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अफगानिस्तान में शांति बहाली को झटका, सैनिकों पर तालिबान ने किया हमला, जबावी कार्रवाई में 5 तालिबानी आतंकी ढेर

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काबुल, अप्रैल 25: अफगानिस्तान में शांति बहाली के लिए कोशिशें लगातार की जा रही हैं लेकिन ऐसा लगा रहा है कि आतंकी संगठन तालिबानी शांति बहाली चाहता ही नहीं है। अफगानिस्तान के बदख्शन राज्य में तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान सैनिकों पर हमला कर दिया लेकिन जबावी कार्रवाई में 5 तालिबानी आतंकी मारे गये हैं वहीं 8 तालिबानी आतंकियों के घायल होने की खबर है। अफगानिस्तान अखबार टोलो टाइम्स के मुताबिक पिछले 12 घंटे के दौरान अफगान फोर्स और तालिबानी आतंकियों के बीच कई जगहों पर मुठभेड़ हुई है, जिसमें कई आतंकी मारे गये हैं। (FILE PHOTO)

afghanistan taliban

तालिबान चाहता है अशांति!

एक आतंकी भला शांति की स्थापना कैसे कर सकता है। तालिबानी आतंकियों को भी ऐसा लगता है जैसे उन्हें शांति कबूल ना हो। बदख्शन प्रांत के शहर-ए-बोजोर्ग में तालिबानी आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन जवाब कार्रवाई में तालिबान के कई आतंकी मारे गये हैं। वहीं, तालिबान की तरफ से इस आतंकी हमले को लेकर अभी तक कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है। वहीं, आतंकी घटना में अहमद फवाद नाम का एक सरकारी कर्मचारी भी मारा गया है। अहमद फवाद अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन में काम करता था लेकिन आतंकियों ने उसकी हत्या कर दी है। पिछले 12 घंटे में अफगानिस्तान में आतंकियों और सेना के बीच गई जगहों पर आमना-सामना हुआ है, जिसमें अभी तक 4 सुरक्षाबलों समेत 2 आम नागरिकों की मौत हुई है। अफगानिस्तान में जैसे जैसे अमेरिकी फौज बाहर निकल रही है, तालिबानी आतंक और बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 3 महीनों के दौरान तालिबान कई आतंकी वारदातों को अंजाम दे चुका है।

अफगानिस्तान से निकल रही है 'शांति सेना'

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में अमेरिका- अफगानिस्तान और तालिबान के बीच शांति समझौता कतर में हुआ था। जिसके तहत अमेरिका अपनी फौज को अफगानिस्तान से निकाल रहा है। 13000 अमेरिकी फौज में अब अफगानिस्तान में सिर्फ 2500 सैनिक बचे हैं, जिन्हें वापस बुलाने पर अमेरिका में माथापच्ची जारी है। दरअसल, अमेरिकी फौज के कम होते ही तालिबान ने फिर से अफगानिस्तान में दहशत फैलाना शुरू कर दिया। पिछले दो महीने के दौरान अफगानिस्तान में कई बम ब्लास्ट हो चुके हैं, लिहाजा अमेरिका का सेना बुलाने का दांव उल्टा पड़ता जा रहा है। अब अमेरिका के सामने सबसे बड़ा डर ये है कि अगर अफगानिस्तान में फिर से आतंकी संगठन फलते-फूलते हैं तो उनका पहला टार्गेट अमेरिका ही होगा। इस्ट इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर मार्विन वीनबम का मानना है कि 'अफगानिस्तान-तालिबान-अमेरिका शांति समझौता में तालिबान सिर्फ इतना मान रहा है कि उसने अमेरिकी फौज को निशाना बनाना बंद कर दिया है, इससे ज्यादा तालिबान कुछ नहीं मान रहा है'। दरअसल, अमेरिका ने अब मानना शुरू कर दिया है कि ताबिलान से एग्रीमेंट कर वो फंस गया है और जैसे जैसे अमेरिकी फौज को वापस बुलाने की तारीख नजदीक आ जा रही है अमेरिका के लिए स्थिति और खराब होती जा रही है, ऐसे में सवाल बस यही बचता है, कि आखिर अब जो बाइडेन प्रशासन अपनी सेना को क्या ऑर्डर देगा?

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English summary
In Afghanistan, 5 Taliban militants have been killed in an encounter with security forces, while 8 people have been injured.
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