24 लड़ाकू विमानों के घेरे में ताइवान पहुंचीं नैन्सी पेलोसी, जानिए कितना सख्त है सुरक्षा का घेरा
ताइपे, 03 अगस्त। अमेरिका और चीन के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। जिस तरह से अमेरिकी हाउस की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ताइवान के दौरे पर पहुंची हैं उसके बाद चीन ने ताइवान पर प्रतिबंधों की झड़ी लगा दी है। कई लड़ाकू विमानों को ताइवान की एयर स्पेस में भेज दिया है। ऐसे में अमेरिका नैन्सी पेलोसी की सुरक्षा में किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता है। अमेरिका और ताइवान दोनों ही नैन्सी पेलोसी की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होने देना चाहते हैं। ताइवान के दौरे पर नैन्सी पेलोसी की सुरक्षा में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों, लड़ाकू एयरक्राफ्ट को तैनात किया गया है, जिससे किसी भी तरह की चुनौती से निपटा जा सके। नैन्सी पेलोसी के ताइवान पहुंचने पर उन्हें अमेरिकी नेवी और एयरफोर्स के 24 एडवांस फाइटर जेट ने एस्कॉर्ट किया।
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टॉप फील्ड एजेंट सुरक्षा में तैनात
पेलोसी की सुरक्षा में अमेरिका के 6 सीक्रेट सर्विस फील्ड एजेंट तैनात हैं। इसके अलावा ताइवान के अधिकारियों की ओर से भी पेलोसी को भारी सुरक्षा मुहैया कराई गई है। ताइवान की मिलिट्री पुलिस टीम भी पेलोसी को सुरक्षा मुहैया करा रही है। पेलोसी के दौरे के लिए ताइवान की पुलिस उन तमाम जगहों की पहले सघन जांच कर रही है जहां पर पेलोसी को जाना है। चप्पे-चप्पे पर पेलोसी की सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अमेरिका की स्पेशल फोर्सेस फील्ड टीम भी पेलोसी की सुरक्षा में तैनात की गई है। यूएस स्पेशल फोर्सेस फील्ड की टीम पेलोसी के साथ ताइवे में मौजूद है।

लड़ाकू विमान भी तैनात
पेलोसी को ना सिर्फ जमीन बल्कि आसमान और समुद्री रास्ते से भी सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। ताइवान ने एफ-16 लड़ाकू विमान को स्डैंटबाय पर रखा गया है, ताकि इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि नैन्सी पेलोसी की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। इसके साथ ही अमेरिकी भी किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता है। अमेरिका ने भी 2 अमेरिकी पी-8ए सर्विलांस एयरक्राफ्ट को पेलोसी की सुरक्षा में तैनात किया है। इसके अलावा 2 यूएस आरक्यू-1 प्रेडिटर ड्रोन को तैनात किया गया है।

विशेष सैटेलाइट रख रही है नजर
ताइवान में नैन्सी पेलोसी की यात्रा पर चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए अमेरिका ने एक विशेष मिलिट्री सैटेलाइट को भी तैनात किया है। यह सैटेलाइट सिर्फ नैन्सी पेलोसी की हर गतिविधि को ट्रैक करेगा। नैन्सी जहां भी जाएंगी यह सैटेलाइट उनकी मूवमेंट को ट्रैक करेगा। दरअसल जिस तरह से चीन ने धमकी दी थी कि नैन्सी पेलोसी के ताइवान आने के गंभीर परिणाम होंगे। लेकिन बावजूद इसके नैन्सी पेलोसी ताइवान पहुंची और यहां की संसद को संबोधित किया। अमेरिका चीन को संदेश देना चाह रहा है कि ताइवान का दौरा कोई बड़ी बात नहीं है, लिहाजा इसको लेकर बहुत ज्यादा तनाव बढ़ाने की जरूरत नहीं है।












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