूदा सिस्टम देश के लिए नुकसानदेह है क्योंकि फ्रांस में काम करने वालों और रिटायर हो चुके लोगों के बीच का अनुपात तेजी से कम हो रहा है। इसी वजह से रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाई जा रही है। फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने कहा है कि भविष्य में सिस्टम में एक बड़ी कमी को रोकने के लिए परिवर्तन जरूरी है।












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