शेख हसीना के करीबियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू, पूर्व कानून मंत्री और सलाहकार गिरफ्तार, हाथ रस्सी से बांधा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई रुकने का नाम नहीं ले रही है। बांग्लादेश पुलिस ने मंगलवार शाम को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के निजी और निवेश सलाहकार सलमान फजलुर रहमान और पूर्व कानून मंत्री अनिसुल हक को हिरासत में ले लिया।

बता दें कि पिछले गुरुवार को छात्र नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों और कार्यवाहक सरकार की स्थापना के बाद हसीना को हटाए जाने के बाद यह हाई-प्रोफाइल अवामी लीग के सदस्यों के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। लेकिन जिस तरह से की तस्वीर बांग्लादेश से सामने आ रही है उसे कतई सही नहीं कहा जा सकता है।

sheikh hasina

सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल

सोशल मीडिया पर जो तस्वीर सामने आई है उसमे देखा जा सकता है कि सलमान एफ रहमान और अनिसुल को ढाका के सदरघाट से भागते समय गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के हाथ को रस्सियों से बांध दिया गया और महज एक घंटे के भीतर इन लोगों के खिलाफ दोहरे हत्याकांड का आरोप लगा दिया गया है।

हत्या का मामला

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मैनुल हसन ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रहमान और हक दोनों पर 16 जुलाई को ढाका कॉलेज के सामने पुलिस के साथ हुई झड़प में एक छात्र और एक रेहड़ी-पटरी वाले की मौत से जुड़े आरोप हैं। इस घटना के कारण शहर में तनाव बढ़ गया है।

भागने की कर रहे थे कोशिश

संसद में ढाका-1 निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले रहमान को हक के साथ उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे कथित तौर पर ढाका के सदरघाट इलाके से नाव से देश से भागने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अधिकारियों द्वारा पकड़े जाने से पहले वे भागने की कोशिश कर रहे थे।

हिंदुओं को बनाया जा रहा निशाना

बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार 5 अगस्त को गिर गई थी। इसके बाद से 48 जिलों में 278 स्थानों पर हमलों और धमकियों की खबर सामने आई है। बांग्लादेश में हिंदुओं के शीर्ष निकाय ने इन घटनाओं को 'हिंदू धर्म पर हमला' बताया है।

बांग्लादेश नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस के सदस्यों ने हाल ही में हुए हमलों में हुए इजाफे का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश में हमारे भी अधिकार हैं, हम यहीं पैदा हुए हैं।

प्रधानमंत्री हसीना के देश से चले जाने के बाद, अल्पसंख्यक हिंदू आबादी ने कई दिनों तक हिंसा झेली। उनके घरों और व्यवसायों को या तो ध्वस्त कर दिया गया या आग लगा दी गई, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति का काफी नुकसान हुआ।

मुहम्मद यूनुस ने धैर्य रखने की अपील की

नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने 8 अगस्त को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार की भूमिका संभाली। उन्होंने ढाकेश्वरी मंदिर का दौरा किया और अपनी सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करने से पहले हिंदू समुदाय से धैर्य रखने का आग्रह किया।

गठबंधन के प्रवक्ता और कार्यकारी सचिव पलाश कांति डे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "बदलते राजनीतिक परिदृश्य के कारण हिंदू समुदाय पर बर्बरता, लूटपाट, आगजनी, जमीन पर कब्जा और देश छोड़ने की धमकियों की घटनाएं लगातार हो रही हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये हमले सिर्फ व्यक्तियों के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि हिंदू धर्म के खिलाफ भी हैं।

गृह मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) एम सखावत हुसैन को हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा से अवगत करा दिया गया है, उन्होंने आश्वासन दिया है कि इन मुद्दों को अगली कैबिनेट बैठक में उठाया जाएगा।

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