5 लाख से ज्यादा मौतों से मातम में डूबा Europe, कैसे कर रहा है Christmas की तैयारियां?
नई दिल्ली। Christmas in Covid Time: कोरोना वायरस को लेकर वैसे तो पूरी दुनिया में उदासी है लेकिन अगर बात यूरोप की करें यहां इसका दुख ज्यादा है। महामारी की शुरुआत से ही जिस क्षेत्र ने इसका कहर सबसे ज्यादा झेला वो यूरोप ही था और आज भी ये बदस्तूर जारी है। एक तरफ जहां महामारी के चलते लोगों की ज्यादातर जिंदगी घरों में कैद होकर रह गई है वहीं पूरे यूरोप में प्रमुखता से मनाया जाने वाला त्योहार इस कोरोना की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। लगभग 10 महीने से डर के साये में जी रहे यूरोप वासियों के लिए खुशी मनाने का एक मौका था लेकिन वो भी छिनता नजर आ रहा है।

यूरोप में मौत का आंकड़ा 5 लाख पहुंचा
यूरोप दुनिया का पहला क्षेत्र बन गया हैं जहां कोविड-19 से होने वाली मौतों का आंकड़ा 5 लाख की संख्या को पार कर गया है। यूरोप के 52 देशों में अब तक कुल मिलाकर 5,00,069 मौत कोरोना वायरस से हो चुकी है जो कि सबसे ज्यादा है। इसके बाद दक्षिण अमेरिका और कैरीबियन देश (4,77,404), अमेरिका (3,21,287), एशिया (2,08,149), मध्य पूर्व (85,895) और अफ्रीका (57,423) हैं।
वहीं मार्च-अप्रैल के शुरुआती समय में कोविड का कहर से ग्रस्त रहा यूरोप अक्टूबर के बाद से एक बार फिर महामारी का केंद्र बना हुआ है। पिछले एक सप्ताह में यूरोप में लगभग 37 हजार लोगों की मौत हो चुकी है जो कि महामारी के बाद से किसी एक सप्ताह में मरने वालों की सबसे बड़ी संख्या है। वहीं मंगलवार को अब तक 24 घंटे में सबसे ज्यादा 6800 मौत दर्ज की गई।

रोजाना 2,43,000 केस किए गए दर्ज
यूरोप में होने वाली 5 लाख मौतों में से आधी मौतें सिर्फ पांच देशों में हुई हैं। ये देश इटली (66,537), ब्रिटेन (65,520), फ्रांस (59,361), रूस (49,151) और स्पेन (48,596) हैं। वहीं जनसंख्या के हिसाब से सबसे अधिक मौतों के मामले में बेल्जियम सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां प्रति एक लाख लोगों पर 158 मौत कोविड के चलते हुई है। पिछले सप्ताह रोज औसत 243,000 नए केस दर्ज किए गए हैं।
ये आंकड़े बताने के लिए काफी हैं कि यूरोप में कोरना के चलते क्या हालात चल रहे हैं। लगभग सभी देशों में नेता लोगों को बता रहे हैं कि क्रिसमस के दौरान लोग घरों में रहें यही उनका क्रिसमस पर दूसरों के लिए गिफ्ट होगा। कई प्रमुख शहरों में सामाजिक दूरी (Social Distancing) को बनाए रखने के लिए सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस दौर में नेताओं का भी हाल ठीक नहीं है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कोरोना पॉजिटिव
कोरोना वायरस से सिर्फ जनता ही नहीं बल्कि नेताओं को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद आइसोलेशन में जाना पड़ा है। मैक्रों ब्रिटेन के बोरिस जॉनसन और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बाद कोरोना का शिकार होने वाले बड़े नेताओं में हैं। वो ऐसे समय में कोरोना पॉजिटिव हुए हैं जब फ्रांस में एक बार फिर कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं और इससे निपटने के लिए देश को नेतृत्व की जरूरत है।
मैक्रों हाल ही में ब्रसेल्स में आयोजित यूरोपियन नेताओं की बैठक में होकर आए हैं जिसके बाद इस बैठक में शामिल दूसरे यूरोपियन नेताओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। मैक्रों पिछले सप्ताह ही बैठक में शामिल हुए थे और उन्हें इसी सोमवार को पॉजिटिव पाया गया था।

मैक्रों के पॉजिटिव होते ही कई नेता आइसोलेशन में
मैक्रों के पॉजिटिव होने की सूचना मिलते ही बैठक में शामिल हुए लग्जमबर्ग के प्रधानमंत्री जेवियर बैटेल (Xavier Bettel) खुद से आइसोलेशन में चले गए हैं। वहीं जर्मन सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यूरोपियन नेताओं की बैठक से कुछ दिन के बाद चांसल एंजेला मर्केल ने कोविड टेस्ट कराया था जो निगेटिव आया था।
वहीं फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कॉस्टेक्स ने मैक्रों से संपर्क के बाद खुद को आइसोलेट किया है। हालांकि उनके ऑफिस से बताया गया है कि उनमें कोई लक्षण नहीं देखे गए हैं और उनका टेस्ट निगेटिव आया है। उन्हें अगले सप्ताह आइसोलेशन से बाहर आने से पहले एक और निगेटिव कोविड टेस्ट से गुजरना होगा। मैक्रों की पत्नी ने भी खुद को आइसोलेट किया है हालांकि उनमें कोई लक्षण नहीं देखे गए हैं। वहीं दुनिया भर के नेताओं ने मैक्रों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए शुभकामना संदेश भेजे हैं।

कठिन हालात में क्रिसमस की तैयारी में जुटा यूरोप
इन हालातों के बीच इस बार यूरोप एक अलग तरह से क्रिसमस की तैयारी में जुटा हुआ है। यूरोपीय देशों में सरकार के सामने जहां क्रिसमस में मिलने-जुलने से कोरोना वायरस के और फैलने के बाद बढ़ने वाली समस्या की बेचैनी है वहीं दूसरी ओर वह इस मुश्किल साल के आखिर में लोगों के चेहरे पर थोड़ी मुस्कान भी देखना चाहती है। कोई नहीं चाहता कि क्रिसमस न मनाया जाए लेकिन सवाल है सोशल डिस्टेंसिंग का। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि अगर लोगों को फ्री किया गया तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा पाना मुश्किल होगा। जिस तरह से संक्रमण के मामले बढ़े हैं ऐसे में लोगों का सार्वजनिक जगहों पर जुटना खतरे से खाली नहीं है। Covid-19 के बढ़ते असर को देखते हुए पूरे महाद्वीप के देश क्रिसमस पर भीड़ को रोकने के लिए विभिन्न उपाय अपना रहे हैं। आइए देखते हैं यूरोप के प्रमुख देशों में क्रिसमस पर संक्रमण को नियंत्रित रखने के लिए क्या तैयारी की गई है।

फ्रांस और जर्मनी में क्या हैं हालात ?
फ्रांस- फ्रांस की सरकार ने महामारी के चलते क्रिसमस की शाम को अधिकतक छह लोगों को एक साथ जुटने की अनुमति दी है। हालांकि बच्चों को इससे छूट दी गई है। थियेटर, म्यूजियम और सिनेमा हाल को 15 दिसम्बर को खोला जाना था लेकिन अब अगले 3 सप्ताह के लिए बंद रहेंगे। फ्रांस में शाम 9 बजे से सुबह 6 बजे तक लगने वाला कर्फ्यू बढ़ाकर शाम 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर दिया गया है। इस कर्फ्यू में क्रिसमस की शाम को छूट रहेगी लेकिन नये साल पर कोई छूट नहीं होगी।
जर्मनी- महामारी के बढ़ते असर के चलते आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर सभी दुकानें, सेवाएं और स्कूल 20 जनवरी तक बंद रहेंगे। क्रिसमस की शाम को लोगों के इकठ्ठा होने की सीमा पहले 10 थी इसे घटाकर अब 5 कर दिया गया है। इसके साथ ही क्रिसमस चर्च सर्विस के लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी और इस दौरान गाने की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पर प्रतिबंध लगा दिया गया है साथ ही नये साल पर पटाखे भी नहीं फोड़ सकेंगे।
स्विटजरलैण्ड- यहां पर सरकार ने क्रिसमस पर भीड़ को रोकने के लिए नियम लागू किए हैं। इसके तहत शाम को 7 बजे से रेस्टोरेंट बंद रहेंगे। किसी निजी समारोह में दो घरों से अधिकतम 5 लोग एकजुट हो सकते हैं। हालांकि क्रिसमस के लिए 24-26 दिसम्बर तक और नए साल पर ये संख्या 10 कर दी गई है।

ब्रिटेन में क्रिसमस पर मिलेगी छूट
यूके- यूनाइटेड किंगडम में क्रिसमस पर 23 से 27 दिसम्बर के बीत सरकार ने लोगों को प्रतिबंधों से राहत देने का फैसला किया है। इस दौरान लोग यूनाइटेड किंगडम के चारों प्रमुख भाग में अपने परिचितों और परिवार वालों से मिलने जा सकते हैं। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों की सरकारों के बयानों से इसमें मुश्किल आ रही है। इंग्लैण्ड, वेल्स, स्कॉटलैण्ड और आयरलैण्ड की सरकारें इस बात सहमत हुई हैं कि क्रिसमस बबल के लिए तीन घरों के लोगों को बुलाया जा सकता है। हालांकि इसे कम से कम रखने का आग्रह किया गया है।
स्पेन- सरकार ने 23 दिसम्बर से 6 जनवरी तक राज्यों में आवाजाही पर रोक लगा दी है। 24 और 25 दिसम्बर और 31 दिसम्बर और 1 जनवरी को पारिवारिक समारोह में अधिकतक 10 लोगों को इकठ्ठा होने की अनुमति होगी। इन तारीखों को रात के 1.30 बजे से राष्ट्रीय कर्फ्यू रहेगा। स्पेन और इटली उन देशों में हैं जहां महामारी की शुरुआत में सबसे अधिक जानें गई थीं।
इटली- कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित रखने के लिए इटली की सरकार ने क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान आवाजाही पर रोक लगा दी है। 21 दिसम्बर से 6 जनवरी तक लोग केवल जरूरी काम, स्वास्थ्य या फिर आपातकारणों से ही एक राज्य से दूसरे राज्य में जा सकेंगे। देश में रात 10 बजे से कर्फ्यू लगा दिया जाएगा। वहीं रेस्टोरेंट को शाम 6 बजे बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। क्रिसमस के दौरान कार्यक्रमों को शाम 8.30 बजे तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोग 10 बजे के पहले घरों को लौट सकें।












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