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मैनुअल नोरिगा, पनामा का वह तानाशाह जो अपने विरोधियों को मरवा डालता था

पनामा के पूर्व तानाशाह एंटोनिया नोरिगा का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। नोरिगा एक ऐसे तानाशाह थे जिन्‍होंने उन लोगों की मौत का फरमान जारी किया था, जो उनके विरोध में थे।

पनामा सिटी। पनामा के पूर्व तानाशाह एंटोनिया नोरिगा का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। सोमवार देर रात उनकी मृत्‍यु की खबर दुनिया तक पहुंची। नोरिगा किसी समय में अमेरिका के साथी थे लेकिन वर्ष 1989 में अमेरिकी हस्‍तक्षेप के बाद उन्‍हें तानाशाही से हटा दिया गया।

मैनुअल नोरिगा, पनामा का वह तानाशाह जो अपने विरोधियों को मरवा डालता था

अमेरिका के साथ बनते बिगड़ते संबंध

पनामा के राष्‍ट्रपति जुआन कार्लोस वारेला ने उनके निधन की सूचना ट्विटर पर जारी की। उन्‍होंने लिखा, 'मैनुअल ए नोरिगा के निधन के साथ ही पनामा के इतिहास के एक अध्‍याय का अंत हो गया।' नोरिगा को एक ऐसा तानाशाह माना जाता है जिसने उन लोगों की मौत का फरमान जारी किया था, जो उनके विरोध में थे। अमेरिका के साथ हमेशा उनके संबंध कभी बनते तो कभी बिगड़ते। न सिर्फ पनामा बल्कि देश के बाहर भी उनका प्रभाव था। अमेरिका के नॉवेलिस्‍ट और नोरिगा की बायोग्राफी लिखने वाले आरएम कोस्‍टर के मुताबिक अगर पनामा के संबंध दूसरे देशों की इंटेलीजेंस एजेंसियों के साथ हो सके तो इसकी वजह नोरिगा ही थे। नोरिगा ने अमेरिका की इंटेलीजेंस एजेंसी सीआईए के लिए जासूसी की थी। इसके साथ ही वह वर्ष 1983 में पनामा की सेना के मुखिया बनाए गए थे। पनामा में हुए अमेरिकी हमले के दौरान उन्‍हें सेना से हटाकर जेल में डाल दिया गया।

2015 में मांगी सबसे माफी

नोरिगा ब्रेन ट्यूमर के मरीज थे और 28 फरवरी को ही उन्‍हें अस्‍पताल से छुट्टी मिली थी। सूत्रों के मुताबिक उन्‍हें सांस लेने में परेशानी होती थी और उन्‍हें प्रोस्‍टेट कैंसर भी था। इन सबके अलावा वह डिप्रेशन से भी जूझ रहे थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि वह ड्रग्स स्‍मगलिंग और ऐसे दूसरे अपराधों के लिए जेल तक जा चुके थे। वर्ष 1989 में अमेरिकी सेना ने हमला किया और उनकी सरकार गिर गई। इसके बाद वर्ष 1990 में उन्‍होंने सरेंडर कर दिया। उन्‍हें अमेरिका ले जाया गया जहां पर उन्‍हें जेल की सजा हुई। उन पर वर्ष 2010 में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगे थे। एक दौर ऐसा भी आया था जब अमेरिका ने उनकी तलाश के लिए 28 हजार सैनिकों के दस्‍ते को भेजा था और हर घर का दरवाजा खटखटा कर उनकर तलाश की गई। वर्ष 2015 में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी थी।

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