गाजा पट्टी का घोंटा जा रहा गला.. UN की चेतावनी, You-Tube दिखाकर रोते बच्चों को चुप कराने की कोशिश
UN On Gaza Strip: संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है, कि हफ्ते भर की नाकेबंदी और लगातार हो रही बमबारी से गाजा पट्टी का 'गला घोंटा' दा रहा है। यूएन एक्सपर्ट्स ने गहरी चिंता जताते हुए कहा है, कि युद्ध के आगे बढ़ने और भागने वाले नागरिकों के लिए सुरक्षा की कमी के कारण क्षेत्रीय दुश्मनों को लंबे समय से चल रहे संघर्ष में शामिल होने का खतरा है।
आपको बता दें, कि इजराइल ने गाजा पट्टी की बिजली सप्लाई के साथ साथ भोजन और पानी की भी सप्लाई काट दी है, जिसके बाद स्थिति चरमराने लगी है। संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन राहत प्रमुख, मार्टिन ग्रिफिथ्स ने सोमवार को गाजा में सहायता की सख्त जरूरत को दोहराया है।

ग्रिफिथ्स ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के एक वीडियो में कहा, कि "हमें सहायता के लिए गाजा सिटी में पहुंच की आवश्यकता है। हम इजरायलियों, मिस्रवासियों और अन्य लोगों के साथ गहन चर्चा कर रहे हैं, अमेरिकी विदेश सचिव (एंटनी) ब्लिंकन ने क्षेत्र में अपनी यात्राओं में हमारी काफी मदद की है।"
गाजा पट्टी में हालात हो रहे बेकाबू
आपको बता दें, कि हमास के खिलाफ इजरायल के युद्ध और गाजा में भीषण बमबारी और ग्राउंड ऑपरेशन की आशंकाओं के बीच नागरिक तबाही को एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बढ़ने से रोकने के तत्काल प्रयास के तहत, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन पिछले कुछ दिनों में कई मध्य पूर्वी देशों के दौरे पर रहे हैं।
रविवार को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मुलाकात के बाद, ब्लिंकन ने वादा किया, कि मिस्र में राफा क्रॉसिंग - गज़ान के लिए अंतिम निकास खुला रहेगा। इन सबके बीच इजराइल और हमास, दोनों ने युद्धविराम की खबरों को खारिज कर दिया है। जबकि, इजराइल ने कहा है, कि बंधकों की संख्या में इजाफा हुआ है। इजराइल ने कहा है, कि हमास के आतंकियों ने कम से कम 199 इजराइली लोगों को बंधक बनाकर रखा हुआ है। पहले इजराइल ने बंधकों की संख्या 155 बताई थी।
इज़राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हागारी ने सोमवार को कहा, कि 199 बंधकों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की बड़ी अपील
संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए के कम्युनिकेशन डायरेक्टर ने फिलिस्तीनियों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए गाजा के साथ बॉर्डर क्रॉसिंग खोलने का आह्वान किया है।
जूलियट टौमा ने सोमवार को बताया है, कि "सात अक्टूबर से पहले, यूएनआरडब्ल्यूए इजरायली क्रॉसिंग से आपूर्ति लाता था, इसलिए अभी हम जो मांग कर रहे हैं, वह घेराबंदी हटाने की है। हम तैयार हैं। हम चाहेंगे और हम उन सभी से आग्रह करेंगे, जिनका संघर्ष में शामिल पक्षों पर प्रभाव है कि वे गाजा को खोलें ताकि यूएनआरडब्ल्यूए बहुत आवश्यक आपूर्ति लाने में सक्षम हो सके।"
उन्होंने कहा, कि गाजा में 10 लाख लोगों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिनमें से कम से कम आधे लोगों ने संयुक्त राष्ट्र की सुविधाओं में शरण ली है और भोजन और ईंधन की सख्त जरूरत है।
हालांकि, इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने रविवार को सीएनएन को बताया, कि इजरायल ने दक्षिणी गाजा में पानी बहाल कर दिया है। लेकिन, सोमवार को गाजा के जल प्राधिकरण के निदेशक मुंथर शुबलाक ने उस दावे का खंडन करते हुए सीएनएन को बताया, कि एन्क्लेव में पानी की आपूर्ति नहीं की गई है।
जबकि, नासिर अस्पताल के डॉक्टरों ने सीएनएन को बताया, कि सोमवार को खान यूनिस के अल किज़ान इलाके पर इजरायली हवाई हमले के बाद दस लोग मारे गए। डॉक्टरों ने कहा कि वे सभी एक ही परिवार के सदस्य थे और 23 लोग घायल हुए हैं।
खान यूनिस दक्षिणी गाजा में हैं और इजराइल ने दक्षिणी गाजा के लोगों को फौरन अपना घर खाली कर उत्तरी गाजा जाने के लिए कहा है। जिसके बाद उत्तरी गाजा में शरणार्थियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जबकि पानी और खाने के सामानों की भारी किल्लत की वजह से बच्चों की स्थिति काफी बिगड़ चुकी है।

अस्पतालों में तबाही के हालात
वहीं, डॉक्टरों ने कहा है कि दक्षिणी गाजा में स्थिति खान यूनिस के अस्पतालों में स्थिति "विनाशकारी" है क्योंकि कर्मचारी इजरायली बमबारी से घायल हुए लोगों की संख्या और पानी और बिजली की गंभीर कमी से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
नासिर अस्पताल में आपातकालीन विभाग के निदेशक मोहम्मद कंदील ने कहा, कि "स्थिति भयावह है। पिछले सात दिनों से हमारे यहां घायल नागरिकों का आना लगातार जारी है। अस्पताल में बिस्तरों की संख्या को लगातार बढ़ाया गया है, लेकिन वो काफी कम पड़ रही हैं।"
उन्होंने कहा, कि "पिछले एक घंटे में अस्पताल में 60 गंभीर मरीज पहुंचे हैं और हर मिनट औसतन एक घायल अस्पताल पहुंच रहा है, जिससे स्थिति काफी भयावह हो गई है।"
उन्होंने कहा, कि "अस्पतालें अब और ज्यादा समय के लिए संचालित नहीं हो सकती हैं और बिजली भी बंद है और ईंधन खत्म होने वाले हैं, जिससे अस्पताल के जेनरेटर बहुत जल्द बंद हो जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी और अस्पताल कब्रिस्तान में बदलस जाएगा।"

बच्चों की स्थिति अत्यंत खराब
गाजा पर इज़राइल के लगातार हमले ने माता-पिता को अपने बच्चों को जीवित रखने और उनके मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिसे वे वर्षों में सबसे भयंकर आक्रामकता बता रहे हैं। बमबारी के बीच बच्चे लगातार रोते रहते हैं और दूध जैसी बुनियादी जरूरतें भी उनके पास नहीं पहुंच रही हैं।
कई माता-पिता अपने बच्चों को चुप कराने के लिए यूट्यूब और व्हाट्सएप सहायता समूहों जैसे प्लेटफार्मों पर सलाह ले रहे हैं, लेकिन इंटरनेट कनेक्शन काफी बाधित होने की वजह से वो भी काफी मुश्किल हो रहा है।
बमबारी से बच्चे डरकर रोने लगते हैं और अपने माता-पिता से चिपके रहते हैं। माता-पिता को डर रहता है, कि कहीं कोई बम उनके घरों के ऊपर आकर ना गिर जाए। गाजा में रहने वाले 21 लाख लोगों में से लगभग आधे बच्चे हैं, जो नाकेबंदी और हिंसा की वजह से मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान हो चुके हैं। गैर-लाभकारी संस्था सेव द चिल्ड्रन के 2022 के एक अध्ययन के अनुसार, गाजा एन्क्लेव में पांच में से चार बच्चे डिप्रेशन, दुःख और डर से जूझ रहे हैं।












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