पागलपन की हद: टैंक के जरिए घर की सफाई करता था शख्स, देखकर सेना के उड़े होश, ऐसे सिखाया सबक
नई दिल्ली, 7 अगस्त: दुनिया में सनकी लोगों की कमी नहीं है। कुछ लोग अपनी हरकतों की वजह से सैकड़ों लोगों की जान खतरे में डाल देते हैं। ताजा मामला जर्मनी से सामने आया है, जहां पर एक रिटायर कर्मचारी के घर हथियारों का जखीरा मिला है। पुलिस और सेना की टीम तब हैरान रह गई, जब उनको शख्स के घर में एक लड़ाकू टैंक मिला। हालांकि अब उसको कानूनी तरीके से सबक सिखाया जा रहा है। वहीं जर्मनी के कानून की वजह से अभी तक शख्स की पूरी पहचान नहीं उजागर की गई है। (तस्वीरें- प्रतीकात्मक)

टैंक का कर रहा था इस्तेमाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 84 साल के एक शख्स के पास द्वितीय विश्व युद्ध का एक टैंक था। वैसे आमतौर पर लोग पुरानी चीजों को एक किनारे पर रख देते हैं, लेकिन वो टैंक के जरिए घर की सफाई करता था। हाल ही में पुलिस को कुछ लोगों ने इसकी खबर दी, जिसके बाद एक टीम को उसके घर पर भेजा गया, जहां आंगन में बड़ा टैंक दिखाई दिया।

जेसीबी की तरह करता था इस्तेमाल
छानबीन पर पता चला कि वो टैंक काफी लंबे वक्त से उसके घर में हैं। पुलिस ने उसे हटाने के लिए कई बार वार्निंग भी दी लेकिन वो नहीं सुधरा। उसके पड़ोसियों ने बताया कि वो एकदम पागलों वाली हरकतें करता है। जब सर्दियों में उसके घर में बर्फ जमा हो जाती है, तो वो टैंक का इस्तेमाल जेसीबी की तरह करता है। साथ ही उसी की मदद से घर की आंगन को साफ करता है।

कोर्ट ने लगाया जुर्माना
सोमवार को पुलिस ने इस मामले को स्थानीय कोर्ट के आगे पेश किया। साथ ही बताया कि उनकी टीम को उत्तरी शहर हाइकेंडोर्फ में स्थित एक घर से टैंक, हथियार, गोलियां और भी कई सामान बरामद हुए, जो द्वितीय विश्वयुद्ध के जमाने के हैं। इस पर आरोपी ने बताया कि वो इन सब चीजों को शौक के लिए रखता था। हालांकि कोर्ट ने उसकी एक भी दलीलें ना सुनीं। साथ ही उस पर 2.50 लाख यूरो का जुर्माना लगाते हुए 14 महीने की सजा सुनाई। इसके अलावा आदेश दिया कि वो टैंक को किसी म्यूजियम या जिम्मेदार अथॉरिटी को बेच या दान कर दे।

सबसे हाईटेक था टैंक
वहीं आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि एक अमेरिकी संग्रहालय पैंथर टैंक खरीदने में रुचि रखता है। कई अमेरिकी इतिहासकारों का तर्क है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी द्वारा तैनात किया गया ये सबसे कुशल युद्धक वाहन था। जिसकी कीमत करोड़ों में है। इसके अलावा कई जर्मन संस्थानों ने राइफल समेत अन्य समान खरीदने के लिए आरोपी से संपर्क किया था।

निकालने में 9 घंटे का वक्त
वहीं जर्मन मीडिया ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों को 2015 में ही खबर मिली थी कि एक शख्स अपने घर में कई पुरानी चीजें रखे हुए है। जिसके बाद उसके घर पर छापा मारा गया। जिसमें नाजियों से मिली कई चीजें बरामद हुईं। वहीं जब कोर्ट का आदेश आया, तो 20 सैनिकों ने 9 घंटे की मेहनत के बाद टैंक को घर से बाहर निकाला, क्योंकि उसके ट्रैक नहीं काम कर रहे थे।












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