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कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए चीन के रुइली शहर में इस्तेमाल की जा रही चेहरे की पहचान तकनीक

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बीजिंग, 13 जुलाई। कोरोना पर काबू पाने के लिए म्यांमार की सीमा से लगे एक चीनी शहर रुइली में व्यक्तिगत स्वास्थ्य कोड से जुड़ी चेहरे की पहचान तकनीक को शुरू किया गया है। चीन उन देशों में से एक है जहां की सरकार अपने नागरिकों की सबसे अधिक निगरानी करती है। देश के नागरिकों की पल-पल की निगरानी करने के लिए पिछले 5 सालों में सरकार ने कई सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाए हैं। चीनी सरकार जल्द से जल्द सार्वजनिक स्थानों पर 200 मिलियन से अधिक कैमरे लगाने की तैयारी कर रही है।

Facial recognition

हालांकि, वर्तमान में कोरोना पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर चीनी नागरिकों की निगरानी की जा रही है। वहीं चीन दुनिया का ऐसा पहला देश है जहां कोरोना परीक्षणों को जांचने और संपर्कों का पता लगाने के लिए क्यूआर कोड प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। लेकिन यह पहली बार सामने आया है कि चीन में किसी व्यक्ति की गतिविधियों और उसके स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाने के लिए चेहरे की पहचान तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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खबरों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को बाजार, सुपरमार्केट, आवासीय परिसर परिवहन केंद्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाने और वहां से बाहर निकलने के दौरान अपना स्वास्थ्य कोड और अपना चेहरा स्कैन करने की आवश्यकता होगी। रुइली के अधिकारियों ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी। मंगलवार को प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार रुइली में पिछले सप्ताह कोरोना के 155 मामले सामने आए।

स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि कोरोना के प्रकोप से बचने के लिए मुख्य स्थानों पर चेहरे की पहचान तकनीक, स्मार्ड डोल लॉक और रोड बैरियर्स लगाए गए हैं। मुख्य स्थानों पर लगाए गए स्कैनरों से व्यक्ति का तापमान भी मांपा जा सकेगा।


2 लाख 10 हजार की आबादी वाला रुइली म्यांमार की सीमा से लगा एक ऐसा क्षेत्र है जहां से म्यांमार के लोग आसानी से चीन में घुस सकते हैं। म्यांमार में हुए सैन्य तख्ता पलट के बाद हिंसा से बचने के लिए काफी लोग म्यांमार से रुइली के रास्ते चीन में दाखिल हुए हैं। पिछले सप्ताह रुइली में जो कोरोना के मामले मिले उनमें से आधे म्यांमार के नागरिक थे। कोरोना को खत्म करने के लिए चीन जीरो टॉलरेंस रणनीति पर काम कर रहा है। वुहान में साल 2019 में मिले कोरोना के पहले मामले के बाद कोरोना पर काबू पाने के लिए चीन ने कई कड़े नियम लागू किये हैं।

हालांकि चीन ने कोरोना के पर काबू पाने के लिए जिस तरह से निगरानी करने वाली तकनीक में बढोत्तरी की है उससे लोगों की निजता को लेकर खतरा बढ़ गया है। लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री और उनके कोरोना वायरस टैस्ट की निगरानी करने के लिए इस्तेमाल की जा रहीं ऐप्स को ई कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ने विकसित किया है और ये ऐप्स पुलिस के साथ इस डाटा को साझा करती हैं। जनवरी में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक जांच में इस बात का खुलासा हुआ था।

हालांकि चीन के मानवाधिकार समूहों ने चीन के इस सर्वव्यापी निगरानी जाल की यह कहते हुए आलोचना की है कि इसका उपयोग लोगों को शांत करने और अल्पसंख्यक जातीय समूहों को निशाना करने के लिए किया जा रहा है।

English summary
Facial recognition technology being used in China's Ruili city to control the coronavirus
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