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गैबन में सेना ने सत्ता पर किया कब्जा, अफ्रीका में 3 साल में आठवां तख्तापलट, यूरोप के लिए बजी खतरे की घंटी

नाइजर के बाद अब एक और अफ्रीकी देश गैबन में तख्तापलट हो गया है। सेना के अफसरों ने खुद राष्ट्रीय टेलीविजन पर आकर इसका ऐलान किया है। गैबन में राष्ट्रपति अली बोंगो ने हाल ही में लगातार तीसरी बार चुनाव जीता था।

इसी बीच सेना के अधिकारियों ने टेलीविजन चैनल गैबॉन 24 पर उपस्थित होकर कहा कि उन्होंने सत्ता संभाल ली है और अब से वे सभी सुरक्षा और रक्षा बलों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

Gabon crisis news

इसके साथ ही सेना ने चुनाव परिणाम रद्द करने की भी घोषणा की। सेना ने सभी सरकारी संस्थाएं बंद करने के साथ ही अस्थाई रूप से सभी बॉर्डर्स भी सील कर दिए गए हैं। सैनिकों की घोषणा पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई और राष्ट्रपति बोंगो का पता भी अज्ञात है।

बीते शनिवार को देश में चुनाव परिणाम की घोषणा हुई थी। चुनाव आयोग के मुताबिक बोंगो ने दो-तिहाई वोट से जीत हासिल की थी। हालांकि विपक्ष ने इसे धोखाधड़ी बताया था। गैबन में तख्तापलट से बोंगो परिवार की देश की सत्ता पर 53 साल पुरानी पकड़ खत्म हो गई है।

राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल पर सेना ने कहा कि उन्हें चुनाव पर भरोसा नहीं था, इसलिए उन्होंने ये कदम उठाया है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि ये फैसला गैबन की सभी डिफेंस और मिलिट्री फोर्स की सहमति से लिया गया है।

रॉयटर्स के मुताबिक, तख्तापलट की घोषणा के बाद गैबन की राजधानी लिबरेविले में गोलियों की आवाजें भी सुनी गईं। हालांकि, देश की सरकार या किसी और अधिकारी की तरफ से फिलहाल कोई बयान जारी नहीं हुआ है।

आपको बता दें कि गैबन अफ्रीका के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में से एक है। इस देश का लगभग 90 फीसदी हिस्सा जंगलों से ढका हुआ है। गैबन में हुआ तख्तापलट पिछले तीन वर्षों में अफ्रीका में हुआ आठवां तख्तापलट है।

इससे पहले माली, गिनी, बुर्किना फासो, चाड, नाइजर आदि देशों में सेना से सरकार अपने हाथ में ली थी। ये सभी देश पूर्व में फ्रांसीसी उपनिवेश रह चुके हैं।

इस बीच फ्रांसीसी प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न ने कहा कि उनका देश स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है, जबकि यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने कहा कि सैन्य अधिग्रहण से अफ्रीका में अस्थिरता बढ़ जाएगी। जोसेप बोरेल ने कहा, "यह यूरोप के लिए एक बड़ा मुद्दा है।"

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस बीच, गैबॉन में हजारों लोगों को रोजगार देने वाले फ्रांसीसी खनन समूह एरामेट ने कहा कि उसने सुरक्षा कारणों से देश में सभी काम बंद कर दिए हैं।

अलजजीरा को दिए साक्षात्कार में अफ्रीपोलिटिका के सुरक्षा विश्लेषक, ओविगवे एगुगु ने बताया कि गैबॉन में तख्तापलट पश्चिम अफ्रीका में देखे गए अन्य तख्तापलट के समान नहीं है।

उन्होंने कहा, भले ही ये अचानक हुआ है लेकिन इसमें कोई आश्चर्य की बात जैसा नहीं है। एगुगु ने बताया कि 2019 में भी देश में तख्तापलट की कोशिशें हुई थीं।

इस बीच चीन ने गैबन में सभी पक्षों से राष्ट्रपति अली बोंगो ओन्डिम्बा की सुरक्षा की गारंटी देने का आह्वान किया है।

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