FBI चीफ खालिस्तानी पन्नून की 'हत्या की साजिश' का जवाब मांगने आएंगे दिल्ली, भारत के खिलाफ कहां तक जाएगा US?
FBI Chief India Visit: अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के इस आरोप के बाद, कि खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश में भारतीय नागरिक शामिल है, ये विवाद बढ़ता जा रहा है और अमेरिका, अलग अलग तरह से भारत पर प्रेशर बना रहा है। वो भी तब, जबकि भारत ने कहा है, कि वो पन्नून की हत्या की साजिश के मामले में एक हाई-लेवल टीम का गठन कर चुका है और उसकी जांच के बाद फॉलोअप कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन, अब अमेरिका ने अपने एफबीआई चीफ को भारत भेजने का फैसला किया है और एफबीआई के डायरेक्टर क्रिस्टोफर ए रे अगले सप्ताह भारत का दौरा करने वाले हैं। .
सूत्रों के मुताबिक, 11-12 दिसंबर को यहां आने वाले एफबीआई चीफ के भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) प्रमुख दिनकर गुप्ता के साथ तीन प्रमुख मुद्दे उठाने की उम्मीद है: खालिस्तान आतंकवाद, गैंगस्टर सांठगांठ और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद।

12 सालों के बाद एफबीआई चीफ की भारत यात्रा
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने कहा है, कि "तैयारियां शुरू हो गई हैं और एनआईए, प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) संगठन के संस्थापक वांटेड 'व्यक्तिगत आतंकवादी' पन्नून के खिलाफ मामलों और सबूतों सहित कई मुद्दों पर चर्चा करेगी।"
सूत्रों ने कहा, कि भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए, "अमेरिका स्थित गैंगस्टर दरमनजोत सिंह काहलों, जिसने लोकप्रिय पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को खत्म करने के लिए हथियार मुहैया कराए थे और जिसने खालिस्तान समर्थक मार्च में सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में तोड़फोड़ की थी, उसके खिलाफ भी सबूत एफबीआई चीफ को देगी"।
सूत्रों ने कहा कि एफबीआई चीफ रे, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने कहा, कि "आमतौर पर, एनआईए और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारी अपने मामलों और अपराधियों पर चर्चा करने के लिए एफबीआई के कानूनी अताशे से मिलते हैं। लेकिन, यह पहली बार है, कि वे एफबीआई निदेशक के सामने सभी सबूत और मामले पेश करने जा रहे हैं।"
सूत्रों ने कहा, कि एफबीआई डायरेक्टर के साथ एफबीआई कानूनी अताशे टीम, अमेरिकी दूतावास के कर्मी और राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन अधिकारी भी होंगे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संपर्क करने पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, कि "मुझे इस पर टिप्पणी करने के लिए कुछ नहीं है।"
इस सप्ताह की शुरुआत में, व्हाइट हाउस ने पुष्टि की थी, कि पन्नून की हत्या की कथित साजिश पर उसके दौरे पर आए प्रधान उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन फाइनर और शीर्ष भारतीय अधिकारियों के बीच बैठकों में चर्चा हुई थी। फाइनर ने सोमवार को एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी।
29 नवंबर को, अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने 52 साल के भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर पन्नून को मारने की कथित साजिश में एक अज्ञात भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ काम करने का आरोप लगाया। अमेरिकी अभियोजकों ने मैनहट्टन अदालत को सूचित किया है, कि चेक गणराज्य के अधिकारियों ने गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।
इंडियन एक्सप्रेस की ही एक रिपोर्ट में पहले बताया गया था, कि निखिल गुप्ता को अभियोग दायर होने से कुछ दिन पहले नवंबर के मध्य में प्राग में एक उच्च सुरक्षा जेल सुविधा से अमेरिकी क्षेत्राधिकार में ट्रांसफर कर दिया गया था।
भारत ने इसे ''चिंता का विषय'' बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की घोषणा की थी। पन्नून विभिन्न आतंकी आरोपों में भारतीय जांच एजेंसियों द्वारा वांटेड है।
फाइनेंशियल टाइम्स ने अनाम स्रोतों का हवाला देते हुए पहली बार पिछले महीने रिपोर्ट दी थी, कि अमेरिकी अधिकारियों ने पन्नून की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया था, और इस साजिश में शामिल होने की चिंताओं पर भारत सरकार को चेतावनी जारी की थी।












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