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खतरनाक: पृथ्वी की कक्षा से अगले हफ्ते टकराएगा 25 ट्रक के आकार का ऐस्टरॉइड, 22 हजार Kmph है रफ्तार

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नई दिल्ली/वॉशिंगटन, जून 30: साल 2020 और साल 2021 इंसानों के लिए काफी मुश्किल भरा साबित हो रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चेतावनी दी है कि करीब 250 मीटर का एक विशालकाय ऐस्टरॉइड काफी तेज रफ्तार से धरती की तरफ आ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस ऐस्टरॉइड की रफ्तार करीब 22 हजार किलोमीटर प्रति घंटा है और ये अगले हफ्ते तक पृथ्वी की कक्षा में आ जाएगा। वैज्ञानिकों ने इस ऐस्टरॉइड को '2021 जीएम4' नाम दिया है।

पृथ्वी की कक्षा से होगी टक्कर

पृथ्वी की कक्षा से होगी टक्कर

नासा की रिपोर्ट के मुताबिक इस ऐस्टरॉइड '2021 जीएम4' पर 2006 से नजर रखी जा रही है और ये बुर्ज खलीफा बिल्डिंग के आकार का है। नासा ने अपनी रिपोर्ट में चिंता जताते हुए कहा है कि ये ऐस्टरॉइड करीब 110 मीटर लंबा और करीब 250 मीटर चौड़ा है और ये अगले हफ्ते पृथ्वी की कक्षा में दाखिल हो जाएगा। इससे पहले इसी तरह का ऐस्टरॉइड पिछले साल मई महीने में भी पृथ्वी के बेहद पास से गुजरा था, हालांकि, उस वक्त उससे पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। नासा ने अपनी गणना के बाद रिपोर्ट में कहा है कि इस बार जो ऐस्टरॉइड पृथ्वी की कक्षा में आने वाला है, उसकी रफ्तार 6.29 किलोमीटर प्रति सेकेंड की है। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि एक जुलाई को ये ऐस्टरॉइड पृथ्वी की कक्षा के नजदीक पहुंच जाएगा।

पृथ्वी से टकरा सकते हैं 22 ऐस्टरॉइड

पृथ्वी से टकरा सकते हैं 22 ऐस्टरॉइड

नासा ने अपनी रिपोर्ट में इस ऐस्टरॉइड को बेहद खतरनाक श्रेणी में रखा है और हाल के दिनों में पृथ्वी की कक्षा में दाखिल होने वाला ये पांचवां ऐस्टरॉइड है। आपको बता दें कि ऐस्टरॉइड को क्षुद्रग्रह भी कहा जाता है। नासा ने कहा है कि वो करीब 2 हजार से ज्यादा ऐस्टरॉइड पर नजर रख रहा है, जो आने वाले वक्त में पृथ्वी के लिए खतरा बन सकते हैं। नासा ने कहा है कि आने वाले 100 सालों में 22 ऐसे ऐस्टरॉइड हैं, जो पृथ्वी की कक्षा में शामिल होने के बाद पृथ्वी से टकरा सकते हैं। नासा का कहना है कि ऐसे ऐस्टरॉइड जो पृथ्वी से 46.5 मिलियन मील करीब आ जाता है, उसे वो डेंजरस कैटोगिरी में रखता है। नासा का सेंट्री सिस्टम इस तरह के ऐस्टरॉइड पर नजर रखता है।

क्या होते हैं ऐस्टरॉइड ?

क्या होते हैं ऐस्टरॉइड ?

आपको बता दें कि ऐस्टरॉइड वो बड़ी बड़ी अंतरिक्ष चट्टाने होती हैं जो किसी ग्रह की तरह हीं सूर्य का परिक्रमा करती हैं लेकिन इनका आकार काफी छोटा है। लेकिन अगर ये ऐस्टरॉइड किसी ग्रह से टकरा जाएं तो वहां भूचाल आ जाता है। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि हमारे गैलेक्सी में ज्यादातर ऐस्टरॉइड मंगल और बृहस्पति की कक्षा में पाए जाते हैं, वहीं कई ऐस्टरॉइड दूसरे ग्रहों की कक्षा में भी पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि करीब साढ़े 4 अरब साल पहले जब हमारे गैलेक्सी का निर्माण हुआ थातब गैस और धूल की वजह से ऐसे बादल, जो किसी कारणवस कोई ग्रह नहीं बन सके, वो कालांतर में क्षुद्रगह बन गये। ऐस्टरॉइड साधारणतया गोल नहीं होते हैं और इसका आकार किसी भी तरह का हो सकता है।

आज है वर्ल्ड ऐस्टरॉइड डे

आज है वर्ल्ड ऐस्टरॉइड डे

आपको बता दें कि हर साल 30 जून को विश्व स्तर पर वर्ल्ड ऐस्टरॉइड डे मनाया जाता है और इसके बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐस्टरॉइड हमारी पृथ्वी के लिए काफी खतरनाक हो सकते हैं। लिहाजा लोगों को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए। ऐस्टरॉइड डे की सह-स्थापना एस्ट्रोफिजिसिस्ट और रॉक ग्रुप क्वीन के प्रसिद्ध संगीतकार डॉ ब्रायन मे, अपोलो 9 अंतरिक्ष यात्री रस्टी श्वीकार्ट, फिल्म निर्माता ग्रिग रिक्टर्स और बी 612 फाउंडेशन की अध्यक्ष डैनिका रेमी ने की थी, ताकि जनता को क्षुद्रग्रहों के महत्व के बारे में शिक्षित किया जा सके। इनमें उनकी भूमिका हमारे सौर मंडल का निर्माण, अंतरिक्ष संसाधनों पर उनका प्रभाव और भविष्य के प्रभावों से हमारे ग्रह की रक्षा करने का महत्व शामिल है।

तुंगुस्का नदी की घटना

तुंगुस्का नदी की घटना

आपको बता दें कि 30 जून 1908 में रूस के साइबेरिया में तुंगुस्का नदी के पास एक बहुत बड़ा विस्फोट था। नासा के मुताबिक, आधुनिक इतिहास में पृथ्वी के वायुमंडल में एक बड़े उल्कापिंड का पहला प्रवेश तुंगुस्का घटना के रूप में ही हुआ था। कहते हैं कि कई मील उपर हवा में जोरदार विस्फोट हुआ था और उस विस्फोट की ताकत इतनी थी कि 2,150 वर्ग किमी के क्षेत्र में तकरीबन 8 करोड़ पेड़ खत्म हो गए थे। नासा का कहना है कि उस दिन एक उल्कापिंड साइबेरिया के एक दूरदराज के हिस्से से टकराया था, लेकिन जमीन पर नहीं पहुंचा था। बताया जाता है कि उल्का पिंड में हवा में ही विस्फोट हो गया और सैकड़ों मील चौड़े क्षेत्र में पेड़ों पर कहर बन कर टूटा। इस विस्फोट में हजारों जंगली जानवर भी मारे गए थे। वैज्ञानिकों का कहना था कि अगर वो ऐस्टरॉइड आबादी वाले इलाके में गिरता, तो हजारों लोगों की जान जा सकती थी।

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English summary
NASA has feared that a very large asteroid could hit Earth's orbit next week. NASA has termed this asteroid as dangerous.
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