बाइडेन ने पहली बार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी.. भारत को संदेश या अमेरिका खेल रहा डबल गेम?
Biden writes to Pakistan Prime Minister: जियो पॉलिटिक्स में अमेरिका को हमेशा डबल गेम खेलने वाले देश के तौर पर जाना जाता है, खासकर अगर बात भारत की हो, तो अमेरिका भारत को लेकर अपने डबल स्टैंडर्ड के लिए कुख्यात रहा है।
और एक बार फिर से अमेरिका फिर वही सबकुछ कर रहा है। राष्ट्रपति जो बाइडेन का कार्यकाल अब आखिरी महीनों में आ चुका है और इससे पहले उन्होंने एक बार फिर से भारत के साथ पाकिस्तानी चाल चलने की कोशिश की है।

बाइडेन ने लिखी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को चिट्ठी
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज़ शरीफ को एक पत्र लिखकर पाकिस्तान का लगातार समर्थन करने का इरादा जताया है। और इस बात पर प्रकाश डाला है, कि दोनों देशों के बीच संबंध द्विपक्षीय और क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन का अपने कार्यकाल के दौरान किसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ पहला आधिकारिक कम्युनिकेशन था।
बाइडेन ने पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को एक बार भी फोन नहीं किया था, जबकि शहबाज शरीफ जब इमरान खान को हटाकर पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, उस वक्त भी बाइडेन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से कोई संपर्क नहीं किया। लेकिन, अब जब पाकिस्तान में फरवरी महीने में चुनाव हुए हैं और चुनाव में भारी धांधली के आरोप लगे हैं, फिर भी बाइडेन ने शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है।
ये वही बाइडेन प्रशासन है, जो भारत के आंतरिक मामलों में दखल दे रहा है, लेकिन पाकिस्तानी चुनाव में इतनी बड़ी धांधली पर आंख मुंदे बैठा है, जबकि उनकी खुद की डेमोक्रेटिक पार्टी के दर्जन भर सांसदों ने उनसे अनुरोध किया था, कि पाकिस्तानी चुनाव में भयानक धांधली हुई है, लिहाजा चुनाव को मान्यता ना दी जाए। फिर भी बाइडेन प्रशासन की कानों पर जूं नहीं रेंगी।
बाइडेन की चिट्ठी में क्या लिखा है?
समाचार एजेंसी पीटीआई ने शुक्रवार को द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से बताया है, कि जनवरी 2021 में पदभार संभालने के बाद से, बाइडेन ने न तो पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान को उनकी चुनावी जीत के बाद फोन किया और न ही अप्रैल 2022 में शहबाज शरीफ से बात की।
अप्रैल 2022 में अविश्वास मत के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद इमरान खान ने खुले तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका पर उनकी सरकार को गिराने में साजिश रचने का आरोप लगाया था। वहीं, पिछले महीने हुए चुनाव में पाकिस्तान इलेक्शन में भारी धांधली की गई थी, बावजूद इसके इमरान खान की पार्टी के निर्दलीय उम्मीदवारों ने 90 से ज्यादा सीटें जीत ली। हालांकि, सरकार शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो की पार्टी ने मिलकर बनाई।
-बाइडेन ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, कि "हमारे लोगों और दुनिया भर के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे राष्ट्रों के बीच स्थायी साझेदारी महत्वपूर्ण बनी हुई है और संयुक्त राज्य अमेरिका, हमारे समय की सबसे गंभीर वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा।"
- बाइडेन की चिट्ठी में आगे कहा गया है, कि "सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा, आर्थिक विकास और शिक्षा तक पहुंच के भविष्य के लिए हमारी साझा दृष्टि" को आगे बढ़ाया जाएगा।
-अमेरिका "मानवाधिकारों की रक्षा और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
- "एक साथ मिलकर, हम अपने राष्ट्रों के बीच एक मजबूत साझेदारी और अपने लोगों के बीच घनिष्ठ संबंध बनाना जारी रखेंगे।"
हालांकि, इस चिट्ठी में अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ भी डबल गेम खेला है और बाइडेन ने अपनी चिट्ठी में शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई नहीं दी है। जिससे साफ होता है, कि बाइडेन प्रशासन का ये पैंतरा 'फूट डालो राज करो' नीति का ही एक्सटेंशन है।
इससे पहले बाइडेन प्रशासन ने पाकिस्तान को एफ-16 फाइटर जेट्स की मरम्मत के लिए 700 मिलियन डॉलर दिए थे और तर्क दिया था, कि ये डॉलर्स पाकिस्तान को आतंकियों से मुकालबा करने के लिए दिया गया है। लेकिन, भारतीय डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना था, कि बाइडेन प्रशासन का ये डबल गेम है और एफ-16 को और घातक बनाने का मकसद सिर्फ और सिर्फ भारत है।












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