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ईरान पर एयर स्‍ट्राइक से पहले ट्रंप ने पूछा, 'कितने मरेंगे' जवाब सुनकर 10 मिनट में लिया यह फैसला

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वॉशिंगटन। गुरुवार को अमेरिका के फाइटर जेट्स रेडी थे और सिर्फ आधे घंटे के अंदर ईरान में तबाही मचाने को निकलने ही वाले थे।लेकिन तभी अमे‍रिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के एक सवाल और मिलिट्री ऑफिसर्स के जवाब ने इस तबाही को होने से रोक दिया। ईरान की ओर से जब गुरुवार को अमेरिका के ड्रोन को गिराने की जानकारी दी गई तो उसी समय डोनाल्‍ड ट्रंप ने हमले के ऑर्डर साइन कर दिया था। लेकिन सिर्फ 10 मिनट पहले ही ट्रंप ने अपना फैसला बदल दिया।

यह भी पढ़ें-डोनाल्‍ड ट्रंप पर अब एक राइटर ने लगाया रेप का आरोप, ट्रंप ने बताया बकवास

व्‍हाइट हाउस में तनावपूर्ण थे 24 घंटे

व्‍हाइट हाउस में तनावपूर्ण थे 24 घंटे

एनबीसी न्‍यूज के चक टोड को दिए इंटरव्‍यू में इस बात का खुलासा किया है। ईरान की ओर से अमेरिकी ड्रोन को गिराने के बाद गुरुवार रात राष्‍ट्रपति ट्रंप कई विकल्‍पों पर चर्चा कर रहे थे। ट्रंप हर हाल में ईरान की ओर से उठाए गए कदम का जवाब देना चाहते थे। अमेरिकी के सीनियर मिलिट्री एडवाइजर्स के पास भी इस बात का कोई प्‍लान नहीं था कि ईरान के अंदर कोई हमला किया जाए या नहीं। सभी लोग ट्रंप की तरफ देख रहे थे। न्‍यूज चैनल एनबीसी की ओर से बताया गया है कि अगर जेट्स टेक ऑफ करते तो सभी जेट्स ऐसी जगह पहुंच चुके होते जहां से लौटना मामुकिन था। जब से ड्रोन गिराया था व्‍हाइट हाउस के वेस्‍ट विंग में 24 घंटे काफी तनावपूर्ण थे।

150 लोगों की मौत पर चौंके ट्रंप

150 लोगों की मौत पर चौंके ट्रंप

ट्रंप ने अपने सांसदों से कहा कि वह अपने मन की सुनते हैं और तब कोई फैसला लेते हैं। मिलिट्री ऑफिसर्स राष्‍ट्रपति की तरफ देख रहे थे और उनकी तरफ से मिलने वाले ग्रीन सिग्‍नल का इंतजार कर रहे थे। ट्रंप ने कहा कि उनके पास एक आखिरी सवाल है। ट्रंप ने मिलिट्री ऑफिसर्स से पूछा, 'आप लोगों के जाने से पहले मैं कुछ पूछना चाहता हूं।' ट्रंप ने इसके बाद सवाल किया, 'हमले में कितने लोग मारे जाएंगे?' ट्रंप के इस सवाल पर मिलिट्री जनरल ने उन्‍हें जवाब दिया, 'हमलों में शायद 150 लोगों की मौत होगी।' यह सवाल सुनने के बाद ट्रंप ने हमले से बस 10 मिनट पहले ही अपना फैसला बदल दिया।

ड्रोन के बदले लोगों की जान लेना गलत

ड्रोन के बदले लोगों की जान लेना गलत

ट्रंप ने शुक्रवार को एक के बाद एक कई ट्वीट किए। इन ट्वीट में उन्‍होंने बताया कि अमेरिकी सर्विलांस ड्रोन को गिराए जाने के बाद वह ईरान की तीन जगहों पर हमले का ऑर्डर देने को रेडी थी। लेकिन उन्‍होंने अपना फैसला बदल दिया क्‍योंकि कई ईरानी नागरिकों की मौत होती और एक ड्रोन के बदले इतने लोगों की जान लेना सही नहीं होता। ट्रंप ने कहा, 'मैं एक सेकेंड के लिए इस पर सोचा और फिर कहा आप जानते हैं उन्‍होंने एक ड्रोन, प्‍लेन या आप जो भी कहना चाहें उसे ढेर कर दिया है। और हम यहां पर शायद अगले एक घंटों के अंदर 150 मरे हुए लोगों के साथ बैंठे होंगे। मुझे यह अच्‍छा नहीं लगता। '

शुक्रवार को फिर ऑर्ड्स मिलने की खबरें

शुक्रवार को फिर ऑर्ड्स मिलने की खबरें

ट्रंप ने कहा कि ऐसी खबरें आईं कि उन्‍होंने मिशन को उस समय कैंसिल किया जब उसकी योजना बनाई जा रही थी। वहीं, दो अमेरिकी अधिकारियों की मानें तो शुक्रवार को दोबारा मिलिट्री को राष्‍ट्रपति की ओर से मिशन के लिए ग्रीन सिग्‍नल मिला था। जेट्स अपने टारगेट्स के लिए निकले चुके थे, तभी मिशन को कैंसिल कर दिया गया।

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English summary
'How many people will be killed,' US President Donald Trump asked before striking Iran.
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