Gaza War One Year: दर्द से दहशत तक! एक साल की इजराइली बमबारी ने क्या कर दिया गाजा पट्टी का हाल? देख लीजिए
The anniversary of the Gaza War reveals a catastrophic impact, with over 41,000 casualties, significant infrastructure damage, and a dire humanitarian crisis affecting millions.
Gaza War Anniversary: गाजा पट्टी में इजराइली युद्ध और भीषण बमबारी के एक साल हो गये हैं और चारों तरफ से घिरे इस क्षेत्र का हाल देखने के बाद लोग यही पूछ सकते हैं, कि आखिर अब गाजा में क्या बचा है?
पिछले साल 7 अक्टूबर को फिलीस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास के मिलिट्री यूनिट कस्साम ब्रिगेट ने दक्षिणी इजराइल पर बर्बर हमला किया था, जिसमें 1200 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी और 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया था, जिनमें 60 से ज्यादा बंधक अभी भी गाजा में हैं। बाकी बंधकों में कुछ को या तो रिहा कर दिया गया, या मार दिया गया।

एक साल में गाजा का कैसा हो गया हाल?
इस हमले के जवाब में, इजराइल ने 8 अक्टूबर से भयंकर बमबारी अभियान शुरू किया और 2007 से गाजा में पहले से ही चल रही खतरनाक घेराबंदी को और कड़ा कर दिया। पिछले एक साल में, इजराइली हमलों में गाजा में रहने वाले कम से कम 41,615 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, यानि हर 55 लोगों में से एक की मौत इजराइली हमले में हुई है।
हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गाजा पट्टी में सिर्फ एक साल की लड़ाई में 16 हजार 756 बच्चों की मौत हुई है, जो पिछले 20 सालों से चल रही लड़ाई के दौरान मारे गये 17 हजार बच्चों से काफी ज्यादा है। इसके अलावा, गाजा पट्टी में पिछले एक साल में 11 हजार 346 महिलाओं की मौत हुई है।
इजराइली सैन्य अभियान की दुनियाभर के ज्यादातर देशों ने निंदा की है और यूनाइटेड नेशंस ने भी युद्ध और अंधाधुंध बमबारी को रोकने की अपील की, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कान पर जूं तक नहीं रेगी है और अब गाजा पट्टी में हजारों ऐसे परिवार हैं, जो पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।
इसके अलावा, गाजा में कम से कम 97,303 लोग घायल हुए हैं, यानि गाजा पट्टी में हर 23 लोंगों में से एक घायल हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों में से लगभग एक चौथाई, यानि करीब 22,500 लोग इस तरह से घायल हुए हैं, कि उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई है।
UNRWA के मुताबिक, गाजा पट्टी में हर दिन 10 बच्चे एक या अपने दोनों पैर इजराइली हमले में खो दे रहे हैं और घेराबंदी की वजह से अस्पतालों में होने वाले ऑपरेशन बिना एनेस्थीसिया के किए जा रहे हैं।
इसके अलावा मारे गए और घायल हुए लोगों के अलावा, मलबे के नीचे 10 हजार से ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका है। मलबे को हटाने और कंक्रीट के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए बहुत कम उपकरण होने के कारण, स्वयंसेवक और नागरिक सुरक्षा कर्मचारी बिना किसी मशीन के उन्हें निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन ज्यादातर मिशन नाकाम हो जाते हैं।

गाजा में किस तरह का इजराइली हमला हुआ है?
अनुमान है कि गाजा पट्टी में इजराइल ने 75 हजार टन विस्फोटक गिराए गए हैं और डिफेंस एक्सपर्ट्स का अनुमान है, कि युद्ध के बाद 42 मिलियन टन से ज्यादा मलबे को साफ करने में अब कई साल लग सकते हैं। इसके अलावा, गाजा पट्टी में हजारों ऐसे बम पड़े हैं, जो फटे नहीं हैं, जिन्हें हटाना और ज्यादा मुश्किल होगा।
इजराइल ने गाजा के लगभग सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमला किया है।
पिछले एक साल में गाजा पट्टी में कम से कम 114 अस्पताल और क्लीनिक निष्क्रिय हो गए हैं, जिससे सैकड़ों घायल ऐसे होते हैं, जिन्हें सही इलाज नहीं मिल पाता। गाजा मीडिया कार्यालय के मुताबिक, 34 अस्पताल और 80 स्वास्थ्य केंद्र अब सर्विस से बाहर हो चुके हैं, 162 स्वास्थ्य संस्थानों पर इजराइली सेना ने हमला किया है और कम से कम 131 एम्बुलेंस को निशाना बनाया गया और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
कई विशेषज्ञों ने तर्क दिया है, कि अस्पतालों पर हमला करना - खासकर गंभीर रूप से बीमार मरीजों और शिशुओं का इलाज करने वाले अस्पतालों पर- अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत परिभाषित युद्ध अपराध हो सकता है।
अस्पतालों पर इजराइली हमलों और गाजा पर लगातार बमबारी के कारण कम से कम 986 चिकित्साकर्मी मारे गए हैं, जिनमें 165 डॉक्टर, 260 नर्स, 184 स्वास्थ्य सहयोगी, 76 फार्मासिस्ट और 300 प्रबंधन और सहायक कर्मचारी शामिल हैं। फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं में कम से कम 85 नागरिक सुरक्षा कार्यकर्ता मारे गए हैं।
गाजा में सामूहिक कब्र से 520 बॉडी मिले
इजराइली सेना ने गाजा के कई अस्पतालों की घेराबंदी कर दी है, जिसमें सैकड़ों लोग कैद हैं। अप्रैल 2024 में खान यूनिस के नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स में 300 युवा पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के शव बरामद किए गए। उसी महीने, बेत लाहिया के एक स्कूल के मैदान में एक और सामूहिक कब्र मिली।
मई में, गाजा मीडिया कार्यालय ने घोषणा की, कि अल-शिफा अस्पताल में एक और सामूहिक कब्र खोदी गई है, जिसमें कुछ शवों के सिर कटे हुए थे। गाजा आपातकालीन संचालन केंद्र के निदेशक मोटासेम सलाह के अनुसार, रिसेप्शन और आपातकालीन विभाग में बिस्तरों पर, बीमार और घायल लोगों के सिर के ऊपर शव पाए गए और उन्हें जिंदा दफनाया गया।

गाजा में गंभीर बीमारी से छटपटाते लोग
पिछले वर्ष, गाजा की 23 लाख की आबादी में से तीन चौथाई (75 प्रतिशत) लोग स्वच्छता की कमी, खुले सीवेज और स्वच्छता तक अपर्याप्त पहुंच की वजह से संक्रामक रोगों से संक्रमित हो गए हैं। मेडिकल सप्लाई रूकने की वजह से 350,000 लोग गंभीर रूप से बीमार रोगियों के जीवन को खतरे में डाल दिया है, जिन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता है।
कम से कम 10,000 कैंसर रोगियों को अब आवश्यक उपचार नहीं मिल पा रहा है, जबकि कम से कम 15,000 लोग जो घायल हैं या गंभीर रूप से बीमार हैं, उन्हें उपचार के लिए गाजा से बाहर जाना पड़ता है।
गाजा में भूखमरी से कराहते लोग
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के रोम कानून के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष में जानबूझकर किसी आबादी को भूखा रखना युद्ध अपराध है।
अल जजीरा ने फॉल्ट लाइन्स की तरफ से की गई जांच में के आधार पर दावा किया है, कि इजराइल ने भूख से मर रही जनता को सहायता और पानी देने से व्यवस्थित रूप से इनकार कर दिया है। अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिकी विदेश विभाग के एक पूर्व अधिकारी स्टेसी गिल्बर्ट के हवाले से कहा है, इजराइल जरूरी खाद्य सहायता पहुंचने से रोक रहा है।
कम से कम 21 लाख लोग, या गाजा की 96 प्रतिशत आबादी, भोजन की गंभीर कमी का सामना कर रही है। इंटीग्रेटेड फुड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (IPC) के मुताबिक, पांच में से एक फिलिस्तीनी, या लगभग 495,000 लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं।
वहीं, नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन Anera के मुताबिक, मार्च 2024 में, गाजा की 95 प्रतिशत आबादी तक स्वच्छ पानी की सप्लाई बंद हो गई है। गाजा भर में, प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन केवल 1.5 से 1.8 लीटर पानी उपलब्ध है। WHO द्वारा प्रतिदिन प्रति व्यक्ति स्वच्छ पानी की अनुशंसित मात्रा 100 लीटर (26 गैलन) है। अब हताश होकर, गाजा के लोगों ने पीने योग्य नमकीन पानी पीना और समुद्र में नहाना और अपने कपड़े धोना शुरू कर दिया है।

पत्रकारों के लिए कब्रगाह बनी गाजा पट्टी
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के मुताबिक, 7 अक्टूबर से अब तक 130 से ज्यादा पत्रकार मारे जा चुके हैं, जिनमें से लगभग सभी फिलिस्तीनी हैं। गाजा के मीडिया कार्यालय के अनुसार मारे गए पत्रकारों की संख्या 175 है, यानी 7 अक्टूबर से अब तक हर हफ्ते औसतन चार पत्रकार मारे गए हैं।
हजारों गाजावासी किए गये हैं गिरफ्तार
इजराइली जेलों में 10,000 से ज्यादा फिलीस्तीनी गंभीर परिस्थितियों में बंद हैं, जिनमें कम से कम 250 बच्चे और 80 महिलाएं शामिल हैं। हालांकि, इजराइल का कहना है, कि इनका संबंध हमास से है और ये आतंकवादी हैं। लेकिन, ज्यादातर लोगों को बिना किसी आरोप में हिरासत में रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 3,332 फिलीस्तीनी बिना किसी आरोप या मुकदमे के प्रशासनिक हिरासत में हैं।

कितनी बर्बाद हो चुकी है गाजा पट्टी?
गाजा पर अनुमानित 75,000 टन विस्फोटक गिराए गए हैं और विशेषज्ञों का अनुमान है कि 42 मिलियन टन से ज्यादा मात्रा में मलबा साफ करने में कई साल लग सकते हैं, जिसमें बिना फटे बम भी भरे पड़े हैं। गाजा के मीडिया कार्यालय का अनुमान है कि गाजा पट्टी पर इजरायल के हमलों से प्रत्यक्ष रूप से 33 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।
OCHA के मुताबिक, जनवरी तक 60 प्रतिशत आवासीय घर और 80 प्रतिशत सभी वाणिज्यिक सुविधाएं क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुकी हैं। गाजा के मीडिया कार्यालय का अनुमान है कि 150,000 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं, साथ ही 3,000 किलोमीटर से ज्यादा बिजली नेटवर्क भी नष्ट हो चुके हैं।
इतने सारे घर नष्ट हो जाने के कारण, गाजा के सैकड़ों स्कूलों को आश्रय स्थलों में बदल दिया गया है, जिससे गाजा के कम से कम 625,000 बच्चों की पढ़ाई अब बंद हो चुकी है। पिछले एक साल में इजराइल ने 123 स्कूलों और विश्वविद्यालयों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है और कम से कम 335 अन्य शिक्षण संस्थानों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। कम से कम 11,500 छात्र और 750 शिक्षक और शैक्षणिक कर्मचारी मारे गए हैं।
पिछले साल कम से कम 206 पुरातात्विक और विरासत स्थलों को भी नष्ट कर दिया गया है। इजराइली हमलों ने कम से कम 611 मस्जिदों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है और 214 अन्य मजहबी स्थलों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। 8 दिसंबर को, गाजा की ग्रेट ओमारी मस्जिद को इजराइली हवाई हमले में भारी नुकसान पहुंचा है। इसकी 747 साल पुरानी लाइब्रेरी, जो कभी कुरान की पुरानी प्रतियों सहित दुर्लभ पांडुलिपियों का घर थी, खंडहर में तब्दील हो गई।
इजराइली हमलों में गाजा के सभी तीन चर्चों को नुकसान पहुंचा है। सेंट पोर्फिरियस चर्च, पांचवीं शताब्दी का चर्च और गाजा में सबसे पुराने पूजा स्थलों में से एक, पर 17 अक्टूबर, 2023 को और फिर 30 जुलाई को हमला किया गया था।
इजराइली सेना ने कम से कम 34 खेल सुविधाओं, स्टेडियमों और जिम को नष्ट कर दिया है। अगस्त तक, फिलीस्तीन फुटबॉल एसोसिएशन के अनुसार, युद्ध में कम से कम 410 एथलीट, खेल अधिकारी या कोच मारे गए हैं। इनमें से 297 फुटबॉल खिलाड़ी थे, जिनमें 84 बच्चे शामिल थे, जो फिलीतीन के लिए खेलने का सपना संजोए हुए थे।
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