• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जॉर्ज फ्लॉयड केसः हिंसक प्रदर्शन में शामिल एंटीफा को आतंकी संगठन करार देगा अमेरिका

|

नई दिल्ली: अमेरिका में इसी हफ्ते मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड नामक एक अश्वेत की पुलिस हिरासत में मौत के बाद शुरू हुए हिंसक प्रदर्शन और आगजनी में प्रमुख रूप से शामिल एंटीफा (Antifa) संगठन को आंतकवादी समूह करार दिया जाएगा। पुलिस ने अब तक पूरे अमेरिका में कुल 1400 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।

us

बीते रविवार को इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा कि अमेरिकी सरकार फासीवाद विरोधी समूह एंटीफा को आतंकवादी संगठन करार देगी। अमेरिका में फासीवाद के विरोधी लोगों को एंटी फॉसिस्ट अथवा एंटीफा कहा जाता है।

    USA Protest: क्या है ANTIFA, जिसपर President Donald Trump ने लगाया Ban | वनइंडिया हिंदी

    us

    जार्ज फ्लॉयड मौतः भारतीय रेस्त्रां मालिक की प्रतिक्रिया इंटरनेट पर जीत रहा है लोगों का दिल

    गौरतलब है गत 26 मई को मिनियापोलिस की स्थानीय पुलिस ने पुलिस हिरासत में मारे गए अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड धोखाधड़ी के मामूली आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन गिरफ्तारी से पूर्व मृतक जॉर्ज फ्लॉयड के खिलाफ पुलिस के क्रूरतम व्यवहार के वायरल हुए एक वीडियो के बाद लोग सड़कों पर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे और कुछ देर बाद ही प्रदर्शन हिंसक और आगजनी में बदल गए।

    us

    विश्व स्वास्थ्य संगठन से अलग हुआ अमेरिका, ट्रंप ने संबंध खत्म करने का किया ऐलान

    बताया जाता है घटना के बाद से ही हिंसक विरोध प्रदर्शन ने पूरे अमेरिका को अपने आगोश में ले लिया। लोग पुलिस कीबर्बरता के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें मामूली आरोप में गिरफ्तार किया जॉर्ज फ्लॉयड को सड़क पर उल्टा लिटाकर पुलिस अधिकारी ने कथित रूप से करीब 7 मिनट तक अपने घुटने से उसके गर्दन दबाए रखा था और सांस नहीं ले पाने की गुहार के बावजूद पुलिस अधिकारी ने उसे नहीं छोड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।

    us

    अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने सितंबर तक टाला G-7 समिट, भारत समेत इन देशों को करेंगे आमंत्रित

    अमेरिकी अटॉर्नी जनरल विलियम बर ने शनिवार को कहा, अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड के लिए शुरू हुए आंदोलन को कट्टरपंथी और आंदोलनकारियों ने हाइजैक कर लिया है। बाहरी कट्टरपंथी और आंदोलनकारी स्थिति को और बिगाड़ रहे हैं, वो इसे अपने निजी फायदे के लिए इस्तेाल कर रहे हैं। वहीं, मिनेसोटा के सार्वजनिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख जॉन हैरिंगटन ने बताया कि गत शनिवार को गिरफ्तार हुए करीब 20% लोग राज्य के बाहर के थे।

    us

    अमेरिका में कोरोना का तांडव जारी, बीते 24 घंटे में 960 लोगों की मौत

    गत रविवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए हैरिंगटन ने आगे कहा, यह पहली बार नहीं है कि ट्रंप ने ट्वीट के जरिए एंटीफा को आतंकवादी समूह बताया हो। टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज़ जैसे अन्य रूढ़ीवादी नेताओं ने इसी तरह के बयान दिए हैं। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन गंभीरता से औपचारिक प्रक्रियाओं के माध्यमों से एंटिफा को आतंकी घोषित कर रहा है, क्योंकि आमतौर पर ऐसा करने के लिए कई संघीय एजेंसियों में समन्वय की आवश्यकता होती है।

    us

    अमेरिका: दंगों और प्रदर्शन के समय व्‍हाइट हाउस में क्‍यों अंडरग्राउंड हुए ट्रंप

    उल्लेखनीय है अमेरिका में फासीवाद का विरोध करने वाले लोगों को एंटी फासिस्ट अथवा एंटिफा कहा जाता है। अमेरिका में एंटीफा का आंदोलन उग्रवादी, वामपंथी और फासीवाद विरोधी आंदोलन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। एंटीफा में शामिल लोग नव-नाजी, नव-फांसीवाद, रंगभेद के खिलाफ होते हैं. एंटीफा के लोग सरकार के खिलाफ खड़े रहते हैं। पुलिस ने बताया कि अभी तक पूरे अमेरिका 1400 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।

    अमेरिका में प्रदर्शन हुए हिंसक, वॉशिंगटन DC समेत 40 शहरों में अब कर्फ्यू

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    In the US this week, the Antifa organization, primarily involved in the violent protests and arson following the death of a black man named George Floyd in police custody, will be called a militant group. Police have so far arrested a total of 1400 protesters across the US.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more