PLAYBOY को दुनिया की सबसे चर्चित मैगजीन क्यों कहा जाता है? लड़कियां क्यों थीं इस पत्रिका की दीवानी?
playboy magazine: 1953 में शुरू हुई प्लेबॉय मैगजीन के संस्थापक संस्थापक ह्यू हेफनर थे। उनका 2017 में 91 साल की उम्र में निधन हो गया था। प्लेबॉय अपनी बोल्ड तस्वीरों के लिए हमेशा चर्चा में बनी रहती है।

Image: Oneindia
फ्रांस में इमैनुएल मैक्रों की अगुवाई वाली सरकार की एक महिला मंत्री मार्लिन स्कियाप्पा ने प्लेबॉय मैगजीन के कवर के लिए पोज दिया है। इसके बाद से फ्रांस मे भारी बवाल मचा हुआ है। प्लेबॉय मैगजीन बोल्ड तस्वीरों के लिए जानी जाती है। लिहाजा पार्टी सदस्यों ने मंत्री पर हमला करना शुरू कर दिया है। आलोचकों को फ्रांस की प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न का भी साथ मिल रहा है। प्रधानमंभी ने इस पर आपत्ति जताई है और इसे ऐसे वक्त में गलत बताया है।
मंत्री की हो रही भारी आलोचना
40 वर्षीय मार्लिन स्कियाप्पा देश में सामाजिक अर्थव्यवस्था और फ्रांसीसी संघों की मंत्री हैं। मार्लिन ने प्लेबॉय मैगजीन को 12 पेज का इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने महिला सशक्तिकरण से लेकर समलैंगिकों के अधिकार और गर्भपात जैसे मुद्दों पर अपने विचारों को रखा। इसी इंटरव्यू को कवर करते हुए मैगजीन ने शियापा को कवर पेज पर जगह दी थी, जिसमें उन्होंने सूट पहना हुआ था। बीते कुछ महीनों से फ्रांस सरकार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच एक मंत्री का इस तरह मैगजीन में आना उनके कुछ साथियों से लेकर विपक्षी पार्टियों को भी पसंद नहीं आया है और शियापा को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा है।

मंत्री ने किया फैसले का बचाव
नारीवादी लेखिका और मंत्री मार्लिन स्कियाप्पा ने प्लेबॉय मैगजीन के फ्रंट कवर पर अपनी तस्वीर छपवाने के अपने फैसले का बचाव किया है। मार्लिन ने ट्विटर पर लिखा, "महिलाएं अपने शरीर के साथ जो करना चाहती हैं, कर सकती हैं...और हमें हर जगह, हर समय उनके अधिकार की रक्षा करनी है।" उन्होंने फ्रांसीसी महिलाओं को आजाद बताया है और आलोचना करने वालों को पिछड़ी सोच वाला करार दिया है।
मैग्जीन भी समर्थन में आई
भारी हंगामे के बीच प्लेबॉय मैगजीन ने भी मंत्री मार्लेन का समर्थन किया है। पत्रिका ने कहा कि सभी मंत्रियों में प्लेबॉय के कवर पर आने के लिए सबसे सही मार्लेन ही हैं। वो लंबे वक्त से महिला अधिकार के पक्ष में काम कर रही हैं। प्लेबॉय ने कहा कि उनकी मैग्जीन सॉफ्ट पॉर्न नहीं है, ये महिलाओं के अधिकारों की आवाज बन सकती है। महिलाओं अधिकारों की वकालत के लिए जाने जानी वाली मार्लिन को साल 2017 में फ्रांस में पहली जेंडर इक्वैलिटी मिनिस्टर के तौर पर नियुक्त किया गया था। इस दौरान वह देश में नया यौन उत्पीड़न कानून लेकर आईं, जो सड़क पर महिलाओं का पीछा करने या परेशान करने वाले पुरुषों के खिलाफ तुरंत जुर्माना लगाने की अनुमति देता है।
पहले भी विवादों में रही
मार्लिन स्कियाप्पा इससे पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी हैं। इससे पहले उन्होंने 2010 में अधिक वजन वालों को सेक्स टिप्स देने से जुड़ी एक किताब लिखी थी। इस दौरान भी इस पर काफी हंगामा मचा था। 2017 में उन पर पेरिस में तथाकथित "महिलाओं के लिए नो-गो एरिया" का दौरा करने का आरोप लगाया गया था। वह फ्रांस के प्रधानमंत्री इमैनुएल मैक्रों की खास मानी जाती हैं।
सबसे अधिक बिक्री का रिकॉर्ड
'प्लेबॉय' मैगजीन बोल्ड तस्वीरों के लिए जानी जाती है। इसे दुनिया में पुरुषों के बीच सबसे अधिक बिकने वाली मैगजीन के रूप में जाना जाता है। एक वक्त इसकी लोक्रपियता इतनी बढ़ चुकी थी कि एक महीने में इसकी 70 लाख प्रतियां बिक गई थीं। इसके संस्थापक का नाम ह्यू हेफनर है। साल 1953 में हेफनर ने 8,000 डॉलर कर्ज लेकर 'प्लेबॉय' शुरू किया था। मैगजीन के पहले अंक में ही उन्होंने उस समय की मशहूर अदाकारा मार्लिन मुनरो की न्यूड तस्वीरें प्रकाशित की। हेफनर ने मुनरो की ये तस्वीरें उस वक्त 200 डॉलर में खरीदी थीं, जो 1949 के कैलेंडर के लिए खिंचवाई गई थीं। हेफनर की 2017 में मौत हो गई थी।
कई नामी अभिनेत्रियां बनी कवर का हिस्सा
प्लेबॉय मैगजीन की कवर इमेज को लेकर इसकी अक्सर आलोचना की जाती है। चूंकि पुरुषों के बीच यह पत्रिका बेहद लोकप्रिया थी ऐसे में यह माना जाता था कि अभिनेत्रियां इस मैगजीन के कवर पर आकर मशहूर हो जाती हैं। ऐसे में कई एक्ट्रेस ने अपने डूबते करियर को संवारने के लिए भी इस मैगजीन का सहारा लिया। इसने कई मशहूर हस्तियों को अपने कवर पेज पर जगह दी। मर्लिन मुनरो, चार्लीज़ थेरॉन, नाओमी कैंपबेल, डॉली पार्टन, काइली जेनर, केट मॉस, मैडोना, पेरिस हिल्टन, पामेला एंडरसन, किम कार्दशियन, लिंडसे लोहान, कारमेन इलेक्ट्रा, ड्रयू बैरीमोर, जेनी मैकार्थी आदि इनमें शामिल हैं। भारतीय अभिनेत्री शार्लिन चोपड़ा भी प्लेबॉय के लिए न्यूड फोटोशूट कराकर हंगामा मचा चुकी हैं।












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