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क्यों साउथ कोरिया में महिलाओं को अपनी 'पॉर्न फिल्म' बनने का डर सता रहा है?

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    सियोल। साउथ कोरिया में हर साल हजारों की संख्या में महिलाएं अपने देश में खुफिया कैमरों का शिकार होती है और उनकी पॉर्न फिल्म बनकर कई पॉर्न साइटों पर शेयर हो जाती है। साउथ कोरिया में खुफिया कैमरों के जरिए महिलाओं को दशकों से निशाना बनाया जा रहा है, जिसे 'स्पाई कैम पॉर्न' कहा गया है। पब्लिक प्लेस, पब्लिक टॉयलेट, ट्रेन टॉयलेट, चेंजिंग रूम और तमाम उन जगहों पर खुफिया कैमरे सेट किए गए हैं, जहां महिलाओं की आसानी से फिल्म बनाई जा रही है। दशकों से साउथ कोरिया में स्पाई कैम का मामला चल रहा है, लेकिन पिछले दो सालों में इस हाई टेक्नॉलोजी वाले देश के हर प्रांत से महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर इसका विरोध किया है। अब जब महिलाओं की प्राइवेसी के लिए साउथ कोरिया दिन-ब-दिन खतरनाक बनता जा रहा है, तो सरकार ने पब्लिक प्लेस पर खुफिया कैमरों का पता लगाने के लिए एक टीम का गठन किया है।

    साउथ कोरिया ही क्यों स्पाई कैम का शिकार?

    साउथ कोरिया ही क्यों स्पाई कैम का शिकार?

    टेक्नोलॉजी के मामले में साउथ कोरिया दुनिया में सबसे आगे हैं, जो एडवांस डिजिटल कनेक्टेड देशों में शामिल है। स्मार्टफोन ऑनरशिप के मामले में साउथ कोरिया सबसे आगे हैं, जहां की 90 फीसदी से ज्यादा आबादी इंटरनेट का इस्तेमाल कर रही है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि एडवांस टेक्नोलॉजी ने साउथ कोरिया में ना सिर्फ क्राइम को बढ़ावा देने का काम किया है, बल्कि अपराधियों को पकड़ने में भी कई मुश्किलें खड़ी कर दी है। साउथ कोरिया की पुलिस के पास हर साल 6,000 स्पाई कैम पॉर्न से जुड़े मामले सामने आते हैं, जिसकी 80 फीसदी महिलाएं शिकार होती है।

    स्पाई कैम से ऐसे बनती है पॉर्न

    स्पाई कैम से ऐसे बनती है पॉर्न

    पब्लिक प्लेस से लेकर किराए पर रहे रही लड़कियां साउथ कोरिया में अक्सर स्पाई कैम का शिकार होती है। घरों से लेकर पब्लिकल बाथरूम और मॉल से लेकर दुकानों के चेंजिंग रूम में बहुत ही छोटे आकार में कैमरे होते हैं, जिन्हें ऐसी जगहों पर फिट किया जाता है, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। शातिर लोग इसे दरवाजे के बोल्ट से लेकर ऑटोमेटिक लॉक में इन कैमरों सेट करते हैं। कई बार कलम की नोक में भी इन कैमरों ऐसे फिट किया जाता है, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता।

    कई महिलाएं कर चुकी है आत्महत्या

    कई महिलाएं कर चुकी है आत्महत्या

    साउथ कोरिया में स्पाई कैम पॉर्न के खिलाफ काम कर रही डिजिटल सेक्स क्राइम आउट ने 2015 में कई अश्लील साइटों से स्पाई कैम के वीडियो को हटाए थे। साउथ कोरिया में सोरानेट जैसी अश्लील साइट के 10 लाख से ज्यादा यूजर्स है, जहां खुफिया कैमरों से महिलाओं की बनाई गई हजारों फिल्म और वीडियो शेयर की गई है। ज्यादातर ये वीडियो टॉयलेट और चेंजिंग रूम से रिकॉर्ड की गई है। कई बार लड़कियों के एक्स पार्टनर अपने बदले की भावना से भी इस प्रकार हरकत करते रहते हैं। यहां तक कि अपनी सीक्रेटली अश्लील वीडियो बनने के बाद साउथ कोरिया में कई महिलाएं जान भी दे चुकी है

    सरकार हर स्तर पर नाकाम

    सरकार हर स्तर पर नाकाम

    समय रहते कदम नहीं उठाए गए, इसलिए अब स्पाई कैम पॉर्न को रोकना साउथ कोरिया की सरकार के लिए एक मुश्किल टास्क बन चुका है। सरकार के सामने फिलहाल दिक्कत यह आ रही है कि पॉर्न साइटों से वीडियो को हटाना तो आसान है, लेकिन वहां बार-बार और लगातार खुफिया कैमरों से रिकॉर्ड की गई अश्लील वीडियो पोस्ट हो रही है। साउथ कोरियाई पुलिस ने इस मामले में पिछले साल कुल 6,465 केस फाइल किए, जिसमें से 5,437 लोगों को हिरासत में लिया गया और सिर्फ 119 लोगों को जेल हुई। यानि, पिछले साल स्पाई कैम पॉर्न जैसे घिनौने क्राइम में सिर्फ 2 फीसदी लोगों को जेल में डाला गया।

    खुफिया कैमरों की साये में महिलाएं

    खुफिया कैमरों की साये में महिलाएं

    हालांकि, स्पाई कैम पॉर्न का शिकार ना सिर्फ साउथ कोरिया है, बल्कि अमेरिका और स्वीडन जैसे देश भी इसी डिजिटल क्राइम से सबसे ज्यादा परेशान है। हालांकि, साउथ कोरिया को मोस्ट एडवांस टेक्नोलॉजी देश होने की वजह से इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। साउथ कोरिया की हर महिला खुफिया कैमरों के डर के साये में जी रही है।

    यह भी पढ़ें: टॉयलेट की पुलिस रोज करेगी जांच, महिलाओं को निशाना बनाते हुए लगाए जा रहे थे खुफिया कैमरे 

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    English summary
    How spy cam works in South Korea to make porn

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