10 वजहें सीरिया बना अमेरिका और रूस के बीच जंग का मैदान!
वाशिंगटन। सीरिया में रूस अपने हमलों से आईएसआईएस का वजूद खत्म कर पाएगा या नहीं यह तो समय ही बताएगा, लेकिन अब यह देश अमेरिका और रूस के बीच जंग की वजह बन गया है। सीरिया में पिछले चार दशकों से असद के परिवार का शासन जारी है।
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इस शासन के विरोध में ही यहां पर मार्च 2011 में सिविल वॉर की शुरुआत हुई थी। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने सितंबर में रूस से मदद मांगी थी। उनका कहना था कि सीरिया में विद्रोहियों को आईएसआईएस की मदद मिल रही है।
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डालिए उन 10 वजहों पर एक नजर जो साबित करते हैं कि आईएसआईएस के नाम पर अमेरिका और रूस में हो रही है जंग।

25 सितंबर से रूस के हमले
25 सितंबर से रूस ने सीरिया में हवाई हमले शुरू किए हैं। इन हमलों के जवाब में पिछले दिनों उसके दूतावास पर भी हमला हो चुका है।

अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार
रूस ने यूनाइटेड नेशंस में अमेरिका को सीरिया की हालत के लिए जिम्मेदार बताया था।

सीरियन आर्मी को मदद
रूस ने सरिया की आर्मी को अपनी वायुसेना की मदद से हालातों से लड़ने में मदद की।

अमेरिका ने भिजवाया गोला बारूद
दूसरी ओर अमेरिका ने 50 टन गोला बारूद असद के विद्रोहियों को भिजवा दिया।

रूस के एयरक्राफ्ट्स
रूस का एनएन124 और फ्लाइंग टैंक एमआई24 इस समय सीरिया में है।

अमेरिका के एयरक्राफ्ट्स
अमेरिका अपना सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-17 विद्रोहियों की मदद कर रहा है। साथ ही कई एडवांस फाइटर जेट्स और वॉरशिप्स भी तैनात हैं।

अमेरिका ने लगाए रूस पर आरोप
अमेरिका का कहना है कि रूस आईएसआईएस की मदद कर रहा है।

रूस ने दी नसीहत
रूस का कहना है कि अमेरिका को अपना अहम छोड़कर इस लड़ाई में उसकी मदद करनी चाहिए।

अमेरिका की चेतावनी
अमेरिका ने रूस को सीरिया से हटने की चेतावनी दी है।

पुतिन ने किया इंकार
रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने कहा है कि उनकी सेनाएं सीरिया से बिल्कुल नहीं हटेंगी।












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