गूगल में वर्क फ्रॉम होम करने वालों के आए बुरे दिन! अब कटेगी सैलेरी
नई दिल्ली, 10 अगस्त: जब से कोरोना वायरस ने दस्तक दी है, तब से पूरी दुनिया इस अदृश्य दुश्मन से जंग लड़ रही हैं। बाजार से लेकर ऑफिस तक लोगों ने सन्नाटा पसरता हुआ देखा है। इस दौरान आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ा है। देशों की अर्थव्यवस्था से लेकर लोगों के रोजगार पर इसका काफी बुरा असर पड़ा है। हालांकि कोरोना के प्रकोप के बीच ऑफिस के तौर-तरीकों में बहुत बड़ा बदलाव आया है। लोग ऑफिस ना जाकर घर से ही बड़ी संख्या में काम कर रहे हैं, जिसका फायदा कंपनियों के साथ-साथ नौकरी करने वाले कर्मचारियों को भी हुआ है, लेकिन अब लंबे समय से चल रहे वर्क फ्रॉम होम के बीच कुछ कंपनियां अपने रूल्स में बदलाव कर रही हैं, जिसका असर अब दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार गूगल में भी देखने को मिल रहा है।
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सैलेरी में से 10 फीसदी होगी कटौती
समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक अब जल्द ही गूगल भी अपने वर्क फ्रॉम होम कर्मचारियों को लेकर बड़ा बदलाव करने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक गूगल अपने कर्मचारियों की सैलेरी में से 10 फीसदी पैसा कट कर सकता है, जो लोग हमेशा के लिए वर्क फ्रॉम होम करना चाहते हैं। दरअसल, कोरोना महामारी के बीच गूगल ने अपने कर्मचारियों को ऑप्शन दिया हुआ है कि वो पर्मोनेन्ट अपने घर से कंपनी का काम संभाल सकते हैं।

फेसबुक और टि्वटर पहले ही कर चुके कटौती
कुल मिलाकर साफ है कि अगर कर्मचारियों घर से काम करने का मन बनाते है तो उनको तनख्वाह की कटौती से गुजरना होगा। बता दें कि वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस से काम करने को लेकर अमेरिका की सिलिकॉन वैली में अलग-अलग तरह के प्रयोग किए जा रहे है, जो अक्सर अन्य बड़ी कंपनी के लिए रुझान निर्धारित करता है। इससे पहले फेसबुक और टि्वटर जैसी बड़ी कंपनियों भी सैलेरी में कटौती कर चुकी हैं। फेसबुक और ट्विटर ने कम खर्चीले जगह में रहने वाले और दूरदराज के कर्मचारियों के लिए वेतन में कटौती की है।

जो लोग ऑफिस से दूर, उनकी सैलेरी में चलेगी कैंची
इधर, रेडिट और जिल्लो जैसी कंपनियों ने नई ज्वाइनिंग इसी बेस पर की जा रही है कि अगर वो लोग घर से ऑफिस का काम करना पसंद करते हैं तो उनकी सैलेरी और ऑफिस आने वाले कर्मचारी की सैलेरी में अंतर होगा। अल्फाबेट इंक का Google कर्मचारियों को एक गणना करने की पेशकश है, जिसके मुताबिक वो इस बात के लिए स्वतंत्र है कि उनको क्या करना है, जानकारी के मुताबिक जिन कर्मचारी दूर रहते हैं और ऑफिस आने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं, ऐसे कर्मचारियों की सैलेरी में कटौती हो सकती है।

गूगल ने वर्क लोकेशन टूल किया लॉन्च
Google के प्रवक्ता ने कहा कि हमारे कंपनसेशन पैकेज हमेशा लोकेशन के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं, और हम हमेशा लोकल मार्केट के ज्यादा भुगतान करते हैं, जहां से एक कर्मचारी काम करता है। उन्होंने यह भी बताया कि वेतन शहर और राज्य के मुताबिक अलग होगा। गूगल ने हाल ही जून में वर्क लोकेशन टूल लॉन्च किया गया है, जिसमें वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस से किए जाने वाले काम की जानकारी ली जाती है। यहां तक की इस टूल के जरिए अगर ऑफिस से घर दूर है तो वेतन कटकर मिलेगा।

गूगल के नए रूल्स से परेशानी में कर्मचारी
हालांकि गूगल के इस फरमान के बाद कर्मचारी काफी परेशानी भरी स्थिति में है, अब इसका असर बाकी कंपनियों पर भी पड़ता साफ दिखाई देगा। हालांकि पहले बताया जा रहा था कि कोरोना काल में गूगल ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करनी की सुविधा के साथ पूरा वेतन दिया था, लेकिन अब मौजूदा हालात में कंपनी ऐसा करने के लिए सक्षम नहीं है, जिसके बाद अब शहर और राज्यों के हिसाब के घर से काम करने वाले कर्मचारियों को 10 से 25 फीसदी तक वेतन कटौती का सामना करना पड़ सकता हैं।












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