G-20 Summit: 15 देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठक करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, पूरी दुनिया की भारत मंडपम पर नजर
G-20 Summit PM Modi Schedule: भारत में 9 और 10 सितंबर को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का दिल्ली पहुंचने का सिलसिला आज शुरू हो रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा आज दोपहर में दिल्ली पहुंच रहे हैं। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, आज शाम करीब 7 बजे दिल्ली पहुंच रहे हैं।
वहीं, 9 से 10 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के मौके पर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया भर के नेताओं के साथ 15 से ज्यादा द्विपक्षीय बैठकें करने के लिए तैयार हैं। जानकारी के मुताबिक, 8 सितंबर को पीएम मोदी, मॉरीशस, बांग्लादेश और अमेरिका के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

पीएम मोदी करेंगे 15 द्विपक्षीय बैठकें
तय कार्यक्रम के मुताबिक, 9 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी यूके, जापान, जर्मनी और इटली के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके अलावा 10 सितंबर को पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ लंच मीटिंग करेंगे।
इसके अलावा, प्रधान मंत्री मोदी कोमोरोस, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया, ईयू/ईसी, ब्राजील और नाइजीरिया के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने के साथ-साथ कनाडा के राष्ट्रपति जस्टिन ट्रूडो के साथ एक अतिरिक्त बैठक भी करेंगे।
G20 शिखर सम्मेलन से पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच आगामी द्विपक्षीय बैठक के बारे में बात करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा, कि "आप GE जेट इंजन मुद्दों, MQ9 रीपर्स ड्रोन, 5G सहित कई मुद्दों पर सार्थक प्रगति देखेंगे। इसके अलावा 6G, असैन्य परमाणु क्षेत्र के बीच भी हमारे बीच बातचीत होगी।"
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर को लेकर भी बातचीत होने की संभावना है। इन सबके बीच भारत ने 31 रीपर ड्रोन के लिए अमेरिका को ऑर्डर भी दे दिया है।

पुतिन क्यों नहीं आए, चल गया पता!
भारत के पूर्व उप राष्ट्रीय सलाहकार और राजदूत पंकज सरन ने गुरुवार को कहा है, कि भारत की अध्यक्षता में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अनुपस्थिति, मूल रूप से जी7 देशों के साथ मॉस्को के मौजूदा तनाव का परिणाम है।
एएनआई से बात करते हुए सरन ने कहा, कि उनका मानना है कि जी20 शिखर सम्मेलन में पुतिन की अनुपस्थिति का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भारत के साथ उनके संबंधों से कोई लेना-देना नहीं है।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग न लेने की अपनी योजना की घोषणा के बाद, रूसी विदेश मंत्रालय ने 31 अगस्त को सूचित किया था, कि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव अगले सप्ताह भारत में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
सरन ने कहा, कि "मैं जानता हूं, उदाहरण के लिए, रूस और चीन की अनुपस्थिति को लेकर यहां कुछ चिंता है। लेकिन, रूस के मामले पर, मैं सिर्फ यह स्पष्ट करना चाहता हूं, कि मुझे लगता है कि मेरी व्यक्तिगत राय यह है, कि राष्ट्रपति का भारत नहीं आने का फैसला, हमारे प्रधान मंत्री या भारत के साथ उनके संबंधों से कोई लेना-देना नहीं है। यह मूल रूप से जी7 के साथ उनके मौजूदा तनाव का परिणाम है। और यही कारण है कि वह नहीं आ रहे हैं।"
वहीं, भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था, कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनुपस्थिति का जी20 शिखर सम्मेलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा या बैठक में सर्वसम्मति विज्ञप्ति तैयार करने के लिए बातचीत प्रभावित नहीं होगी।












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