देखिए तस्वीरें उस बच्चे की जिसकी मुश्किल से बची थी जान
यूओ। साउथ अफ्रीका के कुपोषित बच्चों की मदद करने वाली डेनमार्क की एड वर्कर एंजा रिंगग्रेन लोवेन को पिछले वर्ष नाइजीरिया के यूओ शहर की सड़कों पर एक बच्चा मिला था।
आठ माह से सड़कों पर भटक रहे इस बच्चे को उसके मां-बाप ने सिर्फ इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि उन्हें लगता था कि वह बच्चा एक शैतान के रूप में उनके घर आया है।
लोवेन ने इस भूख और प्यास से तड़पते बच्चे को न सिर्फ खाना और पानी दिया बल्कि वह उसे अपने शेल्टर होम में ले आईं।
यह घटना जनवरी 2015 की है और कुछ दिनों बाद लोवेन ने इसी बच्चे की कुछ फोटोग्राफ्स को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया था।
लोवेन की इस बच्चे को पानी पिलाते हुए एक मार्मिक फोटो ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा था। आप भी देखिए एक वर्ष बाद यह बच्चा कैसा नजर आने लगा है। ये सभी फोटो हमने एंजा के फेसबुक पेज से ही ली हैं।

लोवेन ने दिया नाम Hope
लोवेन ने इस बच्चे को होप नाम दिया है जिसका मतलब होता है उम्मीद या आशा। यह बच्चा न सिर्फ कुपोषित था बल्कि इसके शरीर पर बीमारी के कई कीड़े साफ नजर आ रहे थे।

तुरंत मिली मेडिकल मदद
31 जनवरी 2015 को एंजा को यह बच्चा सड़कों पर मिला और एंजा उसे तुरंत अपने शेल्टर होम में लेकर आईं। यहां पर होप को तुरंत मेडिकल फैसिलिटीज दी गर्इं और धीरे-धीरे वह ठीक होने लगा।

अब ठीक है होप
बेस्ट मेडिकल सर्विसेज और लोवेन के प्यार के बाद होप ठीक होने लगा और आज होप की हालत स्थिर है।

खुद चलने और बैठने में सक्षम
एंजा ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि आज होप इतना ताकतवर हो चुका है कि वह खुद बैठ सकता है और वह अब हमें देखकर मुस्कुराता भी है। अब होप एक मजबूत और नन्हें बच्चे में तब्दील हो गया है।

जिंदगी हुई खुबसूरत
होप के मुताबिक ऐसी चीजें जिंदगी को और खूबसूरत बना देते हैं और आपको जिंदगी की अहमियत पता लगती है। होप ने लिखा है कि वह नहीं चाहती हैं कि वह कुछ कहें बल्कि वह चाहती हैं कि ये तस्वीरें ही अपनी कहानी बयां करें।












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