'अस्पतालों में भर्ती बढ़ रही है, हेल्थ सिस्टम पर भारी पड़ सकता है ओमिक्रॉन'- WHO की चीफ साइंटिस्ट
जिनेवा, 31 दिसंबर: विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामिनाथन ने शुक्रवार को कहा है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से पूरी दुनिया में ज्यादातर कोविड की वैक्सीन नहीं लेने वालों में अस्पतालों में भर्ती के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि हालांकि, ओमिक्रॉन की वजह से बीमारी की गंभीरता कम हो सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा संख्या का एक छोटा सा हिस्सा भी बहुत होता है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी पड़ सकता है। उन्होंने तत्काल टेलीकंसल्टेशन की व्यवस्था पर जोर देने का भी आह्वान किया है।

'हेल्थ सिस्टम पर भारी पड़ सकता है ओमिक्रॉन
विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामिनाथन ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए एक ट्वीट में कहा है कि, 'अस्पताल में भर्ती के मामले भी बढ़ रहे हैं, ज्यादातर अनवैक्सीनेटेड लोगों में। हालांकि ओमिक्रॉन के चलते बीमारी कम गंभीरता वाली हो सकती है, लेकिन बहुत विशाल संख्या का एक छोटा सा प्रतिशत भी बहुत ज्यादा होता है और पूरे हेल्थ सिस्टम पर भारी पड़ सकता है। दो साल की सेवा के लिए दुनिया भर के स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई!' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि 'चाहे कोविड का कोई भी वेरिएंट हो, ओमिक्रॉन या डेल्टा- वैक्सीनेशन हॉस्पिटलाइजेशन और मौत के खिलाफ सुरक्षा देता है।'
'तैयार रहने की आवश्यकता है, घबराने की नहीं'
इस बीच सीएनबीसी-टीवी18 को दिए एक इंटरव्यू में डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटस्ट ने कहा है कि भारतीयों को तैयार रहने की आवश्यकता है, लेकिन घबराने की नहीं। पिछले 24 घंटों में देश में बहुत ही ज्यादा संक्रामक वेरिएंट ओमिक्रॉन के 309 नए केस सामने आए हैं और शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 1,270 हो चुकी है। हालांकि, इनमें से 374 डिस्चार्ज भी किए जा चुके हैं।
'ओमिक्रॉन नई चिंताएं पैदा कर रहा है'
भारत में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से जो अबतक ओमिक्रॉन के केस मिले हैं उनमें महाराष्ट्रा में सबसे ज्यादा 450 मामले इस वेरिएंट के बताए जा रहे हैं, जिनमें से स्वास्थ्य मंत्रालय के डाटा के मुताबिक 125 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया जा चुका है। दिल्ली का इसमें दूसरा स्थान है और यहां ओमिक्रॉन के 320 इंफेक्शन मिले हैं, जिनमें से 57 को अस्पतालों से डिस्चार्ज किया जा चुका है। डॉक्टर स्वामीनाथ ने कहा है कि ओमिक्रॉन का प्रकोप दुनिया भर में नई चिंताएं पैदा कर रहा है, जिसमें कि बोझ अस्पतालों से ओपीडी पर और आईसीयू से होम-बेस्ड केयर पर शिफ्ट होगा।
स्वामीनाथ ने ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए टेलीकंसल्टेशन सर्विस को तत्काल बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि वैसे तो ओमिक्रॉन वैक्सीनेटेड और अनवैक्सिनेटेड दोनों तरह के लोगों को दुनियाभर में संक्रमित कर रहा है, लेकिन लगता है कि फिर भी यह अभी भी प्रभावी साबित हो रहा है, क्योंकि भले ही कई देशों में संख्या बहुत ही ज्यादा बढ़ रही है, बीमारी की गंभीरता नए स्तर तक नहीं पहुंची है।












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