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First Space Child:अंतरिक्ष में कब होगा बच्चे का जन्म वैज्ञानिक ने दिया जवाब, बताया क्यों है यह मुश्किल चुनौती

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नई दिल्ली। धरती पर जिस रफ्तार से पिछले कुछ दशकों में आबादी बढ़ी है और यह रफ्तार बदस्तूर जारी है उसे देखते हुए दूसरे विकल्प की तलाश बहुत जरूरी नजर आने लगी है। हालांकि तमाम देश आबादी पर नियंत्रण लगाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बावजूद इसके यह कोशिश नाकाफी है। यही वजह है कि दुनियाभर के वैज्ञानिक धरती के बाहर दूसरे ग्रह पर जीवन तलाशने की कई दशक से कोशिश कर रहे हैं। वैज्ञानिकों ने चांद से लेकर, मंगल ग्रह तक सैटेलाइट भेजी है और अलग-अलग ग्रहों पर जीवन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

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अंतरिक्ष में बच्चे के जन्म में क्या चुनौती है ?

अंतरिक्ष में बच्चे के जन्म में क्या चुनौती है ?

तकरीबन 50 साल पहले वैज्ञानिकों ने चांद पर पहली बार कदम रखा था। अब दुनियाभर की अलग-अलग कंपनियां अंतरिक्ष में लोगों को ले जाने में सक्षम हैं। ऐसे में आने वाले सालों में अगर इंसान धरती छोड़ दूसरे ग्रह पर बसने लगे तो इसपर हमे आश्चर्य नहीं होना चाहिए। इन सब के बीच बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर धरती से बाहर दूसरे ग्रह पर कब पहला बच्चा जन्म लेगा।यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के एस्ट्रोनॉमी प्रोफेसर क्रिस इंपी ने इस सवाल का जवाब देने की कोशिश की है। लेकिन इस सवाल के जवाब से पहले में हमे यह समझने की जरूरत है कि दूसरे ग्रह पर पुरुष और महिला के प्रजनन पर क्या फर्क पड़ेगा, मां और नवजात बच्चे के स्वास्थ्य पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। कम गुरुत्वाकर्षण और अंतरिक्ष में रेडिएशन का क्या असर होगा। यही वजह है कि अंतरिक्ष पर अभी तक किसी भी जोड़े ने यौन संबंध नहीं बनाया है और ना ही कोई गर्भवती महिला अभी तक अंतरिक्ष की यात्रा पर गई है।

पहले जानवरों पर हुए प्रयोग

पहले जानवरों पर हुए प्रयोग

हालांकि इस तरह के प्रयोग जानवरों पर 1979 में किए गए थे जब रूस के कुछ वैज्ञानिकों ने नर और मादा चूहों को अंतरिक्ष में भेजा था और 18 दिन तक उन्हें प्रजनन करने की आजादी दी थी। लेकिन इस दौरान चूहों ने एक भी बच्चे को जन्म नहीं दिया, हालांकि यह बात सामने आई थी कि दो मादा चूहिया गर्भवती हुई थीं लेकिन उनका एबॉर्शन हो गया था। यही वजह है कि इसके बाद तय किया गया कि जानवरों की बजाए सिर्फ सेक्स सेल के जरिए अंतरिक्ष में प्रयोग किया जाएगा। जिसके बाद 2017 में एक चूहिया ने पहली बार अंतरिक्ष में बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद नासा ने स्पेसएक्स के जरिए इंसानों के सीमन को अंतरिक्ष में भेजा जिससे कि यह पता लगाया जा सके कि इसपर अंतरिक्ष में क्या असर होता है।

अमेरिका में सख्त नियम

अमेरिका में सख्त नियम

वर्ष 1991 की बात करें तो नासा के दो वैज्ञानिकों ने गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी और इन लोगों ने अपने रिश्ते के बारे में अपने सीनियर्स को नहीं बताया था क्योंकि अमेरिका में शादीशुदा जोड़े को एक साथ अंतरिक्ष पर जाना गैरकानूनी है। इस कानून की एक बड़ी वजह यह है कि अंतरिक्ष में दंपति यौन संबंध ना बनाए क्योंकि यह स्वास्थ्य के हानिकारक हो सकता है। लेकिन बाद में इस दंपति का सच सामने आने के बाद इसे लिखित कानून बनाया गया कि कोई भी शादीशुदा जोड़ा एक साथ अंतरिक्ष पर नहीं जा सकता है और ना ही यौन संबंध बना सकता है।

गर्भवती महिला को भेजने की तैयारी

गर्भवती महिला को भेजने की तैयारी

क्रिस इंपी ने शोध पत्र में लिखा है कि तकरीबन 30 साल के बाद इंसान अंतरिक्ष में रहने लगेगा और जब इंसान अंतरिक्ष में रहेगा तो वो हमेशा रिसर्च या काम तो करेगा नहीं लिहाजा वह आराम करेगा, यौन संबंध बनाएगा, बच्चे पैदा करेगा। यानि मानकर चलिए कि 2051 के आसपास अंतरिक्ष में इंसान का बच्चा जन्म ले लेगा। इंपी ने अपने शोध पत्र में लिखा है कि डेनमार्क का एक स्टार्टअप स्पेसलाइफ ओरिजिन गर्भवती महिला को धरती से 400 किलोमीटर दूर भेजने की तैयारी कर रहा है। लेकिन इस बीच तमाम देशों में एक प्रतिस्पर्धा चल रही है कि अंतरिक्ष पर किसका प्रभुत्व होगा, कई सरकारें और कंपनियां इस क्षेत्र में काम कर रही हैं। यही वजह है कि माना जा रहा है कि अंतरिक्ष में पहले बच्चे का जन्म जल्द ही होगा और जिस देश के व्यक्ति का यह बच्चा अंतरिक्ष में जन्म लेगा वह इसपर अपना दावा ठोकेगा।

अंतरिक्ष में बसने की होड़

अंतरिक्ष में बसने की होड़

बतौर किसी एक व्यक्ति की बात करें जिसने अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है तो वह कोई और नहीं बल्कि एलन मस्क हैं। निजी कंपनी स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क नासा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। स्पेसएक्स ने नासा के साथ अर्टेमिस कार्यक्रम की शुरुआत की है, इसके तहत इंसानों को चांद और मंगल ग्रह पर ले जाया जएगा। मस्क चाहते हैं कि 100 इंसानों को चांद और मंगल ग्रह तक पहुंचाया जाए। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि आखिर यह कब होगा। इस रेस में अमेजन के मालिक जेफ बेजॉस भी शामिल हैं उनकी कंपनी ब्लू ओरिजिंस भी सौर मंडल में अपनी कॉलोनी स्थापित करना चाहती है। चीन और रूस 2036 से 2045 के बीच चांद पर बेस स्टेशन बनाने की तैयारी में हैं जबकि नासा 2024 तक इंसानों को चांद पर भेजने की योजना बना चुका है और इस मिशन में स्पेसएक्स नासा की मदद करेगा।

English summary
First Child on space all you need to know how when and what are the challenges.
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