Defence Export: पूरी दुनिया को भाया भारतीय हथियार, 85 देशों में फैला कारोबार.. टॉप-25 देशों में कैसे पहुंचा?
India Enters in Top 25 arms exporters: हथियारों को बेचने के मामले में भारत धीरे धीरे दुनिया में शीर्ष स्थान की तरफ बढ़ रहा है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा है, कि भारत दुनिया के शीर्ष 25 हथियार बेचने वाले देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है।
फर्स्ट पोस्ट के एक डिफेंस समिट में राजनाथ सिंह ने कहा, कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को शीर्ष हथियार निर्यातक देशों में शामिल करना है और भारत सरकार, हथियारों को लेकर दीर्घकालिक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा, कि मोदी सरकार आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए हथियारों की खरीददारी को रोकने वाली पहली सरकार है।

राजनाथ सिंह ने कहा, कि "हमने यह सुनिश्चित किया है, कि हमारी सेना स्वदेशी संसाधनों का उपयोग करे और हमने इन हथियारों और उपकरणों के निर्यात के लिए एक कदम भी आगे बढ़ाया है।" रक्षा मंत्री ने कहा, कि हथियारों के बढ़ते निर्यात के लिए सरकार को अपने आरामदायक क्षेत्र से बाहर निकलने की जरूरत है।
लेकिन भारत शीर्ष 25 हथियार निर्यातकों की सूची में कैसे शामिल हुआ? आइये समझते हैं।
बिजनेस टुडे के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 भारत का हथियार निर्यात 16,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जो वित्तवर्ष 2013 के मुकाबले 2,300 प्रतिशत ज्यादा है, जब यह आंकड़ा मामूली 686 करोड़ रुपये का था।
आंकड़ों से पता चलता है कि भारत ने 2020-21 में 8,434 करोड़ रुपये, 2019-20 में 9,115 करोड़ रुपये और 2018-19 में 10,745 करोड़ रुपये के सैन्य उपकरण बेचे हैं। 2017-18 में यह आंकड़ा 4,682 करोड़ रुपये था।
वर्तमान में भारत की 100 से ज्यादा कंपनियां 85 से ज्यादा देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रही हैं।
साल 2024-25 के सलाना डिफेंस बजट में हथियारों के बेचने के लक्ष्य को सरकार ने बढ़ा दिया है और अब भारत सरकार का नया लक्ष्य इस साल 35 हजार करोड़ रुपये के हथियार बेचना है। डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2022-23 में देश के रक्षा निर्यात ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है और करीब 16,000 करोड़ रुपये का निर्यात किया है।
कौन कौन से हथियार बेचता है भारत?
हिंदुस्तान टाइम्स (एचटी) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पिछले कुछ सालों में मिसाइलें, तोप में इस्तेमाल होने वाले गोले, रॉकेट, बख्तरबंद वाहन, अपतटीय गश्ती जहाज, व्यक्तिगत सुरक्षा गियर, विभिन्न रडार, सर्विलांस सिस्टम और गोला-बारूद के निर्यात को बड़े स्तर पर बढ़ाया है।
रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजराइल और ब्राजील सहित 34 देशों को बुलेट-प्रूफ जैकेट निर्यात किए हैं। जबकि, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मिस्र, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित करीब 10 देशों ने भारत से गोला-बारूद (5.56 मिमी से 155 मिमी के बीच) खरीदा है।
वहीं, भारत के डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स का अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस ने अधिग्रहण किया है, जबकि भारत ने मॉरीशस, सेशेल्स और मालदीव को फास्ट इंटरसेप्टर नौकाओं का निर्यात किया है।
विनाशक हथियारों का बाजार भी बन रहा भारत
पिछले साल दिसंबर में, भारत की सरकारी स्वामित्व वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने कहा था, कि वह अपने स्वदेशी तेजस मल्टीरोल लड़ाकू जेट बेचने के लिए कम से कम तीन देशों के साथ बातचीत कर रही है। डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक, एचएएल के मुख्य प्रबंध निदेशक सीबी अनंतकृष्णन ने उस समय कहा था, कि नाइजीरिया के साथ बातचीत शुरुआती चरण में है, लेकिन अर्जेंटीना को 15 और मिस्र को 20 हल्के लड़ाकू विमान बेचने की कोशिशें एडवांस स्तर पर हैं।
फिलीपींस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया ने भी सिंगल इंजन मल्टी-रोल फाइटर जेट तेजस एलसीए में अपनी दिलचस्पी दिखाई हैं।
वहीं, आर्मीनिया, सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल (एसएएम) को खरीदने वाला प्रमुख देश है। वहीं, स्पुतनिक न्यूज के मुताबिक, अजरबैजान के साथ जारी संघर्ष के बीच भारत लगातार आर्मीनिया को आकाश मिसाइल के साथ साथ और भी दूसरे हथियारों की सप्लाई कर रहा है।
जबकि, इकोनॉमिक टाइम्स ने पिछले दिसंबर में रिपोर्ट दी थी, कि नई दिल्ली आर्मीनिया को स्वदेशी आकाश एंटी-एयर सिस्टम भी निर्यात करेगी। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित इस सिस्टम की डिलीवरी, 6 हजार करोड़ रुपये के सौदे का हिस्सा है।
सितंबर 2022 में, भारत ने आर्मीनिया को पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (एमबीआरएल), एंटी-टैंक मिसाइल, रॉकेट और गोला-बारूद सहित कई हथियार निर्यात करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। पिछले साल अगस्त से भारत ने आर्मीनिया को एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम्स (एटीएजीएस) की सप्लाई भी शुरू कर दी है।
भारत कितना हथियार खरीदता है, कितना बेचता है?
रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के रक्षा निर्यात में हाल के वर्षों में तेज वृद्धि देखी है। साल 2013-14 और 2022-23 के बीच 23 गुना उछाल दर्ज किया गया है। 2013-14 में भारत ने सिर्फ 686 करोड़ रुपये के हथियार बेचे थे, जबकि 2022-23 में भारत ने 15,918 करोड़ रुपये के हथियारों का निर्यात किया है।
इस दौरान, भारत ने हथियारों की खरीददारी भी कर दिया है, जो 2018-19 में 46 प्रतिशत से घटकर दिसंबर 2022 में 36.7 प्रतिशत हो गया है। पिछले छह सालों में भारत का रक्षा निर्यात दस गुना बढ़ गया है। हालांकि, भारत अभी भी अगले साल तक 35,000 करोड़ रुपये के वार्षिक निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने लक्ष्य से काफी दूर है।
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