300 से ज्यादा अकाउंट को फेसबुक ने किया ब्लॉक, वैक्सीन लेने पर चिंपैंजी बनने की फैला रहे थे अफवाह
नई दिल्ली, 13 अगस्त: जब से कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान चल रहा, तब से सोशल मीडिया पर नई-नई अफवाहें फैलाई जा रही हैं। कुछ लोग दावा कर रहे थे कि एस्ट्राजेनेका और फाइजर की कोरोना वैक्सीन इंसानों को चिंपैंजी में बदल देगी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहुत सी पोस्ट भी डाली गईं। जिन पर अब कार्रवाई करते हुए फेसबुक ने 300 से ज्यादा अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है।

फेसबुक के मुताबिक जिन खातों पर कार्रवाई की गई है, वो रूसी दुष्प्रचार नेटवर्क से जुड़े थे। आमतौर पर ये अकाउंट भारत, लैटिन अमेरिका और अमेरिका में यूजर्स को टारगेट कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक दुष्प्राचर वाले नेटवर्क ने शुरू में नवंबर और दिसंबर 2020 में मीम्स और टिप्पणियां पोस्ट कीं। जिसमें दावा किया गया कि एस्ट्राजेनेका कोविड -19 वैक्सीन लोगों को चिंपैंजी में बदल देगी। पांच महीने बाद मई में फिर से इसी तरह की पोस्ट देखने को मिलीं। कुछ अकाउंट लगातार फाइजर वैक्सीन पर सवाल उठा रहे थे। जिस वजह से फेसबुक को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा।
मामले में फेसबुक के अधिकारी बेन निम्मो ने कहा कि विदेशी हस्ताक्षेप नीति का उल्लंघन करने पर फेसबुक ने 65 और इंस्टाग्राम ने 243 अकाउंट को हटा दिया है। ये सभी एक विदेशी संस्था की ओर से चलाए जा रहे थे। ये नेटवर्क एक दर्जन से अधिक प्लेटफार्मों और मंचों पर काम करता था, लेकिन लोगों को जुटाने में विफल रहा। फेसबुक की जांच में अफवाह फैलाने वाले अभियान और मार्केटिंग एजेंसी फैज के बीच संबंध पाए गए। जिस वजह से उस पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
ये थी अफवाह
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में रूसी दुष्प्रचार नेटवर्क से जुड़े शख्स ने लिखा कि एस्ट्राजेनेका ने चिंपैंजी के जीन पर आधारित एक टीका बनाया। जिसमें कुछ साइड-इफेक्ट दिखे थे। ऐसे में इस पर तुरंत बैन लगा देना चाहिए था, लेकिन सरकारों ने ऐसा नहीं किया। जिस वजह से इसको लेने वाले लोग चिंपैंजी बन जाएंगे। इसके लिए बकायदा #AstraZenecakills, #AstraZenecalies, #stopAstraZeneca ट्रेंड भी चलाया गया।












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