जापान में कम होती जनसंख्या बनी सरकार की परेशानी
टोक्यो। पिछले एक दशक के दौरान वर्ष 2015 में पहली बार जापान की आबादी में गिरावट दर्ज की गई है। जनसंख्या के नए आंकड़ों ने सरकार को परेशान कर दिया है।

जापान की मिनिस्ट्री ऑफ इंटरनल अफेयर्स एंड कम्युनिकेशंस स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो ने शुक्रवार को आंकड़ें जारी किए हैं।
1920 के बाद से दर्ज की गई गिरावट
इन आंकड़ों के मुताबिक, एक अक्टूबर, 2015 को जापान की कुल आबादी 127,110,047 थी, जो साल 2010 के आंकड़े से 947,305 कम है। इस तरह से कुल आबादी में 0.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
जनगणना के मुताबिक, वर्ष 1920 में जनगणना शुरू होने के बाद जापान की आबादी में पहली बार कमी दर्ज की गई है।
इसके साथ ही जापान दुनिया का 10वां सबसे बड़ा देश है और टॉप 20 देशों में यह अकेला देश है, जिसकी आबादी घट रही है।
कितनी महिलाएं कितने पुरुष
स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो ने कहा कि जापान में पुरुषों की आबादी 61,280,810 है, जबकि महिला आबादी 65,280,810 है और देश के कुल 47 प्रांतों में से 39 में आबादी में कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक, टोक्यो व कुछ पड़ोसी प्रांतों में आबादी में वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार अपना रही उपाय
सरकार अब जनसंख्या के संकट के लिए सुधार नीतियों से निपटने में लगी है। इसका मकसद तेजी से गिरते प्रजनन दर को बढ़ावा देना है, जिसमें साल 2014 में रिकार्ड 1.42 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्योरिटी रिसर्च ने कहा कि गिरते जन्म दर से जापान साल 2060 तक अपनी एक-तिहाई आबादी को खो देगा।
कियो युनिवर्सिटी के विशेषज्ञ नोरिको सुया के मुताबिक कोई और औद्योगिक देश नहीं है, जो आबादी में इस तरह तेजी से गिरावट से जूझ रहा है।












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