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यूं ही टॉप पर नहीं है Google, इन कंपनियों को देता है अरबों डॉलर की घूस, न्याय विभाग का आरोप

वाशिंगटन, 09 सितंबरः अमेरिका न्याय विभाग ने एक संघीय न्यायाधीश को बताया कि गूगल अवैध रूप से शीर्ष सर्च इंजन बने रहने के लिए सालाना अरबों डॉलर का भुगतान कर रहा है। हालांकि, अटॉर्नी केनेथ डिंटजर ने यह खुलासा नहीं किया कि गूगल अधिकांश ब्राउजरों और सभी अमेरिकी मोबाइल फोन पर डिफॉल्ट सर्च इंजन होने के लिए कितना खर्च करता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह राशि बहुत बड़ी है।

न्याय विभाग ने नहीं किया रकम का खुलासा

न्याय विभाग ने नहीं किया रकम का खुलासा

न्याय विभाग के वकील केनेथ डिंटजर ने भुगतानों को "बहुत बड़ी संख्या" बताते हुए कहा कि गूगल द्वारा दूरसंचार दिग्गजों और कंपनियों को भुगतान किया जा रहा है जिसमें ऐप्पल इंक और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। वाशिंगटन में एक सुनवाई के दौरान वकील केनेथ डिंटजर ने न्यायाधीश अमित मेहता से कहा कि गूगल डिफॉल्ट प्रोग्राम में अरबों का निवेश करता है, यह जानते हुए कि लोग उसे नहीं बदलेंगे। गूगल खास तौर पर डिफॉल्ट खरीद रहा है। क्योंकि डिफॉल्ट बहुत मायने रखता है।

डिफॉल्ट में बने रहने के लिए देता है घूस

डिफॉल्ट में बने रहने के लिए देता है घूस

डिंटजर ने कहा कि गूगल जानता है कि लोग इतना ध्यान नहीं देते हैं। उन्हें सर्च करना होता है, इसके लिए माध्यम कोई भी हो... ऐसे में गूगल कंपनियों को डिफॉल्ट विशिष्टता में बने रहने के लिए अरबों रुपये देता है। इस एंटीट्रस्ट मुकदमे का आधार गूगल का कॉन्ट्रैक्ट है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने एंटीट्रस्ट कानूनों के उल्लंघन में अपने ऑनलाइन सर्च एकाधिकार को बनाए रखने की मांग की है। इसके साथ ही राज्य के अटॉर्नी जनरल ने भी गूगल के खिलाफ एक समानांतर एंटीट्रस्ट दाखिल किया है।

ट्रम्प काल में चला था मुकदमा

ट्रम्प काल में चला था मुकदमा

हालांकि, औपचारिक रूप से मुकदमे के इस साल शुरू होने की उम्मीद नहीं है। गुरुवार को पहली बार दोनों पक्षों ने गूगल के कारोबार पर अपनी-अपनी बात रखी। बतादें कि फेसबुक की मूल कंपनी मेटा पर पहले से ही राज्य के अटार्नी जनरल एंटीट्रस्ट मुकदमा दायल कर चुके हैं। इन तकनीकी दिग्गजों की शक्ति पर पहला बड़ा प्रयास पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दिनों में दायर किया गया था। वहीं, राष्ट्रपति जो बाइडेन के शासन में दिग्गज टेक कंपनी के एकाधिकार को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं और यह उस दिशा में पहला प्रयास था।

अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है गूगल?

अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है गूगल?

व्हाइट हाउस ने गुरुवार को बिग टेक प्लेटफॉर्म में सुधार के लिए छह सिद्धातों की रूपरेखा तैयार की। इस में विशेषज्ञों संग गोलमेज सम्मेलन की मेजबानी की गई, जिसमें इस बात पर चर्चा की गई कि दिग्गज टेक प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था और बच्चों के स्वास्थ्य को किस तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं। गूगल के वकील जॉन श्मिटलिन ने कहा कि अमेरिका न्याय विभाग और राज्य राज्य, बाजार को गलत तरीके से समझ रहे हैं और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प, बिंग और डकडकगो जैसे छोटे सर्च इंजन पर बहुत ज्यादा फोकस कर रहे हैं।

गूगल को कौन टक्कर दे रहा है?

गूगल को कौन टक्कर दे रहा है?

श्मिटलिन ने कहा कि गूगल इन सर्च कंपनियों के बजाय मेटा, अमेजन, टिकटॉक, ग्रबहब और जैसी दर्जनों अन्य कंपनियों से भयंकर प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। श्मिटलिन ने आगे कहा कि आपको अमेजन पर शॉपिंग करने के लिए आपको गूगल पर जाना नहीं होता है, एक्सपोडिया पर हवाई जहाज का टिकट खरीदने के लिए भी आपको गूगल पर नहीं जाना होता है। हकीकत यह है कि अगर गूगल को हर बार प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ता है।

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