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चीन ने हांगकांग के मीडिया मुगल जिमी लाइ को हथकड़ी लगाकर वैन में बांधा, आजादी मांगने वालों पर जिनपिंग का जुल्म

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हांगकांग: हांगकांग (Hong Kong) को निगलने की कोशिश कर रहा चीन (China) वहां के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को जुल्म की जंजीरों से बांध रहा है। चीन के अत्याचार की सबसे बड़ी गवाही हांगकांग के बड़े उद्योगपति और मीडिया कंपनी के मालिक जिमी लाइ (Jimmy Lai) हैं। जिन्हें चीन की कम्यूनिस्ट सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी कानून के तहत जेल में बंद कर रखा है। जिमी लाइ को जब कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया तो उनके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी जिसे कैदी वैन के साथ बांधकर रखा गया था।

jimmy lai

हांगकांग में जो भी आजादी की बात करता है उसे गद्दार और देशद्रोही बताकर जेल में रखा जाता है। 73 साल के मानवाधिकार कार्यकर्ता और हांगकांग की आजादी के लिए लड़ने वाले प्रसिद्ध उद्योगपति जिमी लाइ (Jimmy Lai) को चीन की शी जिनपिंग सरकार लगातार टॉर्चर कर रही है।

प्रसिद्ध उद्योगपति के खिलाफ कई धाराएं

73 साल के मानवाधिकार कार्यकर्ता और हांकगांक के प्रसिद्ध उद्योगपति जिमी लाइ हांगकांग को चीनी अत्याचार से आजादी दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। लेकिन, चीन की शी जिनपिंग सरकार ने उन्हें नये बनाए गये नेशनल सिक्योरिटी कानून के तहत जेल में बंद कर दिया है। जब उन्हें हांगकांग कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया तो उनके हाथों में हथकड़ी थी जो पुलिस वैन से बंधी थी। 73 साल के बुजुर्ग और बड़े उद्योगपति को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हथकड़ी डालकर एक पुलिस वैन से बांधकर रखा था। उनके ऊपर चीन से गद्दारी, देशद्रोही, अलगाववाद छेड़ने, चीन के खिलाफ युद्ध छेड़ने, विदेशों से पैसा लेकर हांगकांग में हिंसा भड़काने समेत कई मुकदमे दर्ज किए गये हैं।

jimmy lai

चीन ने पिछले साल हांगकांग में नेशनल सिक्योरिटी कानून लागू किया है, जिसके तहत हजारों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। चीन की कम्यूनिस्ट सरकार उन कार्यकर्ताओं पर जुल्म कर रही है। अगर चीनी सरकार एक बड़े उद्योगपति के साथ इस तरह का सलूक कर रही है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां के सामान्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की क्या स्थिति होगी?

लोकतंत्र के लिए है जिमी लाइ का संघर्ष

जिमी लाइ हांगकांग के प्रसिद्ध उद्योगपति हैं और वो लोकतंत्र के प्रबल समर्थकों में से एक हैं। जिमी लाइ ने लोकतंत्र का दमन करने वाली चीन की कम्यूनिस्ट सरकार के खिलाफ अपने मीडिया समूह के जरिए विद्रोह का ऐलान कर दिया। जिसके बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी कानून के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जिमी लाइ डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता भी हैं जिनका उद्येश्य हांगकांग में लोकतंत्र की स्थापना करना और चीनी प्रभाव से मुक्त कराना है। हांगकांग में उनका प्रसिद्ध अखबार 'एप्पल डेली' भी निकलता है, जिसपर अब चीनी सरकार ने कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं।

जिमी लाइ को पिछले साल 10 अगस्त को चीन की कम्यूनिस्ट सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया था और तब से वो लगातार जेल में बंद हैं। जिमी लाइ को रिहा करने की मांग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी की जाती है लेकिन चीनी सरकार ने उन्हें रिहा करने से इनकार कर दिया। पिछले साल दिसंबर में जिमी लाइ को 'फ्रीडम ऑफ प्रेस' अवार्ड से सम्मानित भी किया गया था।

jimmy lai

चीन का खतरनाक नेशनल सिक्योरिटी कानून

चीन ने अपने खिलाफ उठने वाली आवाज का गला घोंटने के लिए पिछले साल हांगकांग पर नेशनल सिक्योरिटी कानून थोप दिया। इस कानून में सरकार के खिलाफ एक शब्द बोलना भी देशद्रोह के अंतर्गत आता है। आर्टिकिल 42 के तहत बनाया गया ये कानून गैरजमानती है। यानि, इस कानून के तहत जो भी गिरफ्तार किया जाता है उसे कोर्ट जमानत नहीं दे सकती है। चीन ने हांगकांग पर ये कानून सिर्फ इसलिए थोपा कि वहां स्वतंत्रता और लोकतंत्र बहाल करने के लिए उठने वाली किसी भी आवाज को खामोश किया जा सके। इस कानून के लागू होने के बाद हजारों एक्टिविस्ट हांगकांग से भागकर ब्रिटेन जा रहे हैं। ब्रिटेन ने ऐसे कार्यकर्ताओं के लिए देश का वीजा देना शुरू कर दिया है।

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English summary
China has presented Hong Kong media mogul and human rights activist Jimmy Lie in court with handcuffs.
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