अमेरिका ने बहाए बेहिसाब डॉलर्स, इजराइल ने पाला पोसा... ऐसे ही नहीं बने हमास और मुजाहिद्दीन.. समझिए खेल...
Israel-Hamas War: हमास के आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर की सुबह अचानक दक्षिणी इजराइल पर हमला कर दिया और फिर क्रूर आतंक मचाया, जिसमें एक हजार से ज्यादा इजराइली मारे गये हैं। इस हमले के बाद इजराइल का जवाबी कार्रवाई गाजा पट्टी पर जारी है, जिसमें 2500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोगों को बेघर होना पड़ सकता है।
लेकिन, आज जो तबाही चल रही है, क्या उसकी कहानी इतनी भर है?

हमास, जिसने इजराइल को तबाह करने की शपथ ली है, क्या उसे इजराइल ने पनपने में मदद नहीं की है? क्या, जो अमेरिका आज हमास के आतंकी हमलों की निंदा कर रहा है, क्या वो दुनिया में मॉडर्न आतंकवाद लाने का जनक नहीं है?
क्या इजराइलियों ने 1970 के दशक के अंत में सीमांत फिलिस्तीनी इस्लामवादियों के एक समूह को दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकवादी समूहों में से एक, हमास में बदलने में मदद नहीं की थी?
यह कोई साजिश सिद्धांत नहीं है, बल्कि ये ब्रिगेडियर रैंक के पूर्व इज़राइली अधिकारियों का कहना है, जो 1980 के दशक की शुरुआत में गाजा में इजराइली सैन्य गवर्नर थे।
ब्रिगेडियर जनरल यित्ज़ाक सेगेव ने न्यूयॉर्क टाइम्स के एक रिपोर्टर को बताया था, कि उन्होंने फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन (FLO) के धर्मनिरपेक्षतावादियों और यासर अराफात (जिन्होंने हमास के उदय के पीछे इजराइल का हाथ बताया था) के नेतृत्व वाली फतह पार्टी को काउंटर करने के लिए इस्लामवादी आंदोलन को फंड किया था, ताकि यासर अराफात हारे।
अंजाम- इजराइल के अस्तित्व को स्वीकार करने वाले यासर अराफात को जीत नहीं मिली और हमास का उदय हुआ, जिसने इजराइल के अस्तित्व को ही मिटाने की कसम खा रखी है।
रिटायर्ड इजराइली ब्रिगेडियर जनरल यित्ज़ाक सेगेव ने कबूल किया, कि "इजरायल सरकार ने मुझे एक बजट दिया था और मस्जिदों को फंड दिया गया था।"

हमास को इजराइल ने कैसे बनाया?
दो दशकों से ज्यादा समय तक गाजा में काम करने वाले पूर्व इजरायली धार्मिक मामलों के अधिकारी अवनेर कोहेन ने 2009 में वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया था, कि "मुझे बेहद अफसोस है कि हमास इजरायल की रचना है।"
1980 के दशक के मध्य में अवनेर कोहेन ने अपने सीनियर्स को एक आधिकारिक रिपोर्ट में यहां तक लिखा था, और चेतावनी दी थी, कि वे फ़िलिस्तीनी धर्मनिरपेक्षतावादियों (जैसे यासर अराफात) के खिलाफ फ़िलिस्तीनी इस्लामवादियों का समर्थन करके, अधिकृत क्षेत्रों में फूट डालो और राज करो की भूमिका न निभाएं।
उन्होंने लिखा, "मैं...इस वास्तविकता के हमारे सामने आने से पहले इस राक्षस (कट्टरपंथी समुदाय के उभार) को तोड़ने के तरीके खोजने पर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव देता हूं।"
अवनेर कोहेन ने दावा किया, कि "अधिकारियों ने उनकी एक ना सुनी और इजरायलियों ने हमास और उसके मुस्लिम ब्रदरहुड अग्रदूतों के रूप में फिलिस्तीनी राजनीतिक इस्लाम का एक उग्रवादी तनाव बनाने में मदद की; फिर, इज़रायलियों ने अपना रुख बदल लिया और बमबारी करने, घेरने और इसके (हमास) अस्तित्व को ख़त्म करने की कोशिश शुरू कर दी।
इजराइल ने पिछले दशक में हमास के साथ तीन युद्ध किए हैं। ये युद्ध साल 2009, 2012 और 2014 में लड़े गये और इन युद्धों में गाजा में लगभग 2,500 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए। इस बीच, हमास ने किसी भी धर्मनिरपेक्ष फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह की तुलना में कहीं ज्यादा इजरायली नागरिकों को मार डाला है। यह आतंकवाद का पालन-पोषण करने की मानवीय लागत है।
1980 के दशक में गाजा में स्थित इजरायली सेना के पूर्व अरब मामलों के विशेषज्ञ डेविड हाचम ने बाद में एक टिप्पणी में कहा है, कि "जब मैं घटनाओं की शृंखला को देखता हूं, तो मुझे लगता है कि हमने गलती की है।" उन्होंने आगे लिखा है, कि "लेकिन उस समय, किसी ने संभावित परिणामों के बारे में नहीं सोचा था।"












Click it and Unblock the Notifications