क्या अमेरिका ने मोदी सरकार को गिराने की कोशिश की? टेक कंपनियों की साजिश का किसने किया पर्दाफाश? जानें

Funding Against India PM Modi Government: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। यह दौरे बेहद खास होने वाला है, क्योंकि पीएम मोदी अपने दोस्त व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारतीयों के डिपोर्टेशन पर बातचीत कर सकते हैं। इस सबसे बीच, एक चौंकाने वाली खबर सामने आ गई है।

अमेरिका के विदेश विभाग में एक भारत-विरोधी गुट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ डिजिटल सेंसरशिप के जरिए छेड़छाड़ की थी। इसका खुलासा फाउंडेशन फॉर फ्रीडम ऑन-लाइन (FFO) के निदेशक माइक बेन्ज़ ने किया है। उन्होंने बताया कि कैसे अमेरिकी तकनीकी कंपनियों ने भारतीय चुनावों को प्रभावित करने के लिए मोदी समर्थक कंटेंट पर रोक लगाई और इसे 'गलत सूचना' बताकर सेंसर किया।

Funding Against India PM Modi Government

उनके अनुसार, अमेरिका ने 2019 के भारतीय चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएसएआईडी (USAID) और अमेरिकी टेक कंपनियों ने मिलकर पीएम मोदी और भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति अपनाई। आइए विस्तार से जानें...

कैसे रची गई यह साजिश?

1️⃣ सोशल मीडिया पर सेंसरशिप

  • व्हाट्सएप ने 2019 के चुनावों से पहले मैसेज फॉरवर्डिंग सीमित कर दी, जिससे मोदी समर्थकों के डिजिटल प्रचार पर असर पड़ा।
  • फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर ने भी मोदी समर्थक कंटेंट को 'गलत सूचना' बताकर सेंसर किया।

2️⃣अमेरिकी मीडिया और थिंक टैंकों की भूमिका

  • BBC, TIME, New York Times, The Atlantic जैसी मीडिया संस्थाओं ने मोदी सरकार के खिलाफ फर्जी खबरों का प्रचार किया।
  • अटलांटिक काउंसिल, USAID और ग्लोबल एंगेजमेंट सेंटर जैसी संस्थाओं ने मोदी सरकार को गलत ठहराने के लिए रिपोर्ट्स तैयार कीं।

3️⃣ विपक्षी दलों को फंडिंग

  • माइक बेंज के अनुसार, यूएसएआईडी और अन्य अमेरिकी संस्थाओं ने भारत में विपक्षी आंदोलनों को फंडिंग दी।
  • इन संगठनों ने लोकतंत्र को मजबूत करने के नाम पर सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची।

क्या अमेरिका सरकार भी इसमें शामिल था?

  • माइक बेंज ने दावा किया कि अमेरिकी विदेश विभाग की कुछ संस्थाएं इस साजिश का हिस्सा थीं।
  • हालांकि, ट्रंप प्रशासन मोदी के समर्थक थे, लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग के कई अधिकारी ट्रंप की नीतियों के खिलाफ थे और उन्होंने यह सेंसरशिप चलाई।

क्या भारत सरकार इस पर कार्रवाई करेगी?

  • भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में मांग की है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
  • यह खुलासा भारत की साइबर सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

2019 चुनावों में अमेरिका का दखल!

आपको बता दें कि 2019 में भी अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार थी। इसी साल, भारत में लोक सभा चुनाव हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी 300 सीटों के रिकॉर्ड आंकड़े के साथ दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में लौटी। इस दौरान पीएम मोदी ने कई बार अमेरिका का दौरा किया।

यह रिपोर्ट इस बात का संकेत देती है कि अमेरिकी टेक कंपनियों और सरकार से जुड़े संगठनों ने भारत के चुनावों में हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+